रुपये में तेजी, डॉलर के मुकाबले 14 पैसे मजबूत होकर 94.59 पर बंद; जानें वजह

भारतीय रुपया लगातार पांचवें सत्र में मजबूत हुआ और गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे चढ़कर 94.59 पर बंद हुआ. फॉरेन करेंसी की रिकॉर्ड इनफ्लो, FII खरीदारी, कमजोर डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी से रुपये को सपोर्ट मिला. RBI के विशेष कार्यक्रम के तहत FCNR -B जमा से 127.23 अरब डॉलर जुटाए गए.

रुपया लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ और 14 पैसे चढ़कर 94.59 पर बंद हुआ. Image Credit: Canva

भारतीय रुपया गुरुवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में मजबूत होकर बंद हुआ. रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे चढ़कर 94.59 के स्तर पर पहुंच गया. विदेशी करेंसी की बढ़ती इनफ्लो और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से रुपये को सपोर्ट मिला. RBI के विशेष कार्यक्रम के तहत फॉरेन करेंसी डिपॉजिट के जरिए रिकॉर्ड रकम जुटाई गई है. इससे देश की फॉरेन करेंसी लिक्विडिटी को मजबूती मिली है. हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमत और अमेरिका ईरान तनाव रुपये की तेजी के लिए चुनौती बने हुए हैं.

रुपया लगातार पांचवें दिन मजबूत

रुपये में गुरुवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली. घरेलू मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे मजबूत होकर 94.59 के स्तर पर बंद हुई. बुधवार को रुपया 22 पैसे की तेजी के साथ 94.73 पर बंद हुआ था. इससे पहले मंगलवार को रुपये में 27 पैसे की मजबूती आई थी. सोमवार और शुक्रवार को भी रुपये में 21 पैसे और 2 पैसे की तेजी दर्ज की गई थी. लगातार पांच सत्रों की तेजी से घरेलू मुद्रा को मजबूती मिली है.

रिकॉर्ड इनफ्लो से मिला सपोर्ट

रुपये की मजबूती में विदेशी मुद्रा की बढ़ती इनफ्लो की अहम भूमिका रही है. भारत ने FCNR-B यानी विदेशी मुद्रा गैर निवासी बैंक जमा के जरिए रिकॉर्ड 127.23 अरब डॉलर जुटाए हैं. यह रकम RBI के विशेष कार्यक्रम के तहत जुटाई गई है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश में विदेशी मुद्रा की लिक्विडिटी को मजबूत करना है. ओएफसी-B और ईसी-B को शामिल करने के बाद इन उपायों के तहत कुल विदेशी मुद्रा इनफ्लो 136.377 अरब डॉलर रही है.

FII खरीदारी से भी रुपये को सहारा

विदेशी निवेशकों की खरीदारी से भी रुपये को मजबूती मिली है. बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 6688.37 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की. मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक, विदेशी कैपिटल की बढ़ती इनफ्लो से रुपये को सपोर्ट मिल रहा है. इसके अलावा अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी का भी घरेलू मुद्रा को फायदा मिला. जापानी येन में तेज मजबूती ने भी डॉलर पर दबाव बढ़ाया, जिससे रुपये को सपोर्ट मिला.

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डॉलर इंडेक्स में गिरावट

गुरुवार को डॉलर इंडेक्स 99.22 पर रहा और इसमें 0.38 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. डॉलर में नरमी से रुपये समेत अन्य करेंसी को मजबूती मिली. हालांकि दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है. ब्रेंट क्रूड 0.85 फीसदी बढ़कर 96.44 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है.