लिस्टिंग प्राइस से नीचे आया NSE का शेयर, कारोबार के दूसरे दिन बिखरा स्टॉक

NSE के शेयर में लिस्टिंग के दूसरे कारोबारी दिन दबाव देखने को मिला. 1,800 रुपये पर लिस्ट हुआ NSE का शेयर शुरुआती कारोबार में 1,790 रुपये तक फिसल गया और करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ 1,799 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया. इससे शेयर अपनी लिस्टिंग प्राइस से नीचे आ गया.

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Highlights

  • NSE का शेयर लिस्टिंग के दूसरे दिन 1,800 रुपये के लिस्टिंग प्राइस से नीचे फिसल गया.
  • पहले कारोबारी दिन NSE का शेयर 1,818 रुपये पर बंद हुआ था.
  • 22,562 करोड़ रुपये के NSE IPO को करीब 5.7 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था.

NSE Share Price: NSE के शेयर में लिस्टिंग के दूसरे कारोबारी दिन दबाव देखने को मिल रहा है. 24 सितंबर को 1,800 रुपये पर शेयर बाजार में डेब्यू करने वाला NSE का शेयर आज शुरुआती कारोबार में 1,790 रुपये तक फिसल गया. इसके बाद शेयर करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ 1,799 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया. इस तरह NSE का शेयर अपनी लिस्टिंग प्राइस 1,800 रुपये से नीचे आ गया है. इससे पहले शेयर ने अपने पहले कारोबारी दिन 1,818 रुपये का स्तर छुआ था और इसी भाव के आसपास कारोबार समाप्त किया था. अब दूसरे दिन शेयर में आई कमजोरी ने निवेशकों का ध्यान खींचा है.

पहले दिन 1,818 रुपये पर हुआ था बंद

NSE के शेयर की लिस्टिंग 24 सितंबर को BSE पर 1,800 रुपये के भाव पर हुई थी. कंपनी का IPO 1,785 रुपये के इश्यू प्राइस पर आया था. इस तरह शेयर ने इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 0.8 फीसदी के प्रीमियम पर बाजार में एंट्री की थी. लिस्टिंग के बाद शेयर में खरीदारी देखने को मिली और पहले कारोबारी दिन यह 1,818 रुपये पर बंद हुआ.

इस तरह पहले दिन की क्लोजिंग इश्यू प्राइस से करीब 1.85 फीसदी ऊपर रही. हालांकि, दूसरे कारोबारी दिन शुरुआती तेजी बरकरार नहीं रह सकी. शेयर 1,790 रुपये तक फिसला और लिस्टिंग प्राइस से नीचे कारोबार करता दिखाई दिया.

दूसरे दिन मुनाफावसूली का दबाव

लिस्टिंग के बाद शेयर में मुनाफावसूली का असर भी देखने को मिल सकता है. IPO में अलॉटमेंट पाने वाले निवेशकों के एक हिस्से ने पहले दिन की तेजी के बाद मुनाफा बुक किया हो सकता है. पहले दिन शेयर 1,800 रुपये से ऊपर बंद हुआ था, लेकिन दूसरे दिन 1,800 रुपये के स्तर से नीचे आना बाजार में कमजोर सेंटीमेंट का संकेत देता है.

हालांकि, शुरुआती कारोबारी सत्र में शेयर की चाल से लंबी अवधि के प्रदर्शन का आकलन करना जल्दबाजी होगी. आने वाले कारोबारी सत्रों में शेयर की कीमत पर डिमांड और सप्लाई के अलावा बाजार के सेंटीमेंट का भी असर देखने को मिल सकता है.

22,562 करोड़ रुपये का था NSE IPO

NSE का IPO 22,562 करोड़ रुपये का था और यह पूरी तरह OFS यानी ऑफर फॉर सेल था. इसका मतलब है कि IPO के जरिए NSE ने कोई नया शेयर जारी करके पैसा नहीं जुटाया. IPO से मिलने वाली रकम मौजूदा शेयरधारकों को मिली, जिन्होंने अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचा.

IPO का प्राइस बैंड 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था. रिटेल निवेशकों के लिए लॉट साइज 8 शेयर का था. इस हिसाब से ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए 14,280 रुपये का निवेश जरूरी था.

IPO को मिला था मजबूत रिस्पॉन्स

NSE IPO को निवेशकों की तरफ से मजबूत प्रतिक्रिया मिली थी. तीन दिन की सब्सक्रिप्शन अवधि के दौरान IPO करीब 5.7 गुना सब्सक्राइब हुआ था. QIB कैटेगरी में इश्यू को करीब 12.7 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था. NII कैटेगरी भी करीब 6.5 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि रिटेल निवेशकों के हिस्से में करीब 1.4 गुना सब्सक्रिप्शन देखने को मिला. IPO से पहले NSE ने एंकर निवेशकों से भी करीब 6,746 करोड़ रुपये जुटाए थे. एंकर बुक में विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की भागीदारी रही थी.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.