US-Iran War: ईरान क्यों जा रहे कतर के प्रधानमंत्री, क्या रुक जाएगा युद्ध?
US-Iran War: ईरान का खाड़ी-क्षेत्र का पड़ोसी और अमेरिका का सहयोगी देश कतर, लड़ रहे पक्षों के बीच पर्दे के पीछे से बातचीत कराने वाला रहा है. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब युद्ध को छह महीने पूरे होने वाले हैं. लड़ाई काफी हद तक रुकी हुई है, लेकिन कोई कूटनीतिक समाधान नहीं दिख रहा है.
Highlights
- कतर ने संघर्ष-विराम को तय कराने में सीधी भूमिका निभाई थी.
- यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब युद्ध को छह महीने पूरे होने वाले हैं.
- होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बने हुए हैं.
US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच तीखी बयानबाजी के बाद कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी गुरुवार को तेहरान का दौरा करेंगे. यह दौरा कूटनीतिक बातचीत को फिर से शुरू करने की कोशिश के तहत हो रहा है. अमेरिका ने तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए उसके व्यापारिक सहयोगियों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला था.
सीजफायर में कतर की भूमिका
ईरान का खाड़ी-क्षेत्र का पड़ोसी और अमेरिका का सहयोगी देश कतर, लड़ रहे पक्षों के बीच पर्दे के पीछे से बातचीत कराने वाला रहा है. इसने जून में हुए उस संघर्ष-विराम को तय कराने में सीधी भूमिका निभाई, जिससे कुछ समय के लिए लड़ाई रुक गई थी.
नहीं दिख रहा कूटनीतिक समाधान
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब युद्ध को छह महीने पूरे होने वाले हैं. लड़ाई काफी हद तक रुकी हुई है, लेकिन कोई कूटनीतिक समाधान नहीं दिख रहा है. होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) पर नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बने हुए हैं. यह दुनिया भर में तेल की आपूर्ति के लिए एक अहम रास्ता है, जिसका इस्तेमाल तेहरान ने दबाव बनाने के लिए किया है.
समझौता ज्ञापन (MoU) आंशिक रूप से ईरान और ओमान के बीच उस संकरे जलमार्ग को लेकर मतभेदों के कारण टूट गया, जहां से 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल की आपूर्ति गुजरती थी.
अमेरिका का आर्थिक दबाव पर जोर
बंदूकें काफी हद तक शांत हो गई हैं. अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने लगभग एक महीने से ईरान पर किसी हमले की सूचना नहीं दी है. ऐसा लगता है कि वाशिंगटन आर्थिक दबाव पर अधिक जोर दे रहा है और उसने ईरान को कड़े प्रतिबंधों के साथ उसके व्यापारिक साझेदारों से अलग करने की योजना की घोषणा की है.
तेल के ट्रांसपोर्टेशन में गिरावट
ताजा जहाज-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, होर्मुज से तेल का प्रवाह तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया है. सोमवार को केवल 5 मिलियन बैरल प्रति दिन का परिवहन हुआ. युद्ध से पहले, इस रूट से लगभग 20 मिलियन बैरल प्रति दिन कच्चे तेल का परिवहन होता था.
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बुधवार को कहा कि ईरान और ओमान इस बात पर सहमत हो गए थे कि जलमार्ग और उससे होने वाली आय को कैसे साझा किया जाए, लेकिन बाद में ईरान के एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि दोनों देश अभी भी समझौते के विवरण पर काम कर रहे थे.
युद्ध की शुरुआत में हवाई बमबारी के बावजूद, जिसने ईरान की पारंपरिक सैन्य क्षमताओं को काफी कम कर दिया था, तेहरान ने खाड़ी के उन पड़ोसी देशों पर हमला करने के लिए पर्याप्त मिसाइल और ड्रोन क्षमता बनाए रखी है, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं, और जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों को बाधित करने की क्षमता भी बरकरार रखी है.
मध्यस्थता
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी गुरुवार को तेहरान की अपनी यात्रा के दौरान कतर की मध्यस्थता कोशिशों को जारी रखने और क्षेत्र में अन्य घटनाक्रमों पर चर्चा करेंगे.
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने X पर कहा कि शेख मोहम्मद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नेविगेशन की आजादी और 28 फरवरी से पहले की स्थिति में लौटने की जरूरत पर भी बात करेंगे. साथ ही, वे ईरानी अधिकारियों के साथ तनाव कम करने और बातचीत के लिए अनुकूल माहौल बनाने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे.
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