8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ेगी सैलरी? एक साल में क्या-क्या हुआ, जानिए
8वें वेतन आयोग के गठन को 3 नवंबर 2026 को एक साल पूरा हो गया है. इस दौरान आयोग ने कर्मचारियों और पेंशनर्स से सुझाव मांगे और अलग-अलग शहरों में बैठकें कीं. फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम सैलरी और पेंशन बढ़ोतरी पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. आयोग को मई 2027 तक अपनी सिफारिशें सौंपनी हैं.
Highlights
- 8वें वेतन आयोग के गठन को एक साल पूरा हो गया
- फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम सैलरी और पेंशन पर फैसला अभी बाकी
- आयोग को मई 2027 तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपनी हैं
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर 3 नवंबर 2026 का दिन अहम है. आज आयोग के गठन को एक साल पूरा हो गया है. पिछले एक साल में कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन, फिटमेंट फैक्टर और भत्तों को लेकर कई गतिविधियां हुई हैं. कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें रखी हैं और आयोग ने अलग-अलग शहरों में कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें भी की हैं. हालांकि, अभी तक फिटमेंट फैक्टर और नई सैलरी को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है.
- 3 नवंबर 2025 को हुआ था आयोग का गठन
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की अधिसूचना जारी की थी. आयोग की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई. वहीं, प्रोफेसर पुलक घोष को पार्ट टाइम सदस्य और पंकज जैन को सदस्य सचिव बनाया गया. आयोग को केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों, पेंशन और दूसरी सुविधाओं की समीक्षा करके सरकार को सिफारिशें देनी हैं. इसके लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है.
- आयोग ने शुरू की कर्मचारियों से बातचीत
आयोग ने कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके संगठनों से सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू की. इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ज्ञापन और सुझाव आमंत्रित किए गए. कर्मचारी संगठन अपनी मांगों और वेतन संशोधन से जुड़े प्रस्ताव आयोग को भेज रहे हैं. इस प्रक्रिया का मकसद अलग-अलग विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों की जरूरतों और समस्याओं को समझना है.
- अलग-अलग शहरों में हुईं बैठकें
पिछले एक साल में आयोग ने कर्मचारियों और संगठनों से बातचीत के लिए अलग-अलग शहरों का दौरा किया. दिल्ली के अलावा चंडीगढ़, जयपुर, बेंगलुरु और मुंबई में भी बैठकें आयोजित की गईं. अक्टूबर 2026 में आयोग ने बेंगलुरु और मुंबई में कर्मचारी संगठनों और दूसरे हितधारकों के साथ चर्चा की. इन बैठकों में वेतन, पेंशन, भत्तों और कामकाज से जुड़ी समस्याओं पर सुझाव लिए गए.
- फिटमेंट फैक्टर पर अभी फैसला नहीं
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है. इसी के आधार पर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय करने में मदद मिलेगी. अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने 3 से लेकर 4 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है. हालांकि, आयोग ने अभी तक किसी फिटमेंट फैक्टर का ऐलान नहीं किया है. इसलिए सोशल मीडिया और दूसरी जगहों पर सामने आ रहे 2.57, 3 या 3.68 जैसे आंकड़ों को फिलहाल आधिकारिक फैसला नहीं माना जाना चाहिए.
- सैलरी और पेंशन बढ़ाने की मांगों पर चर्चा
कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने न्यूनतम वेतन बढ़ाने, महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और दूसरे भत्तों में बदलाव की मांग रखी है. पेंशनर्स संगठनों ने भी न्यूनतम पेंशन बढ़ाने, फैमिली पेंशन में सुधार और पुरानी पेंशन से जुड़े मुद्दे उठाए हैं. इन मांगों पर आयोग अपनी समीक्षा के दौरान विचार करेगा.
कब तक आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?
सरकार ने आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का समय दिया है. इस हिसाब से आयोग मई 2027 तक अपनी सिफारिशें दे सकता है. हालांकि, रिपोर्ट आने के तुरंत बाद कर्मचारियों की सैलरी बढ़ना जरूरी नहीं है. पहले सरकार आयोग की सिफारिशों की समीक्षा करेगी. इसके बाद मंजूरी और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने पर नई सैलरी और पेंशन लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी.
कर्मचारियों के लिए सबसे जरूरी बात: 8वें वेतन आयोग का एक साल पूरा हो गया है, लेकिन अभी फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम बेसिक सैलरी, पेंशन में बढ़ोतरी और एरियर को लेकर कोई अंतिम सरकारी घोषणा नहीं हुई है. फिलहाल इन सभी मामलों में आयोग की सिफारिशों और सरकार के फैसले का इंतजार करना होगा.
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