Jio की लिस्टिंग से बदली बाजार की तस्वीर, टॉप 5 से बाहर हुआ TCS; रिलायंस ग्रुप बना सबसे बड़ा कारोबारी समूह

रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में दमदार लिस्टिंग ने देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनियों की रैंकिंग बदल दी है. 1119 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर 1358 रुपये पर लिस्ट हुआ. कंपनी का मार्केट कैप करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया और वह दूसरे स्थान पर आ गई. वहीं, TCS के शेयर करीब 3.5 फीसदी टूटने से कंपनी टॉप 5 से बाहर होकर छठे स्थान पर पहुंच गई.

रिलायंस समूह का संयुक्त मार्केट कैप 28 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा और उसने टाटा समूह को पीछे छोड़ दिया. Image Credit: NSE

रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में दमदार लिस्टिंग ने देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनियों की रैंकिंग बदल दी है. दशकों में पहली बार टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS भारत की टॉप 5 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों की लिस्ट से बाहर हो गई है. वहीं, जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है. इसके साथ ही जियो देश की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन गई है. दूसरी तरफ, आईटी शेयरों में बिकवाली के चलते TCS के शेयर करीब 3.5 फीसदी टूट गए और कंपनी छठे पायदान पर खिसक गई.

जियो की दमदार लिस्टिंग

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स का 30213 करोड़ रुपये का IPO बुधवार, 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्ट हुआ. कंपनी के शेयर 1119 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 1358 रुपये पर खुले. इस तरह IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग पर करीब 21.36 फीसदी का फायदा मिला.

लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का मार्केट कैप बढ़कर करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. इसके साथ ही कंपनी ने देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनियों की लिस्ट में दूसरा स्थान हासिल कर लिया. जियो की इस एंट्री से बाजार में कंपनियों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला.

TCS के शेयर 3.5 फीसदी टूटे

जियो की लिस्टिंग के दिन TCS के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. कंपनी का शेयर करीब 3.5 फीसदी गिरकर 2411.70 रुपये पर आ गया. इसके चलते TCS का मार्केट कैप घटकर करीब 8.76 लाख करोड़ रुपये रह गया और कंपनी टॉप 5 की लिस्ट से बाहर होकर छठे स्थान पर पहुंच गई.

आईटी शेयरों में बिकवाली का असर भी TCS पर दिखा. बाजार में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले निवेशकों की सतर्कता के चलते दबाव रहा. आईटी सेक्टर में करीब 3.3 फीसदी की गिरावट आई. Infosys के शेयर करीब 4.4 फीसदी और HCLTech के शेयर करीब 3 फीसदी टूटे.

देश की टॉप 5 कंपनियों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव

  • पहला स्थान: रिलायंस इंडस्ट्रीज, मार्केट कैप करीब 16.20 लाख करोड़ रुपये
  • दूसरा स्थान: जियो प्लेटफॉर्म्स, मार्केट कैप करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये
  • तीसरा स्थान: भारती एयरटेल, मार्केट कैप करीब 12.07 लाख करोड़ रुपये
  • चौथा स्थान: HDFC बैंक, मार्केट कैप करीब 10.44 लाख करोड़ रुपये
  • पांचवां स्थान: ICICI बैंक, मार्केट कैप करीब 9.83 लाख करोड़ रुपये

इस बदलाव के साथ दशकों में पहली बार ऐसा हुआ कि टाटा समूह और अडानी समूह की कोई भी कंपनी देश की पांच सबसे वैल्यूएबल लिस्टेड कंपनियों में शामिल नहीं रही.

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टाटा ग्रुप को पीछे छोड़ा

जियो की लिस्टिंग से रिलायंस समूह की टोटल मार्केट कैप भी बढ़ गई है. रिलायंस समूह की कंपनियों का ज्वाइंट मार्केट कैप 28 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया. इसके साथ ही रिलायंस समूह ने करीब 26 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाले टाटा समूह को पीछे छोड़ दिया और देश का सबसे वैल्यूएबल कारोबारी समूह बन गया.

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को निवेशकों से भी मजबूत प्रतिक्रिया मिली थी. कंपनी के चेयरमैन आकाश अंबानी के मुताबिक, IPO के लिए 1.3 करोड़ से ज्यादा आवेदन मिले और निवेशकों की मांग 7.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही. उन्होंने कहा कि कंपनी का IPO लॉन्च होने के 95 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था.