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IPO प्राइस से 30% नीचे ट्रेड कर रहा ये शेयर, लेकिन प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल; मुकुल अग्रवाल के पोर्टफोलियो में भी शामिल

Arisinfra Solutions का शेयर अपने आईपीओ प्राइस से करीब 30 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है. कंपनी के Q1 FY में रेवेन्यू 37 फीसदी बढ़कर 291 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 20 करोड़ रुपये रहा. ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन बढ़कर 11 फीसदी पहुंच गया है. कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और DaaS जैसे हाई-मार्जिन बिजनेस का रेवेन्यू में योगदान भी बढ़ा है. कंपनी ने FY27 के लिए 35 फीसदी से 40 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ का गाइडेंस बरकरार रखा है.

मुकुल अग्रवाल Image Credit: money9live.com

Highlights

  • Arisinfra Solutions का Q1 FY में रेवेन्यू 37% बढ़कर 291 करोड़ रुपये पहुंच गया है.
  • कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन बढ़कर 11% हुआ है.
  • शेयर आईपीओ प्राइस से करीब 30% नीचे है.

Mukul Agrawal portfolio: कंस्ट्रक्शन मैटेरियल्स से जुड़ी Arisinfra Solutions के शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है. कंपनी का शेयर अपने आईपीओ प्राइस से करीब 30 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है, लेकिन इस दौरान कंपनी के बिजनेस मॉडल और प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ा बदलाव आया है. कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और डेवलपर-एज-ए-सर्विस यानी DaaS जैसे हाई-मार्जिन बिजनेस का रेवेन्यू में योगदान बढ़ा है. Q1 FY में ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन बढ़कर 11 फीसदी हो गया. खास बात यह है कि दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल ने भी कंपनी में निवेश किया है.

Q1 FY में रेवेन्यू 37 फीसदी बढ़ा

Q1 FY में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 37 फीसदी बढ़कर 291 करोड़ रुपये रहा. ऑपरेटिंग प्रॉफिट 18 करोड़ रुपये से बढ़कर 31 करोड़ रुपये हो गया. इससे ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 8.5 फीसदी से बढ़कर 11 फीसदी पहुंच गया. नेट प्रॉफिट भी 5 करोड़ रुपये से बढ़कर 20 करोड़ रुपये हो गया.

कंपनी कंस्ट्रक्शन मैटेरियल्स की सप्लाई के साथ प्रोक्योरमेंट, लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी के जरिए डेवलपर्स और कॉन्ट्रैक्टर्स को सर्विसेज देती है. इसके नेटवर्क में 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 3,400 से ज्यादा कस्टमर्स और 2,200 से अधिक वेंडर्स हैं. Q1 FY में रिपीट ऑर्डर्स का हिस्सा 82 फीसदी से ज्यादा रहा.

कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और DaaS का बढ़ा योगदान

कंपनी के रेवेन्यू मिक्स में सबसे बड़ा बदलाव कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और DaaS के कारण आया है. Q1 FY में दोनों बिजनेस का संयुक्त योगदान रेवेन्यू में करीब 46 फीसदी से बढ़कर 63 फीसदी हो गया. मैनेजमेंट के अनुसार, इन दोनों बिजनेस में बी2बी ट्रेडिंग की तुलना में मार्जिन ज्यादा है.

कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग का Q1 FY में रेवेन्यू में योगदान करीब 53 फीसदी रहा और सेगमेंट रेवेन्यू 84 फीसदी बढ़ा. कंपनी ने करीब 8.65 लाख मीट्रिक टन की डिलीवरी की. मौजूदा एनुअल कैपेसिटी करीब 90 लाख मीट्रिक टन है और यूटिलाइजेशन 65 फीसदी से 70 फीसदी के बीच है. अगले दो क्वार्टर में 20 लाख से 30 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त कैपेसिटी जोड़ने की योजना है.

DaaS बिजनेस में कंपनी डेवलपर्स के साथ प्रोजेक्ट लाइफसाइकल के अलग-अलग हिस्सों में काम करती है और फीस कमाती है. Q1 FY में वाधवा ग्रुप से 650 करोड़ रुपये का DaaS मैंडेट मिला. मैनेजमेंट के मुताबिक, DaaS में EBITDA मार्जिन करीब 60 फीसदी से 65 फीसदी हो सकता है. Q1 में इस बिजनेस से करीब 28 करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया.

प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ा सुधार

FY25 से FY26 के बीच कंसोलिडेटेड सेल्स 768 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,067 करोड़ रुपये हो गई. ऑपरेटिंग प्रॉफिट 48 करोड़ रुपये से बढ़कर 101 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 6 करोड़ रुपये से बढ़कर 60 करोड़ रुपये रहा. ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन FY24 के 1.8 फीसदी से बढ़कर FY25 में 6 फीसदी , FY26 में 9 फीसदी और Q1 FY में 11 फीसदी हो गया.

यानी कंपनी के बिजनेस में ग्रोथ के साथ प्रॉफिटेबिलिटी में भी लगातार सुधार देखने को मिला है. मैनेजमेंट ने FY27 में 35 फीसदी से 40 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ का गाइडेंस बरकरार रखा है. अब कंपनी के सामने चुनौती तेज ग्रोथ के साथ मार्जिन को 10 फीसदी से 11 फीसदी के आसपास बनाए रखने की होगी.

आईपीओ प्राइस से 30 फीसदी नीचे है शेयर

Arisinfra Solutions का आईपीओ 222 रुपये के प्राइस पर आया था और जून 2025 में शेयर 205 रुपये पर लिस्ट हुआ. इसके बाद शेयर करीब 82 रुपये तक गिर गया. हालांकि, बाद में शेयर में रिकवरी देखने को मिली और करीब 148 रुपये के स्तर पर यह आईपीओ प्राइस से लगभग 30 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है.

मौजूदा स्तर पर शेयर करीब 17.7 गुना अर्निंग्स पर कारोबार कर रहा है. ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी की बढ़ती प्रॉफिटेबिलिटी और हाई-मार्जिन बिजनेस का असर आने वाली तिमाहियों में शेयर के प्रदर्शन पर कितना पड़ता है.

मुकुल अग्रवाल के पोर्टफोलियो में भी शामिल

Arisinfra Solutions में दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल की भी हिस्सेदारी है. Q1 FY के अंत में उनके पास कंपनी के 13 लाख शेयर थे, जो करीब 1.59 फीसदी स्टेक के बराबर है. कंपनी के लिए आगे कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और DaaS बिजनेस की ग्रोथ महत्वपूर्ण रहने वाली है.

अगर कंपनी इन हाई-मार्जिन सेगमेंट्स का योगदान बढ़ाने के साथ रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी को बनाए रखती है, तो बिजनेस की तस्वीर और मजबूत हो सकती है. हालांकि, शेयर का प्रदर्शन बाजार की स्थिति और कंपनी के आगामी फाइनेंशियल रिजल्ट्स समेत कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करेगा.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.