Sensex Nifty Today: बाजार में मची तबाही, सेंसेक्स 1200 अंक से ज्यादा धड़ाम; निफ्टी 23000 के करीब

सेंसेक्स 1200 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 23100 के आसपास कारोबार करता दिखा. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के 19 साल के ऊंचे स्तर पर पहुंचने, फेड की ब्याज दर बढ़ने की आशंका और कच्चे तेल की कीमत 102 डॉलर के पार जाने से बाजार पर दबाव बढ़ा.

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भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को तेज गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स 2 बजे के करीब 1200 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 23070 के आसपास कारोबार करता दिखा. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के 19 साल के ऊंचे स्तर पर पहुंचने, फेड की ब्याज दर बढ़ने की आशंका और कच्चे तेल की कीमत 102 डॉलर के पार जाने से बाजार पर दबाव बढ़ा. कमजोर रुपये और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी सेंसेक्स और निफ्टी की गिरावट को और तेज किया.

बॉन्ड यील्ड 19 साल के ऊंचे स्तर पर

अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.106 फीसदी तक पहुंच गई. यह 2007 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है. 2 साल की बॉन्ड यील्ड भी 4.9 फीसदी के करीब पहुंच गई. अमेरिकी कारोबार से जुडे आंकडों में सितंबर में मजबूत गतिविधि दिखने के बाद यील्ड में तेजी आई. ऊंची बॉन्ड यील्ड से डेट निवेश ज्यादा आकर्षक हो सकता है. इसका असर शेयर बाजार की वैल्यूएशन और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर पड़ सकता है.

अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की आशंका

अमेरिकी बाजार के मजबूत आर्थिक आंकडों के बाद फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर चिंता बढ़ी है. बाजार में अक्टूबर में फिर ब्याज दर बढ़ने की संभावना पर दांव बढ़ा है. ऊंची ब्याज दर का मतलब है कि कंपनियों और अर्थव्यवस्था के लिए कर्ज महंगा रह सकता है. इससे शेयरों में निवेश पर दबाव बन सकता है. खासकर ऊंची वैल्यूएशन वाले शेयरों पर इसका असर देखने को मिल सकता है.

कच्चा तेल 102 डॉलर के पार

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भारतीय बाजार की चिंता और बढ़ा दी है. ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया. भारत अपनी जरूरत का बडा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है. इसलिए तेल महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ सकता है. इसका असर महंगाई और रुपये पर भी पड़ सकता है. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता भी तेल की कीमतों के लिए अहम कारण बनी हुई है.

रुपया कमजोर होने से बढ़ी चिंता

तेल की बढ़ती कीमत और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच रुपये पर भी दबाव बना हुआ है. हाल के कारोबार में रुपया 95.87 के आसपास पहुंच गया था. कमजोर रुपया भारत के लिए कच्चे तेल जैसे आयातित सामान की लागत बढ़ा सकता है. इससे कंपनियों की लागत और महंगाई पर असर पड़ सकता है. बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहने से भी निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है.

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Bajaj Finance समेत बड़े शेयरों में गिरावट

गुरुवार के कारोबार में Bajaj Finance सबसे ज्यादा दबाव वाले सेंसेक्स शेयरों में रहा और इसमें 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई. Axis Bank और Bajaj Finserv में भी 3 से 4 फीसदी तक की कमजोरी रही. IndiGo, Kotak Mahindra Bank, Asian Paints, HDFC Bank और Trent के शेयर भी नीचे रहे. व्यापक बाजार में भी बिकवाली देखने को मिली और Nifty Midcap 100 तथा Nifty Smallcap 100 करीब 1 फीसदी नीचे रहे.

निफ्टी के सभी सेक्टर लाल निशान में

बाजार में बिकवाली का असर लगभग सभी प्रमुख सेक्टर पर देखने को मिला. Private Bank और Financial Services इंडेक्स में करीब 2 फीसदी की गिरावट रही. बाजार की चौडाई भी कमजोर रही और गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़कर चढने वाले शेयरों से काफी ज्यादा हो गई. इससे पता चलता है कि गिरावट केवल कुछ बडे शेयरों तक सीमित नहीं रही. निवेशक फिलहाल बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल और अमेरिकी ब्याज दरों से जुडे संकेतों पर नजर रख रहे हैं.