Colgate के प्रोडक्ट हो सकते हैं महंगे, इन वजहों ने बढ़ाई चिंता; कंपनी के बयान से बढ़ा सस्पेंस
Colgate-Palmolive India कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के दबाव के बीच आने वाली तिमाहियों में अपने कुछ प्रोडक्ट महंगे कर सकती है. कंपनी ने कहा कि महंगाई चिंता बनी हुई है. वहीं 10 और 20 रुपये वाले छोटे पैक में बढ़ी हुई मात्रा जारी रखी गई है. कंपनी प्रीमियम प्रोडक्ट, ग्रामीण बिक्री और चुनिंदा कीमत बढ़ोतरी के जरिए कारोबार बढ़ाने पर जोर दे रही है.
Highlights
- कच्चे माल की लागत बढ़ने से Colgate के कुछ प्रोडक्ट महंगे हो सकते हैं.
- ₹10 और ₹20 वाले पैक में ज्यादा मात्रा अभी भी जारी है.
- कंपनी प्रीमियम प्रोडक्ट और ग्रामीण बाजार में बिक्री बढ़ाने पर जोर दे रही है.
Colgate-Palmolive India आने वाली तिमाहियों में अपने प्रोडक्ट की कीमतें बढ़ा सकती है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते कच्चे माल की लागत बढ़ने की चिंता बनी हुई है. ऐसे में कंपनी अपने मुनाफे के मार्जिन को बचाने के लिए चुनिंदा प्रोडक्ट की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती है. कंपनी ने कहा है कि महंगाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है, हालांकि वह कीमतों को लेकर ज्यादा संवेदनशील ग्राहकों का भी ध्यान रख रही है.
यह जानकारी The Times of India की रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है. कंपनी की CEO और MD Prabha Narasimhan ने वार्षिक निवेशक बैठक में कहा कि कंपनी ने सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले ग्राहकों को कीमतों के दबाव से बचाने की कोशिश की है.
₹10 और ₹20 वाले पैक में अभी भी ज्यादा मात्रा
Colgate-Palmolive India ने पिछले साल GST में कटौती का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए छोटे पैक में सामान की मात्रा बढ़ाई थी. कंपनी ने अभी तक इन पैक में बढ़ाई गई मात्रा को वापस नहीं लिया है. कंपनी के 10 रुपये और 20 रुपये वाले पैक में ज्यादा मात्रा जारी है. रिपोर्ट के मुताबिक, ये पैक ग्राहकों को अच्छी कीमत पर ज्यादा सामान देने के लिहाज से काफी बेहतर हैं. हालांकि, कंपनी ने पिछली कुछ तिमाहियों में बहुत कम स्तर पर कीमतें बढ़ाई हैं. आने वाले समय में कच्चे माल की लागत बढ़ने पर कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है.
महंगे प्रोडक्ट से बढ़ाने पर कंपनी का जोर
कच्चे माल की बढ़ती लागत के बीच Colgate-Palmolive India बिक्री बढ़ाने के लिए प्रीमियम प्रोडक्ट पर भी ज्यादा ध्यान दे रही है. कंपनी के मुताबिक, उसका प्रीमियम कारोबार पूरे बाजार की तुलना में करीब छह गुना तेजी से बढ़ रहा है. कंपनी को टूथपेस्ट और टूथब्रश दोनों में महंगे और बेहतर प्रोडक्ट की बिक्री बढ़ाने की गुंजाइश दिखाई दे रही है.
कंपनी के मुख्य ब्रांड भी कारोबार के लिए अहम बने हुए हैं. इनकी बिक्री बढ़ाने के लिए पैकेजिंग और ग्राहकों के इस्तेमाल के अनुभव को बेहतर बनाने पर भी काम किया जा रहा है. Colgate की टूथपेस्ट और मुंह की देखभाल वाले प्रोडक्ट के बाजार में Hindustan Unilever के Pepsodent और Closeup, Haleon के Sensodyne और Patanjali जैसे ब्रांड से मुकाबला है.
गांवों में बढ़ रही बिक्री से मिला सहारा
कंपनी ने कहा कि ग्रामीण बाजार में उसके प्रोडक्ट की उपलब्धता बढ़ने, लोगों की आय में बढ़ोतरी और मुंह की सेहत को लेकर बढ़ती जागरूकता से बिक्री की मात्रा को सहारा मिल रहा है. हालांकि, कंपनी ने सामान्य से कम मानसून बारिश के बीच ग्रामीण मांग के आगे के रुख पर कोई टिप्पणी नहीं की.
Palmolive की बिक्री से कंपनी निराश
Colgate-Palmolive India अपने पर्सनल देखभाल वाले ब्रांड Palmolive के प्रदर्शन से खुश नहीं है. ब्रांड की ऑनलाइन बिक्री बढ़ाने के लिए कंपनी ने Bombay Shaving Company के साथ साझेदारी की है. इसके तहत कंपनी Palmolive के सीधे ग्राहकों तक पहुंचने वाले कारोबार और ई-कॉमर्स चैनल को संभालेगी.
कीमत बढ़ाना या बिक्री बढ़ाना, दोनों के बीच संतुलन
Colgate-Palmolive India के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती लागत और ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाले असर के बीच संतुलन बनाने की है. कंपनी एक तरफ चुनिंदा प्रोडक्ट की कीमतें बढ़ाकर बढ़ती लागत का असर कम करना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण बाजार में बिक्री और प्रीमियम प्रोडक्ट की मांग बढ़ाकर कारोबार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है. कंपनी की रणनीति में चुनिंदा कीमत बढ़ोतरी, प्रीमियम प्रोडक्ट की बिक्री और ज्यादा मात्रा में बिक्री तीनों पर जोर रहेगा.
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