US Immigration में बड़ा बदलाव, एडवांस पैरोल पर बाहर गए तो लग सकती है 10 साल की अमेरिका वापसी पर रोक
US इमिग्रेशन में एडवांस पैरोल को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है. 13 अगस्त 2026 के BIA फैसले के बाद एडवांस पैरोल के जरिए अमेरिका से बाहर जाना कुछ मामलों में अनलॉफुल प्रेजेंस के तहत डिपार्चर माना जा सकता है. ऐसे लोगों पर 3 साल या 10 साल की अमेरिका वापसी पर रोक लग सकती है, जिन्होंने तय सीमा से ज्यादा क्वालिफाइंग अनलॉफुल प्रेजेंस जमा की है.
Highlights
- Advance Parole को लेकर US में नया नियम, विदेश यात्रा पर बढ़ा जोखिम.
- Unlawful Presence वाले लोगों पर 3 या 10 साल की वापसी पर रोक लग सकती है.
- Green Card Applicants को Advance Parole पर यात्रा से पहले सावधानी बरतने की सलाह.
US Immigration: अमेरिका में इमिग्रेशन से जुड़े लोगों के लिए एडवांस पैरोल को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है. 13 अगस्त 2026 को US Board of Immigration Appeals यानी BIA ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में 2012 के पुराने फैसले को पलट दिया. नए फैसले के तहत एडवांस पैरोल के जरिए अमेरिका से बाहर जाना अब अनलॉफुल प्रेजेंस के नियमों के तहत “डिपार्चर” माना जा सकता है. इसका मतलब है कि कुछ ऐसे इमिग्रेंट्स, जिन्होंने पर्याप्त अनलॉफुल प्रेजेंस जमा की है, उनके बाहर जाने पर 3 साल या 10 साल का इनएडमिसिबिलिटी बार लग सकता है. यह बदलाव खास तौर पर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनका ग्रीन कार्ड या एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस एप्लीकेशन पेंडिंग है.
क्या है एडवांस पैरोल
एडवांस पैरोल एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, जो कुछ नॉन-US सिटिजन्स को पेंडिंग इमिग्रेशन एप्लीकेशंस या कुछ क्वालिफाइंग इमिग्रेशन स्टेटस के दौरान अमेरिका से बाहर यात्रा करने और वापस आने की अनुमति हासिल करने में मदद करता है. इसका इस्तेमाल खास तौर पर उन लोगों के मामलों में होता है, जिनका Form I-485 यानी एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस एप्लीकेशन पेंडिंग है. इसके अलावा कुछ DACA और ह्यूमैनिटेरियन कैटेगरीज से जुड़े लोग भी एडवांस पैरोल का इस्तेमाल कर सकते हैं.
पहले एडवांस पैरोल के तहत अमेरिका से बाहर जाने वाले व्यक्ति की यात्रा को अनलॉफुल प्रेजेंस बार के लिए “डिपार्चर” नहीं माना जाता था. इसी वजह से कुछ इमिग्रेंट्स, जिन्होंने अमेरिका में लंबे समय तक अनलॉफुल प्रेजेंस जमा की थी, एडवांस पैरोल के जरिए यात्रा कर सकते थे और इस खास बार को ट्रिगर किए बिना वापस लौट सकते थे. अब BIA के नए फैसले के बाद यह सुरक्षा खत्म हो गई है.
2012 के फैसले में क्या था नियम
इस मामले में 2012 का Matter of Arrabally and Yerrabelly फैसला काफी महत्वपूर्ण था. उस फैसले के तहत एडवांस पैरोल के जरिए अमेरिका से बाहर जाना INA Section 212(a)(9)(B) के तहत ऐसा “डिपार्चर” नहीं माना जाता था, जो 3 साल या 10 साल के अनलॉफुल प्रेजेंस बार को ट्रिगर करे.
US इमिग्रेशन लॉ के तहत अगर किसी व्यक्ति ने 180 दिनों से ज्यादा लेकिन 1 साल से कम की क्वालिफाइंग अनलॉफुल प्रेजेंस जमा की है, तो अमेरिका से बाहर जाने के बाद उस पर 3 साल का बार लग सकता है. वहीं, 1 साल या उससे ज्यादा की क्वालिफाइंग अनलॉफुल प्रेजेंस होने पर 10 साल का रोक लग सकता है. यही वजह थी कि एडवांस पैरोल उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा देता था, जो अमेरिका में रहते हुए ग्रीन कार्ड या किसी अन्य इमिग्रेशन बेनिफिट के लिए आवेदन कर रहे थे.
अब क्या बदला
13 अगस्त 2026 को Matter of Delcarmen-Lara में BIA ने पुराने प्रीसीडेंट को पलटते हुए कहा कि एडवांस पैरोल के तहत अमेरिका से बाहर जाना अनलॉफुल प्रेजेंस के नियमों के तहत “डिपार्चर” माना जाएगा. इससे ऐसे लोगों के लिए रिस्क बढ़ गया है, जिन्होंने पर्याप्त अनलॉफुल प्रेजेंस जमा की है.
उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति अमेरिका में बिना इंस्पेक्शन के दाखिल हुआ, उसके बाद 1 साल से ज्यादा की क्वालिफाइंग अनलॉफुल प्रेजेंस जमा हुई और बाद में वह अमेरिका के भीतर ग्रीन कार्ड के लिए एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस के योग्य हो गया, तो एडवांस पैरोल लेकर अमेरिका से बाहर जाना अब 10 साल के अनलॉफुल प्रेजेंस बार को ट्रिगर कर सकता है. इसी तरह 180 दिनों से ज्यादा लेकिन 1 साल से कम की क्वालिफाइंग अनलॉफुल प्रेजेंस वाले व्यक्ति के लिए 3 साल का बार लागू हो सकता है.
क्या एडवांस पैरोल वाले हर व्यक्ति पर लगेगा 10 साल का रोक?
ऐसा नहीं है. BIA के फैसले का मतलब यह नहीं है कि एडवांस पैरोल पर अमेरिका से बाहर जाने वाले हर व्यक्ति पर अपने आप 10 साल का बार लग जाएगा. इसका असर व्यक्ति की इमिग्रेशन हिस्ट्री और उसकी क्वालिफाइंग अनलॉफुल प्रेजेंस पर निर्भर करेगा. अगर किसी व्यक्ति ने उस स्तर की अनलॉफुल प्रेजेंस जमा नहीं की है, जो कानून के तहत 3 साल या 10 साल के रोक को ट्रिगर करती है, तो यह खास बार लागू नहीं हो सकता.
साथ ही, आउट ऑफ स्टेटस होना और अनलॉफुल प्रेजेंस जमा होना हमेशा एक ही बात नहीं है. अनलॉफुल प्रेजेंस की गणना व्यक्ति की उम्र, इमिग्रेशन स्टेटस, पेंडिंग एप्लीकेशंस और दूसरी परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है. इसलिए सिर्फ एडवांस पैरोल डॉक्यूमेंट अप्रूव होने को यात्रा के लिए पूरी सुरक्षा नहीं माना जा सकता.
Pending Green Card Applicants के लिए क्यों अहम?
इस फैसले का असर उन लोगों पर खास तौर पर पड़ सकता है, जिनका ग्रीन कार्ड एप्लीकेशन पेंडिंग है. मान लीजिए कोई इंडियन नेशनल अमेरिका में US सिटिजन स्पाउस के आधार पर I-485 एप्लीकेशन दाखिल कर चुका है. अगर उसने पहले 1 साल से ज्यादा समय तक वीजा ओवरस्टे किया था और बाद में एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस के लिए योग्य हो गया, तो एडवांस पैरोल हासिल करने के बाद अमेरिका से बाहर जाना उसके लिए जोखिम पैदा कर सकता है. पुराने Arrabally फैसले के तहत ऐसी यात्रा अनलॉफुल प्रेजेंस बार को ट्रिगर नहीं करती थी. लेकिन Delcarmen-Lara के बाद एडवांस पैरोल अब अनलॉफुल प्रेजेंस के मामले में ब्लैंकेट प्रोटेक्शन नहीं रह गया है.
यह भी पढ़ें: Q1 में निफ्टी की कमाई ने पकड़ा जोर, 19 सेक्टर का प्रदर्शन अनुमान से बेहतर; लार्ज-कैप का जलवा
Latest Stories
Russia-Ukraine: भारतीय अरबपति लक्ष्मी मित्तल के स्टील प्लांट पर गिरी रूस की मिसाइल, 2 लोगों की मौत; कई घायल
चीन के टैरिफ खेल पर US की सख्ती, भारत समेत 40 से ज्यादा देश रडार पर; जानें क्या है शैडो ट्रेड नेटवर्क
USA में विदेशी छात्रों के लिए नए नियम, ट्रंप सरकार ने स्टूडेंट वीजा पर लगाई 4 साल की सीमा, नया नियम 15 सितंबर से लागू
