सेमीकंडक्टर बूम से इन 3 केमिकल स्टॉक्स को मिल सकता है फायदा! 10 लाख करोड़ रुपये के मार्केट पर नजर

सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के विस्तार से भारत की केमिकल कंपनियों के लिए बड़ा अवसर बन सकता है. भारत का सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट 2030 तक करीब 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. Tatva Chintan Pharma, Anupam Rasayan और Aether Industries सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन से जुड़े कारोबार में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही हैं.

सेमिकंडक्टर Image Credit: money9live

Semiconductor Chemical Stocks: भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री का विस्तार अब केवल चिप मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं रह गया है. सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाले स्पेशियलिटी केमिकल्स, मैटेरियल्स और इक्विपमेंट की मांग भी आने वाले वर्षों में बढ़ने की उम्मीद है. इसी अवसर को देखते हुए Tatva Chintan Pharma, Anupam Rasayan और Aether Industries जैसी केमिकल कंपनियां सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं.

10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है मार्केट

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के बाद अब सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में इक्विपमेंट और मैटेरियल्स पर भी ध्यान बढ़ रहा है. Aether Industries के मैनेजमेंट के अनुसार, भारत का सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट मौजूदा करीब 50 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 110 अरब डॉलर यानी करीब 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. इससे सेमीकंडक्टर केमिकल्स की मांग के लिए बड़ा अवसर बन सकता है.

हालांकि, सेमीकंडक्टर केमिकल्स का कारोबार सामान्य केमिकल बिजनेस से अलग है. इसमें बहुत अधिक प्योरिटी, लगातार एक जैसी क्वालिटी और लंबे कस्टमर वैलिडेशन प्रोसेस की जरूरत होती है. यही कारण है कि इस क्षेत्र में एंट्री बैरियर काफी ऊंचा है.

Tatva Chintan Pharma की सेमीकंडक्टर में एंट्री

Tatva Chintan Pharma स्पेशियलिटी केमिकल्स बनाने वाली कंपनी है. सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कंपनी तीन प्रमुख एप्लीकेशंस पर काम कर रही है. इनमें सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए हाई-प्योरिटी स्टार्टिंग रॉ मैटेरियल, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड्स यानी PCB के लिए एचिंग एजेंट और सर्किट्स के लिए क्लीनिंग एजेंट शामिल हैं.

Q1 FY27 में कंपनी ने सेमीकंडक्टर मैटेरियल का पहला प्लांट-स्केल बैच एक कस्टमर को डिलीवर किया. कस्टमर ने इस बैच को जरूरी स्पेसिफिकेशंस पर खरा उतरने के बाद इस्तेमाल के लिए अप्रूव भी कर दिया. हालांकि, कंपनी सीधे सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरर्स या फैब्रिकेशन प्लांट्स को प्रोडक्ट नहीं बेचती. वह मल्टीनेशनल कंपनियों को मैटेरियल सप्लाई करती है, जो आगे इन्हें सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरर्स तक पहुंचाती हैं. गुरुवार को कंपनी का शेयर 0.68 फीसदी बढ़कर 1,616 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.

Anupam Rasayan ने एक्विजिशन से मजबूत की स्थिति

Anupam Rasayan लाइफ साइंस से जुड़े स्पेशियलिटी केमिकल्स बनाती है और सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में विस्तार कर रही है. सेमीकंडक्टर स्ट्रैटेजी में US-बेस्ड Jayhawk Fine Chemicals का एक्विजिशन महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इस एक्विजिशन से कंपनी को सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में पहले से स्थापित बिजनेस और कस्टमर्स तक पहुंच मिली है.

Jayhawk के पास एरोमैटिक डायएनहाइड्राइड्स और पॉलीइमाइड इंटरमीडिएट्स जैसे प्रोडक्ट्स हैं, जिनका इस्तेमाल चिप पैकेजिंग, फ्लेक्सिबल सर्किट्स और एडवांस्ड डिस्प्लेज में होता है. इसके अलावा कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के लिए सेमीकंडक्टर प्रोसेसिंग और डिस्प्ले केमिकल्स से जुड़े निचे मॉलिक्यूल्स भी बनाती है. गुरुवार को कंपनी का शेयर 0.16 फीसदी बढ़कर 1,270 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.

Aether Industries का हाई-मार्जिन बिजनेस

Aether Industries सेमीकंडक्टर और हाई-स्पीड इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर में इस्तेमाल होने वाले स्पेशियलिटी केमिकल बिल्डिंग ब्लॉक्स पर फोकस कर रही है. कंपनी लो-डाइइलेक्ट्रिक मैटेरियल्स, रेजिन्स और कपलिंग एजेंट्स से जुड़े प्रोडक्ट्स विकसित कर रही है, जो हाई-फ्रीक्वेंसी सिग्नल्स को कम सिग्नल लॉस के साथ ट्रांसफर करने में मदद करते हैं. कंपनी का फोकस कम वॉल्यूम लेकिन हाई-वैल्यू मॉलिक्यूल्स पर है. मैनेजमेंट के अनुसार, इन प्रोडक्ट्स की औसत कीमत करीब 50 डॉलर प्रति किलोग्राम हो सकती है.

कंपनी ने कस्टमर सैंपल क्वालिफिकेशंस पूरी कर ली हैं और जापान में कस्टमर्स को छोटे कमर्शियल ऑर्डर्स की डिलीवरी भी शुरू कर दी है. Panoli में कंपनी के नए मैन्युफैक्चरिंग साइट पर इस बिजनेस के लिए 45 टन प्रति माह की कैपेसिटी तैयार की जा रही है, जिसके Q3 FY27 तक शुरू होने का टारगेट है. कंपनी 2030 तक इस कैपेसिटी को तीन गुना करने की योजना पर काम कर रही है. गुरुवार को कंपनी का शेयर 0.36 फीसदी बढ़कर 1,662 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.

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