चीन पर यूएस की सख्ती से भारत की इन 2 कंपनियों को बड़ा फायदा! डेटा सेंटर बूम से बदल सकती है तस्वीर; रखें नजर

AI के बढ़ते इस्तेमाल से दुनियाभर में डेटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसके साथ ऑप्टिकल फाइबर और कनेक्टिविटी प्रोडक्ट्स की डिमांड भी बढ़ रही है. यूएस-चीन टेक्नोलॉजी राइवलरी के बीच Sterlite Technologies और एचएफसीएल को बड़ा फायदा मिल सकता है.

डाटा सेंटर Image Credit: CANVA

Data Centre Stocks: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ दुनियाभर में डेटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है. डेटा सेंटर में बढ़ती कनेक्टिविटी की जरूरत ने ऑप्टिकल फाइबर और कनेक्टिविटी प्रोडक्ट्स की मांग को भी बढ़ाया है. इसी बीच यूएस और चीन के बीच बढ़ती टेक्नोलॉजी राइवलरी का असर डेटा सेंटर सप्लाई चेन पर भी पड़ सकता है. अगर यूएस की ओर से चीन से कुछ डेटा सेंटर पार्ट्स के इंपोर्ट पर प्रस्तावित प्रतिबंध लागू होता है, तो इसका सीधा फायदा चीन के बाहर मौजूद ऑप्टिकल फाइबर और कनेक्टिविटी सप्लायर्स को मिल सकता है. इस संभावित बदलाव के बीच भारत की 2 कंपनियां इन्वेस्टर्स के रडार पर आ गई हैं.

चीन पर यूएस की सख्ती से भारतीय कंपनियों को मौका

यूएस पहले ही चीन से आने वाले ऑप्टिकल फाइबर केबल्स पर 35 फीसदी एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा चुका है. इससे चाइनीज फाइबर मैन्युफैक्चरर्स की प्राइस कॉम्पिटिटिवनेस प्रभावित हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, कई यूएस बायर्स अब कीमत के बावजूद चाइना से फाइबर खरीदने से बच रहे हैं. दूसरी ओर, कमोडिटी रिसर्च यूनिट के अनुमान के मुताबिक, 2026 में डेटा सेंटर से जुड़ी ऑप्टिकल केबल डिमांड वैश्विक स्तर पर 63 फीसदी बढ़ सकती है.

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका कुछ डेटा सेंटर पुर्जों के इंपोर्ट पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है. ऐसे में अगर यूएस में चीन सप्लायर्स की भूमिका और कम होती है, तो नॉन-चाइनीज कंपनियों के लिए बड़ा मार्केट अपॉर्च्युनिटी तैयार हो सकता है.

Sterlite Technologies को मिल सकता है बड़ा फायदा

स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज डिजिटल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट में एक प्रमुख कंपनी है. कंपनी की ऑप्टिकल केबल मार्केट में चीन के बाहर करीब 9 फीसदी हिस्सेदारी है. डेटा सेंटर और टेलीकॉम ऑपरेटर्स से बढ़ती मांग ने कंपनी के कारोबार को मजबूत किया है. FY27 की पहली तिमाही में स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज का रेवेन्यू 87 फीसदी बढ़कर 1,910 करोड़ रुपये हो गया.

वहीं EBITDA 184 फीसदी बढ़कर 397 करोड़ रुपये रहा और EBITDA मार्जिन 20.8 फीसदी पर पहुंच गया. कंपनी का नेट प्रॉफिट भी पिछले साल की समान तिमाही के 10 करोड़ रुपये से बढ़कर 197 करोड़ रुपये हो गया. गुरुवार को कंपनी का शेयर इंट्रा-डे में 4.30 फीसदी बढ़कर 677 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.

20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ऑर्डर बुक

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज की ऑर्डर बुक 30 जून 2026 तक 18,618 करोड़ रुपये थी. इसके बाद 5 अगस्त 2026 को कंपनी को ऑप्टिकल फाइबर सप्लाइज के लिए 210 मिलियन डॉलर यानी करीब 2,000 करोड़ रुपये का एक और ऑर्डर मिला. इसके साथ कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 20,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई.

HFCL भी यूएस डेटा सेंटर बूम का बड़ा बेनिफिशियरी

दूसरी कंपनी HFCL है. कंपनी का मुख्य कारोबार टेलीकम्युनिकेशंस और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में है और यह ऑप्टिकल फाइबर केबल की प्रमुख सप्लायर्स में शामिल है. हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स से बढ़ती ऑप्टिकल फाइबर डिमांड का फायदा एचएफसीएल को भी मिल रहा है.

Q1FY27 में एचएफसीएल का डेटा सेंटर कनेक्टिविटी रेवेन्यू 100 करोड़ रुपये रहा. मैनेजमेंट को उम्मीद है कि FY27 में यह कारोबार 700 करोड़ रुपये से ज्यादा का रेवेन्यू दे सकता है. 30 जून 2026 तक कंपनी के पास डेटा सेंटर ऑर्डर्स 850 करोड़ रुपये से अधिक के थे. कंपनी अपने डेटा सेंटर इंटरकनेक्ट प्लांट की कैपेसिटी को 5 गुना बढ़ा रही है.

ग्लोबल मार्केट पर बढ़ा फोकस

एचएफसीएल ने भी अपने कारोबार को ज्यादा मार्जिन वाले ग्लोबल मार्केट्स की ओर मोड़ा है. Q1FY27 में टेलीकॉम प्रोडक्ट्स से रेवेन्यू कंट्रीब्यूशन करीब 85 फीसदी रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 62 फीसदी था. कंपनी का एक्सपोर्ट रेवेन्यू Q1FY27 में बढ़कर 1,063 करोड़ रुपये हो गया, जबकि Q1FY26 में यह 210 करोड़ रुपये था. एक्सपोर्ट्स अब कंपनी के कुल रेवेन्यू का करीब 56 फीसदी हैं और मैनेजमेंट FY27 में इसे 60 फीसदी से ज्यादा करने का लक्ष्य रखता है. गुरुवार को कंपनी का शेयर इंट्रा-डे में 3 फीसदी बढ़कर 227 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.

एचएफसीएल की ऑर्डर बुक भी रिकॉर्ड स्तर पर

एचएफसीएल की कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक करीब 26,665 करोड़ रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई है. इसमें से करीब 22,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर्स अगले 5 वर्षों में पूरे किए जाने हैं. ऑप्टिकल फाइबर केबल ऑर्डर्स करीब 16,000 करोड़ रुपये के हैं, जबकि डिफेंस ऑर्डर बैकलॉग करीब 2,300 करोड़ रुपये है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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