छोटा शेयर, बड़ा सपना! समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर बूम से मालामाल हो सकते हैं निवेशक?
भारत के समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की उम्मीद के बीच KMEW चर्चा में है. कंपनी का ऑर्डर बुक करीब ₹1,400 करोड़ है. ₹650 करोड़ के ग्रीन टग कॉन्ट्रैक्ट और विस्तार योजना इसे खास बनाते हैं, लेकिन ऊंचा वैल्यूएशन जोखिम बढ़ाता है.

भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर निवेश की तैयारी चल रही है. सड़क, रेलवे और डिफेंस के साथ अब समुद्री क्षेत्र भी निवेश का बड़ा केंद्र बन रहा है. सरकार के Maritime Amrit Kaal Vision 2047 के तहत करीब ₹80 लाख करोड़ के निवेश का अवसर बनने की उम्मीद है. इसी वजह से एक छोटे कैप शेयर Knowledge Marine & Engineering Works (KMEW) पर बाजार की नजर गई है.
ड्रेजिंग से आगे बढ़ रही है कंपनी
KMEW की शुरुआत मुख्य रूप से ड्रेजिंग से जुड़ी गतिविधियों से हुई थी. अब कंपनी अपने कारोबार का विस्तार कर रही है. इसका फोकस जहाजों के निर्माण, उन्हें अपने पास रखने और ऑपरेट करने पर भी बढ़ रहा है. कंपनी को समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ती मांग का फायदा मिलने की उम्मीद है. बंदरगाहों के विस्तार, समुद्री कारोबार और सरकारी योजनाओं के कारण आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में काम बढ़ सकता है.
करीब ₹1,400 करोड़ का ऑर्डर बुक
कंपनी की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत ऑर्डर बुक माना जा रहा है. FY26 में इसका ऑर्डर बुक करीब ₹1,400 करोड़ रहा. कंपनी को करीब ₹650 करोड़ के दो Green Tug contracts भी मिले हैं. इन कॉन्ट्रैक्ट की अवधि 15 साल है. लंबी अवधि के ये कॉन्ट्रैक्ट कंपनी को भविष्य में स्थिर आय देने में मदद कर सकते हैं. इससे कंपनी को अपने कारोबार को बढ़ाने और नए जहाजों में निवेश करने का मौका भी मिलेगा.
कमाई में भी हुई अच्छी बढ़ोतरी
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो FY26 में KMEW का राजस्व करीब ₹256 करोड़ रहा. इस दौरान कंपनी ने करीब ₹79 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया. कंपनी अब अगले चरण के विस्तार की तैयारी कर रही है. FY27 में कंपनी करीब ₹400–500 करोड़ का कैपेक्स करने की योजना बना रही है. इसका मतलब है कि कंपनी जहाजों और समुद्री कारोबार से जुड़ी अपनी क्षमता बढ़ाने पर बड़ा निवेश करने जा रही है.
₹80 लाख करोड़ का बड़ा अवसर
सरकार की Maritime Amrit Kaal Vision 2047 योजना का लक्ष्य भारत के समुद्री क्षेत्र को मजबूत करना और बंदरगाहों की क्षमता बढ़ाना है. इसके तहत आने वाले वर्षों में बड़े निवेश की उम्मीद है. अगर समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश तेजी से बढ़ता है, तो ड्रेजिंग, टग बोट, शिपिंग और जहाज निर्माण से जुड़ी कंपनियों को इसका फायदा मिल सकता है. KMEW इसी संभावित अवसर की वजह से निवेशकों की नजर में आया है.
लेकिन शेयर में जोखिम भी कम नहीं
कंपनी की ग्रोथ की संभावनाएं आकर्षक दिखाई देती हैं, लेकिन इसका वैल्यूएशन निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक शेयर करीब 53 गुना P/E और करीब 12 गुना Price-to-Book पर कारोबार कर रहा है. इसका मतलब है कि कंपनी से बाजार को पहले ही काफी ज्यादा उम्मीदें हैं. अगर भविष्य में कमाई उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी या समुद्री क्षेत्र में निवेश की रफ्तार धीमी हुई, तो शेयर पर दबाव आ सकता है.
इसलिए KMEW को केवल तेजी की कहानी के तौर पर देखना सही नहीं होगा. कंपनी के ऑर्डर, कैपेक्स, मुनाफे और वैल्यूएशन पर नजर रखना जरूरी है. समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा अवसर जरूर है, लेकिन छोटे कैप शेयरों में जोखिम भी उतना ही बड़ा हो सकता है.