Iran US Tension: होर्मुज से एक बूंद भी तेल नहीं जाने देंगे, अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच ईरान की बड़ी चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच आर्थिक तनाव बढ़ने के साथ ऑयल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई जारी रही तो वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और फारस की खाड़ी से तेल निर्यात पूरी तरह रोक सकता है. ईरान ने अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई का समर्थन करने वाले देशों को भी चेतावनी दी है.

ईरान ने चेतावनी दी है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल निर्यात पूरी तरह रोक सकता है. Image Credit: Money9live

Highlights

  • ईरान ने दी तेल निर्यात रोकने की धमकी.
  • अमेरिका का समर्थन करने वाले देशों को ईरान की चेतावनी.
  • होर्मुज से तेल की आवाजाही प्रभावित होने पर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है.

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई जारी रही तो वह फारस की खाडी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल का निर्यात रोक सकता है. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने यह चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में एक बूंद भी तेल निर्यात नहीं किया जाएगा. ईरान ने अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई का समर्थन करने वाले देशों को भी गंभीर चेतावनी दी है. इस बयान से वैश्विक तेल सप्लाई और कीमतों को लेकर चिंता बढ़ सकती है.

ईरान ने क्या दी चेतावनी

मोहसेन रेजाई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि अगर आर्थिक जंग जारी रहती है तो ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज या फारस की खाड़ी के किसी भी हिस्से से तेल निर्यात नहीं करेगा. उन्होंने साफ कहा कि एक बूंद भी तेल बाहर नहीं जाएगी. रेजाई ने अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई में शामिल होने या उसका समर्थन करने वाले देशों को भी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि ईरान इसे युद्ध की कार्रवाई मानेगा.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों है अहम

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है. फारस की खाड़ी से बाहर जाने वाले तेल के लिए यह समुद्री रास्ता बेहद अहम है. यहां किसी भी तरह की रुकावट से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. अगर ईरान वास्तव में इस रास्ते से तेल निर्यात रोकता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ सकती है. इसका असर तेल आयात करने वाले देशों पर भी पड़ सकता है.

अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई से बढ़ा तनाव

ईरान की यह चेतावनी अमेरिका की ओर से कडे़ आर्थिक कदम उठाने की योजना के बीच आई है. अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. इसी को लेकर तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव बढ़ गया है. ईरान का कहना है कि वह लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है. ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका की नई आर्थिक कार्रवाई को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

ईरानी संसद अध्यक्ष ने भी अमेरिका पर साधा निशाना

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी अमेरिका की नई प्रतिबंधों की धमकी पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर व्यंग्य के जरिए अमेरिकी आर्थिक दबाव का मजाक उड़ाया. उन्होंने दावा किया कि भारी आर्थिक प्रतिबंधों का असर अंत में उन्हें लागू करने वाले पक्ष पर भी पड़ सकता है. उन्होंने इसे ईरान बूमरैंग नाम दिया. उनके पोस्ट में अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई के वापस उसी पर असर डालने का संदेश दिया गया.

जंग हार रहा है अमेरिका

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता सरदार मोहेबी ने भी अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी. उनके मुताबिक अमेरिका का आर्थिक दबाव पर ज्यादा भरोसा करना इस बात का संकेत है कि वह सैन्य मोर्चे पर सफल नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि ईरान दशकों से आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है. उनके मुताबिक देश ऐसे दबाव से निपटने में सक्षम है. ईरान का दावा है कि वह आर्थिक गतिविधियों को जारी रखने के लिए दूसरे रास्ते तलाश सकता है.

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तेल की कीमतों पर पड़ सकता है असर

ईरान की चेतावनी से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में चिंता बढ़ सकती है. अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही प्रभावित होती है तो वैश्विक आपूर्ति पर असर पड़ सकता है. इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की आशंका बढ़ेगी. भारत जैसे बडे तेल आयातक देशों के लिए यह चिंता का विषय हो सकता है. महंगा कच्चा तेल आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ा सकता है.