3 महीने में 100% उछला इस कंपनी का शेयर, 52-वीक हाई पर पहुंचा स्टॉक; एयरोस्पेस में मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

Raymond के शेयर में शुक्रवार, 25 सितंबर को शुरुआती कारोबार में तेजी आई और स्टॉक 52-वीक हाई पर पहुंच गया है. शेयर 1,222.15 रुपये के इंट्राडे हाई तक गया. पिछले 3 महीने में Raymond के शेयर में 101.35% और 6 महीने में 235.69% की तेजी दर्ज हुई है.

Raymond के शेयर में तेजी Image Credit: money9live

Raymond के शेयर में शुक्रवार, 25 सितंबर को शुरुआती कारोबार में जोरदार तेजी देखने को मिली. शेयर 1% से ज्यादा चढ़कर 52-वीक हाई पर पहुंच गया. हालांकि, इसके बाद शेयर में मुनाफावसूली देखने को मिली और स्टॉक गिरावट के साथ कारोबार करने लगा. शेयर में तेजी के बीच कंपनी के एयरोस्पेस बिजनेस से जुड़ी एक अहम खबर भी सामने आई है. Raymond की सब्सिडियरी JK Maini Global Aerospace Ltd को एक स्वदेशी फाइटर एयरक्राफ्ट प्रोग्राम के लिए विंग और सेंटर-फ्यूजलेज स्ट्रक्चर्स की असेंबली का कॉन्ट्रैक्ट मिला है.

1,201 रुपये पर खुला शेयर

Raymond का शेयर शुक्रवार को BSE पर 1,201 रुपये के भाव पर खुला. कारोबार के दौरान यह 1,222.15 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया. हालांकि, बाद में शेयर में गिरावट आई और इसका इंट्राडे लो 1,171.95 रुपये रहा. शेयर के हालिया प्रदर्शन की बात करें तो पिछले 1 हफ्ते में Raymond के शेयर में 20% की तेजी आई है.

2 हफ्ते की अवधि में शेयर 18.78% चढ़ा है, जबकि 1 महीने में इसमें 87% की बढ़त दर्ज की गई. पिछले 3 महीने में Raymond के शेयर में 101.35% और 6 महीने में 235.69% की तेजी आई है. वहीं, साल की शुरुआत से अब तक यानी YTD आधार पर शेयर 179.61% ऊपर है.

एयरोस्पेस बिजनेस में बढ़ा Raymond का दायरा

Raymond की सब्सिडियरी JK Maini Global Aerospace Ltd को एक प्रमुख भारतीय एयरोस्पेस और डिफेंस OEM से यह कॉन्ट्रैक्ट मिला है. कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में ग्राहक का नाम, संबंधित फाइटर एयरक्राफ्ट प्रोग्राम और कॉन्ट्रैक्ट की वित्तीय वैल्यू का खुलासा नहीं किया है.

इस कॉन्ट्रैक्ट के जरिए Raymond का एयरोस्पेस बिजनेस सिर्फ कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कंपनी बड़े एयरक्राफ्ट स्ट्रक्चर्स की असेंबली में भी हिस्सा लेगी. इससे कंपनी के एयरोस्पेस ऑपरेशंस के स्ट्रैटेजिक एक्सपैंशन का दायरा बढ़ सकता है.

बिना बड़े नए निवेश के बढ़ाने की योजना

Raymond के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में ग्राहक की मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे कंपनी को नई फैसिलिटी तैयार करने पर बड़े शुरुआती निवेश की जरूरत नहीं होगी.

कंपनी का कहना है कि इस मॉडल के जरिए Raymond एग्जीक्यूशन कैपेबिलिटी और अनुभव विकसित कर सकेगा. इसके बाद कंपनी भारत और विदेशों में बड़े एयरोस्पेस प्रोग्राम्स को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है.

यह भी पढ़ें: लिस्टिंग के बाद Hero Motors में जबरदस्त तेजी, शेयर में लगा 20% का अपर सर्किट; इश्यू प्राइस से 68% उछल चुका है स्टॉक

डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.