Jio की ग्लोबल छलांग, लिस्टिंग के बाद दुनिया की टॉप-5 टेलीकॉम कंपनियों में शामिल, Deutsche Telekom को पछाड़ा

Jio Platforms ने शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद वैश्विक टेलीकॉम इंडस्ट्री में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. 137.3 अरब डॉलर यानी करीब 13.1 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ कंपनी दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन गई है. Jio ने जर्मनी की Deutsche Telekom को पीछे छोड़ दिया है. चीन की China Mobile इस सूची में पहले स्थान पर है. जानिए Jio की ग्लोबल रैंकिंग, मार्केट कैप और दुनिया की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों के मुकाबले इसकी वैल्यूएशन कितनी है.

Jio ने 135.5 अरब डॉलर के मार्केट कैप वाली Deutsche Telekom को पीछे छोड़ा. Image Credit: Avishek Das/SOPA Images/LightRocket via Getty Images

Jio Platforms ने शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद ग्लोबल टेलीकॉम इंडस्ट्री में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी 137.3 अरब डॉलर यानी करीब 13.1 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ दुनिया की पांचवा सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन गई है. इस मामले में Jio ने जर्मनी की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी Deutsche Telekom को पीछे छोड़ दिया है. Jio की इस एंट्री के साथ भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की वैश्विक बाजार में स्थिति और मजबूत हुई है. हालांकि, दुनिया की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों के मुकाबले Jio का वैल्यूएशन काफी हाई है.

दुनिया की टॉप-5 टेलीकॉम कंपनियों में Jio

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद Jio Platforms का मार्केट कैप 137.3 अरब डॉलर पर पहुंच गया. इसके साथ कंपनी ने ग्लोबल टेलीकॉम कंपनियों की रैंकिंग में पांचवा स्थान हासिल किया. Jio ने 135.5 अरब डॉलर के मार्केट कैप वाली Deutsche Telekom को पीछे छोड़ दिया है.

ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, चीन की China Mobile 220.3 अरब डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है. अमेरिका की Verizon 182.1 अरब डॉलर के मार्केट कैप के साथ दूसरे और T-Mobile US 157.5 अरब डॉलर के मार्केट कैप के साथ तीसरे स्थान पर है. Jio Platforms इस सूची में पांचवें स्थान पर है.

दुनिया की टॉप टेलीकॉम कंपनियां: मार्केट कैप के हिसाब से

रैंककंपनीमुख्यालयमार्केट कैप
1China Mobileचीन220.3 अरब डॉलर
2Verizonअमेरिका182.1 अरब डॉलर
3T-Mobile USअमेरिका157.5 अरब डॉलर
4. AT&Tअमेरिका141.1 अरब डॉलर
5Jio Platformsभारत137.3 अरब डॉलर
6Deutsche Telekomजर्मनी135.5 अरब डॉलर
सोर्स- ब्लूमबर्ग

डिजिटल कारोबार से Jio को मिला प्रीमियम

Jio Platforms की वैल्यूएशन के पीछे उसके कारोबार की प्रकृति अहम मानी जा रही है. कंपनी देशभर में डिजिटल कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराती है. इसकी 4G और 5G नेटवर्क पर बेस्ड सर्विस और खुद के डिजिटल प्लेटफॉर्म इसे ट्रेडिशनल टेलीकॉम कंपनियों से अलग बनाते हैं.

दुनिया की कई बड़ी टेलीकॉम कंपनियां लंबे समय से कारोबार कर रही हैं और उनके पास पुराने 2G और 3G नेटवर्क का इंफ्रास्ट्रक्चर भी है. इसके मुकाबले Jio का कारोबार अपने कंपटीटर से नया है. इसी अंतर के कारण बाजार Jio को ज्यादा वैल्यूएशन दे रहा है. हालांकि, यह प्रीमियम कंपनी की भविष्य की ग्रोथ और कमाई को लेकर निवेशकों की उम्मीदों को भी दिखाता है.

ग्लोबल कंपनियों के मुकाबले कितना है Jio का P/E?

Jio Platforms की वैल्यूएशन को समझने के लिए उसका प्राइस-टू-अर्निंग यानी P/E मल्टीपल भी अहम है. बुधवार के मार्केट कैप और वित्त वर्ष 2026 के शुद्ध मुनाफे के आधार पर कंपनी का P/E मल्टीपल 43.5 है.

इसके मुकाबले दुनिया की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों का P/E मल्टीपल 8 से 14 के बीच है. यानी इन कंपनियों के मुकाबले Jio का वैल्यूएशन काफी ज्यादा है. इसकी वजह कंपनी के डिजिटल कारोबार और भविष्य में ग्रोथ की संभावनाओं को लेकर बाजार की उम्मीदें हो सकती हैं.

भारत में Jio की करीबी कंपटीटर Bharti Airtel का P/E मल्टीपल 45.6 है. इस लिहाज से Jio का P/E Airtel से थोड़ा कम है, लेकिन वैश्विक टेलीकॉम कंपनियों के मुकाबले दोनों भारतीय कंपनियों का वैल्यूएशन ऊंचा है.

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2019 में हुई थी Jio Platforms की शुरुआत

Jio Platforms को साल 2019 में शामिल किया गया था. कंपनी पूरे भारत में डिजिटल कनेक्टिविटी और डिजिटल सर्विस का कारोबार करती है. शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद दुनिया की टॉप-5 टेलीकॉम कंपनियों में शामिल होना कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि है.

हालांकि, हाई मार्केट कैप अपने आप में यह साबित नहीं करता कि शेयर सस्ता है या आगे भी तेजी जारी रहेगी. निवेशकों के लिए कंपनी की कमाई में बढ़ोतरी, कारोबार की ग्रोथ और मौजूदा वैल्यूएशन को समझना जरूरी होगा.