दिवाली से पहले आतिशबाजी, लगातार चौथे दिन रॉकेट हुआ बाजार; विदेशी निवेशकों में माहौल किया गुलजार
शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला लगातार चौथे कारोबारी दिन जारी रहा. मंगलवार को सेंसेक्स 1,225 अंक की बढ़त के साथ 76,917 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 370 अंक उछलकर 23,707.75 के स्तर पर पहुंच गया. ऑटो, FMCG, प्राइवेट बैंक और NBFC शेयरों में खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली.

शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला लगातार चौथे कारोबारी दिन जारी रहा. मंगलवार को घरेलू बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली. सेंसेक्स 1,225 अंक से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी 370 अंक की बढ़त के साथ 23,800 के पार बंद हुआ. बाजार में ऑटो, FMCG, प्राइवेट बैंक और NBFC शेयरों में खरीदारी ने तेजी को मजबूती दी. इसके अलावा विदेशी निवेशकों की खरीदारी, रुपये में रिकवरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भी बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से टैक्सेशन से जुड़ी निवेशकों की चिंताओं और विदेशी निवेश के आउटफ्लो पर विचार करने के बयान से भी बाजार को सपोर्ट मिला.
सेंसेक्स 1225 अंक उछला, निफ्टी 23,700 के पार
मंगलवार को कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,225 अंक या 1.62 फीसदी की बढ़त के साथ 76,917 पर बंद हुआ. पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 75,692.78 के स्तर पर बंद हुआ था. वहीं, निफ्टी 50 में 370 अंक या 1.58 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. यह 23,707.75 के स्तर पर बंद हुआ.
बाजार में खरीदारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स में डेढ़ फीसदी से ज्यादा की तेजी रही. लगातार चौथे दिन बाजार में बढ़त से निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हुआ.
ऑटो, FMCG और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी
मंगलवार के कारोबार में ऑटो, FMCG, प्राइवेट बैंक और NBFC शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली. इन सेक्टरों में तेजी ने बाजार को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई. बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से निफ्टी को भी मजबूती मिली.
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FII खरीदारी और रुपये में रिकवरी से मिला सपोर्ट
बाजार में तेजी के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की खरीदारी भी एक अहम वजह रही. इसके साथ ही रुपये में रिकवरी से निवेशकों का सेंटीमेंट बेहतर हुआ. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी बाजार को समर्थन दिया.
इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान से निवेशकों को राहत मिली. उन्होंने टैक्सेशन को लेकर निवेशकों की चिंताओं और विदेशी निवेश के आउटफ्लो से जुड़े मुद्दों पर विचार करने की बात कही. बाजार ने इन संकेतों को सकारात्मक रूप में लिया.