1.6 पर पहुंचा Nifty गोल्ड रेशियो, क्या अब शेयर मार्केट में आएगी तेजी? जानें एक्सपर्ट्स की राय

Nifty Gold Ratio घटकर 1.6 पर आ गया है, जिससेशेयर मार्केट में रिकवरी की उम्मीद बढी है. घरेलू स्पॉट गोल्ड इस साल 13 फीसदी चढा है, जबकि Nifty 50 करीब 6 फीसदी गिरा है. ऐतिहासिक तौर पर 2.5 से नीचे Ratio आने परशेयर मार्केट में तेजी देखी गई है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक Nifty के 25,000 से 25,200 तक पहुंचने की संभावना है.

Nifty Gold Ratio घटकर 1.6 पर आ गया है. Image Credit: Money9 Live

शेयर मार्केट और सोने के प्रदर्शन की तुलना करने वाला Nifty Gold Ratio घटकर 1.6 पर आ गया है. इस गिरावट ने बाजार में एक नई चर्चा शुरू कर दी है कि क्या अब शेयर मार्केट में तेजी की शुरुआत हो सकती है. इस साल घरेलू स्पॉट गोल्ड करीब 13 फीसदी चढ़ा है, जबकि Nifty 50 में करीब 6 फीसदी की गिरावट आई है. ऐसे में सोने के मुकाबले शेयरों का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा स्तर पर इक्विटी में रिकवरी की गुंजाइश बन रही है.

क्या संकेत मिल रहा है

10 अगस्त के बंद भाव के आधार पर Nifty 50 करीब 24584 पर रहा, जबकि घरेलू स्पॉट गोल्ड का भाव 150208 रुपये प्रति 10 ग्राम था. इसके आधार पर Nifty Gold Ratio करीब 1.6 पर पहुंच गया है. ऐतिहासिक तौर पर जब यह रेशियो 2.5 से नीचे गया है, तब Nifty में आगे अच्छी तेजी देखने को मिली है. हालांकि एक्सपर्ट्स इसे बाजार में खरीदारी का सीधा संकेत नहीं मानते हैं. यह मुख्य रूप से शेयर और सोने के बीच प्रदर्शन का अंतर बताता है.

सोना चढ़ा, Nifty कमजोर क्यों रहा

इस साल सोने की कीमत में करीब 13 फीसदी की तेजी आई है. सुरक्षित निवेश की मांग, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद से सोने को सपोर्ट मिला है. दूसरी तरफ Nifty 50 करीब 6 फीसदी नीचे है. बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली, भू- राजनीतिक जोखिम और कंपनियों की कमाई तथा वैल्यूएशन के बीच अंतर का दबाव रहा है. इसी वजह से सोने और शेयर मार्केट के प्रदर्शन में बड़ा अंतर आया है.

क्या शेयर मार्केट में आएगी तेजी

एक्सपर्ट के मुताबिक जब Nifty Gold Ratio 2 से नीचे जाता है, तो कई बार इसके बाद इक्विटी सोने से बेहतर प्रदर्शन करती है. हालांकि यह रेशियो बाजार की टाइमिंग तय करने वाला संकेतक नहीं है. उनके मुताबिक सोने में मुनाफा वसूली और शेयर मार्केट में तेजी देखने को मिल सकती है. लेकिन इसे पूरी तरह बदलाव के बजाय निवेशकों के बीच एक एसेट से दूसरे एसेट की ओर रोटेशन के तौर पर देखना बेहतर होगा.

FII बिकवाली में 95 फीसदी की कमी

एक्सपर्ट का मानना है कि, Nifty Gold Ratio में सुधार के लिए सोने का गिरना जरूरी नहीं है. इसके लिए Nifty का सोने से तेज बढ़ना ही काफी है. उन्होंने बताया कि मार्च के मुकाबले FII की बिकवाली में 95 फीसदी की कमी आई है. वहीं SIP निवेश लगातार पांच महीनों से 31,000 करोड़ रुपये से ऊपर रहा है. Smallcap Index का नए हाई पर पहुंचना भी बाजार की व्यापक मजबूती दिखाता है. Crude में नरमी से भी बाजार पर दबाव कम हुआ है.

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सोने में भी तेजी की उम्मीद बरकरार

शेयर बाजार के मुकाबले सोने को लेकर भी एक्सपर्ट्स पूरी तरह नेगेटिव नहीं हैं. सितंबर में अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद कमजोर हुई है और भू राजनीतिक जोखिम अभी भी बने हुए हैं. इन कारणों से सोने का मध्यम अवधि का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है. MCX Gold 1,60,000 रुपये तक जा सकता है और रुपये में कमजोरी इसे अतिरिक्त सपोर्ट दे सकती है. यानी शेयर मार्केट में तेजी की संभावना के बावजूद सोने से बाहर निकलने का संकेत नहीं है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.