2030 तक 700 मिलियन टन बढ़ेगी पोर्ट कैपेसिटी, मैरीटाइम बूम से रडार पर आए ये 2 शेयर; मजबूत है फाइनेंस

भारत में 2030 तक पोर्ट कैपेसिटी में 700 मिलियन टन से अधिक की बढ़ोतरी के लक्ष्य के बीच मैरीटाइम सेक्टर से जुड़े 2 स्टॉक्स चर्चा में हैं. Laxmipati Engineering Works शिपबिल्डिंग, शिप रिपेयर और फैब्रिकेशन से जुड़ी है. वहीं Paradeep Parivahan पोर्ट ऑपरेशंस, कार्गो हैंडलिंग और लॉजिस्टिक्स कारोबार में है.

मैरीटाइम स्टॉक्स Image Credit: ai/canva

Maritime Stocks: भारत में मैरीटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ शिपबिल्डिंग, पोर्ट लॉजिस्टिक्स और कार्गो हैंडलिंग से जुड़े SME कारोबारों के लिए अवसर बढ़ रहे हैं. सरकार ने 2030 तक पोर्ट कैपेसिटी में 700 मिलियन टन से अधिक की बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा है. इसी मैरीटाइम एक्सपैंशन के बीच 2 ऐसे शेयर हैं, जो निवेशकों के रडार पर हैं. तो चलिए आपको बताते हैं इन कंपनियों के बारे में और साथ ही जानेंगे कि इनका फाइनेंस कैसा है.

Laxmipati Engineering Works

Laxmipati Engineering Works की स्थापना 2012 में हुई थी. कंपनी शिपबिल्डिंग, शिप रिपेयर, फैब्रिकेशन, हेवी इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज और प्रिसीजन मशीनिंग जैसे कारोबार में है. Financial Express की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की 3 साल की सेल्स CAGR 68% और ROCE 21.8% रही है. Screener के अनुसार, 3 साल की प्रॉफिट ग्रोथ 22% रही है.

Mazagon Dock Shipbuilders के लिए किया काम

कंपनी का मैरीटाइम एक्सपोजर शिपबिल्डिंग, रिपेयर और फैब्रिकेशन से जुड़ा है. FY26 Annual Report के अनुसार, कंपनी ने Mazagon Dock Shipbuilders के लिए फैब्रिकेशन वर्क किया है और उसके पास वॉरशिप बनाने का लाइसेंस भी है. हालांकि, कंपनी का कारोबार सिर्फ मैरीटाइम सेक्टर तक सीमित नहीं है.

कैसा है फाइनेंस

FY26 में स्टील प्रोजेक्ट्स से 53% रेवेन्यू आया था. FY26 में Laxmipati Engineering Works का रेवेन्यू 43.7% बढ़कर 72 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 316% बढ़कर 27 करोड़ रुपये रहा. हालांकि, प्रॉफिट में 23.7 करोड़ रुपये का एसेट सेल गेन शामिल था. बॉरोइंग्स 45.1 करोड़ रुपये से घटकर 16.6 करोड़ रुपये रह गईं और Debt-to-Equity 0.47 रही. अगर शेयर की बात करें तो शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर 0.99 फीसदी की गिरावट के साथ 440 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.

Paradeep Parivahan का पोर्ट और कार्गो कारोबार

Paradeep Parivahan पोर्ट ऑपरेशंस, इंट्रा-पोर्ट ट्रांसपोर्टेशन और बल्क मैटेरियल हैंडलिंग से जुड़ी कंपनी है. यह Paradip Port के आसपास लॉजिस्टिक्स सर्विसेज देती है और रेलवे साइडिंग ऑपरेशंस, स्टीवडोरिंग, वेयरहाउसिंग तथा मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट जैसे कारोबार में भी मौजूद है.

कैसा है फाइनेंस

कंपनी की 3 साल की स्टैंडअलोन सेल्स CAGR 24% और प्रॉफिट CAGR 67% रही है, जबकि ROCE 22.2% है. रिपोर्ट के अनुसार, ट्रांसपोर्टेशन और लोडिंग-अनलोडिंग से जुड़े कारोबार से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू का 74% आया था. कंपनी फ्लीट एक्सपैंशन, हेवी इक्विपमेंट और इलेक्ट्रिक ट्रक्स पर भी काम कर रही है.

FY26 में रेवेन्यू 15% बढ़कर 386.3 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 27.4% बढ़कर 30.8 करोड़ रुपये रहा. ऑपरेटिंग कैश फ्लो 17.9 करोड़ रुपये और Debt-to-Equity 0.42 रही. शुक्रवार को कंपनी का शेयर शुरुआती कारोबार में 0.49 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 306 रुपये पर कारोबार कर रहा था.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.