सरकार के एक फैसले के बाद 3.5% तक चढ़े गैस स्टॉक्स, Adani Total Gas सहित इन शेयरों में तेजी
सरकार ने घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन बढ़ाने के लिए नई प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है. इसके बाद IGL, MGL और Adani Total Gas के शेयरों में 3.5 फीसदी तक तेजी आई. योजना के तहत सितंबर से हर नए सक्रिय घरेलू PNG कनेक्शन पर गैस कंपनियों को 200 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर सस्ती घरेलू गैस मिलेगी. इससे कनेक्शन का खर्च वसूलने की अवधि करीब 10 साल से घटकर 3 साल हो सकती है. सरकार का लक्ष्य LPG आयात और सब्सिडी खर्च घटाना है.

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड, महानगर गैस और अडानी टोटल गैस के शेयरों में बुधवार को तेजी देखने को मिली. आईजीएल का शेयर 3.5 फीसदी तक चढ़ा. एमजीएल में 3.3 फीसदी और अडानी टोटल गैस में 2.2 फीसदी तक की बढ़त रही. शेयरों में यह तेजी सरकार की नई प्रोत्साहन योजना के बाद आई है. इस योजना का मकसद घरों में पाइप से मिलने वाली नेचुरल गैस यानी पीएनजी के कनेक्शन बढ़ाना है. सरकार को उम्मीद है कि इससे एलपीजी आयात पर निर्भरता और सब्सिडी का बोझ कम करने में मदद मिलेगी.
पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के लिए सरकार की नई योजना
सरकार ने शहरों में गैस डिस्ट्रब्यूशन करने वाली कंपनियों को घरेलू पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन देने का फैसला किया है. यह योजना सितंबर से लागू होगी. इसके तहत हर ऐसे नए घरेलू कनेक्शन पर गैस कंपनियों को अतिरिक्त 200 मानक घन मीटर सस्ती घरेलू गैस मिलेगी, जहां कंज्यूमर पीएनजी का इस्तेमाल शुरू करके पेमेंट भी करता है. इससे कंपनियों को नए ग्राहकों को जोड़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा.
आईजीएल एमजीएल और अडानी टोटल गैस को कैसे फायदा
नई योजना से शहरों में गैस डिस्ट्रब्यूशन करने वाली कंपनियों की गैस खरीद लागत कम हो सकती है. सरकार के अनुसार इससे नए पीएनजी कनेक्शन पर किया गया निवेश करीब 3 साल में वापस आने की संभावना है. अभी ऐसे निवेश की भरपाई में करीब 10 साल लगते हैं. इससे आईजीएल एमजीएल और अडानी टोटल गैस जैसी कंपनियों को नए घरेलू ग्राहक जोड़ने और पाइपलाइन नेटवर्क बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
देश में एलपीजी की जगह पीएनजी पर जोर
भारत अपनी एलपीजी जरूरत का करीब 60 फीसदी हिस्सा आयात करता है. साल 2025 में देश ने करीब 2.2 करोड़ टन एलपीजी का आयात किया था. इस पर करीब 12 अरब डॉलर खर्च हुए थे. मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण ईंधन की सप्ला्ई और आयात लागत पर दबाव बढ़ा है. ऐसे में सरकार घरेलू पीएनजी कनेक्शन बढ़ाकर एलपीजी आयात पर निर्भरता कम करना चाहती है.
पीएनजी और एलपीजी कनेक्शन में बड़ा अंतर
सरकार के अनुसार देश में फिलहाल करीब 1.74 करोड़ घरेलू पीएनजी कनेक्शन हैं. इसके मुकाबले 1 जुलाई तक सक्रिय घरेलू एलपीजी ग्राहकों की संख्या करीब 33.14 करोड़ थी. इससे पता चलता है कि घरेलू खाना पकाने के ईंधन के बाजार में पीएनजी के विस्तार की काफी गुंजाइश है. सरकार इसी अंतर को कम करने के लिए गैस कंपनियों को नए कनेक्शन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.
यह भी पढ़ें- ₹8094 करोड़ का ऑर्डर बुक, BMW और Volkswagen हैं कस्टमर; इस स्मॉल कैप पर रखें नजर
नए कनेक्शन के लिए डिजिटल पोर्टल भी बनेगा
सरकार घरेलू पीएनजी कनेक्शन के लिए एक साझा डिजिटल पोर्टल तैयार कर रही है. इस पोर्टल के जरिए उपभोक्ता एक ही जगह से नए कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे और आवेदन की स्थिति भी देख सकेंगे. इसके अलावा एलपीजी सिलेंडर छोड़ने के लिए पोर्टल और आवासीय सोसाइटियों को एलपीजी से पीएनजी पर लाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं. इन कदमों से देश में पीएनजी का इस्तेमाल बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.