Stock Market Prediction: 8 हफ्ते से गिर रहा बाजार, सोमवार को क्या होगा? सेंसेक्स-निफ्टी के लिए ये लेवल अहम

भारतीय शेयर बाजार लगातार आठवें हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ है. अब सोमवार 5 अक्टूबर को RBI की MPC बैठक, कच्चे तेल की कीमत, US-Iran युद्ध, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और ग्लोबल बाजारों के संकेत बाजार की दिशा तय कर सकते हैं.

सोमवार को कैसा रहेगा मार्केट का हाल Image Credit: Getty image

भारतीय शेयर बाजार में लगातार आठवें हफ्ते गिरावट देखने को मिली है. कमजोर ग्लोबल संकेतों, लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली, बढ़ती बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव बनाए रखा. पूरे हफ्ते में सेंसेक्स 1,670.84 अंक टूटा, जबकि Nifty में 3% से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई.

अब सोमवार यानी 5 अक्टूबर को बाजार की दिशा पर कई बड़े ट्रिगर असर डाल सकते हैं. इनमें RBI की MPC बैठक, कच्चे तेल की कीमत, US-Iran युद्ध, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और ग्लोबल मार्केट के संकेत शामिल हैं.

गुरुवार को कैसा रहा बाजार?

गुरुवार को Sensex और Nifty लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए. लगातार FII बिकवाली, ऊंची बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में ताजा उछाल ने निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर किया. BSE सेंसेक्स 570.59 अंक यानी 0.79 फीसदी गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,187.41 अंक तक टूटकर 71,292.88 के नए 52-वीक लो पर पहुंच गया. वहीं, NSE Nifty 50 198.50 अंक यानी 0.88 फीसदी गिरकर 22,421.95 पर बंद हुआ.

सोमवार को बाजार के लिए ये 5 ट्रिगर अहम

1. RBI MPC की बैठक

RBI की Monetary Policy Committee यानी MPC की बैठक 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक होगी. पॉलिसी का फैसला 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे घोषित किया जाएगा. बाजार की नजर इस बैठक में RBI के रुख और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर रहेगी.

2. Q2 नतीजों का सीजन शुरू

सितंबर तिमाही के नतीजों का सीजन भी अगले हफ्ते से शुरू होगा. TCS 8 अक्टूबर यानी गुरुवार को वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करेगी. यह सितंबर तिमाही के नतीजों की शुरुआत होगी और बाजार की नजर कंपनियों की कमाई और आगे के आउटलुक पर रहेगी.

3. कच्चे तेल की कीमत

कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार के लिए अहम ट्रिगर बनी हुई हैं. ब्रेंट क्रूड 6 सेंट यानी 0.06% गिरकर 102.25 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ. वहीं WTI क्रूड 1.76 डॉलर यानी 1.90% गिरकर 91.11 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ. पूरे हफ्ते की बात करें तो Brent में 0.11% की बढ़त रही, जबकि WTI में 1.6% की गिरावट आई.

4. US-Iran युद्ध का असर

US-Iran युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ा तनाव भी बाजार के लिए बड़ा जोखिम बना हुआ है. ईरान की होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की हालिया पेशकश को खारिज किए जाने और US मिड टर्म इलेक्शन के बाद फिर से सैन्य कार्रवाई की आशंका ने एनर्जी कीमतों में जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम को ऊंचा रखा है. इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमत और भारत जैसे तेल आयातक देशों के बाजार पर पड़ सकता है.

5. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हाल की तेजी भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण है. बॉन्ड यील्ड कई साल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. आने वाले हफ्ते में यील्ड की दिशा पर बाजार की नजर रहेगी, क्योंकि इससे भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट में ग्लोबल लिक्विडिटी और FPI फ्लो प्रभावित हो सकते हैं.

सोमवार को सेंसेक्स का क्या होगा?

2 अक्टूबर को GIFT Nifty 0.59% यानी 133.50 अंक चढ़कर 22,624.50 पर बंद हुआ था. सेंसेक्स की बात करें तो इंडेक्स 71,909.70 पर बंद हुआ और 570.59 अंक यानी 0.79% गिरा. कारोबार के दौरान इंडेक्स ने अप्रैल 2025 के 71,425.01 के swing low को भी तोड़ दिया, हालांकि बाद में इस स्तर के ऊपर बंद हुआ.

मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, डेली चार्ट पर सेंसेक्स अभी 50-Day EMA के 75,544.56 और 200-Day EMA के 77,684.60 से नीचे है. वहीं RSI घटकर 24.55 पर आ गया है, जो बाजार में काफी ज्यादा ओवरसोल्ड मोमेंटम का संकेत देता है. रिपोर्ट के मुताबिक, सेंसेक्स का बड़ा सपोर्ट जोन 71,000-71,200 है, जबकि रेजिस्टेंस 72,300-72,500 के स्तर पर है.

Nifty 50 का क्या है आउटलुक?

Nifty 50 22,421.95 पर बंद हुआ. इंडेक्स में लगातार आठ हफ्ते की गिरावट के बाद अब नजर अहम long-term moving average support zone पर है. रिपोर्ट के मुताबिक Nifty ने 200-WSMA और 200-WEMA के करीब 22,400-22,600 के अहम सपोर्ट जोन को टेस्ट किया है. करीब छह साल बाद इंडेक्स इस जोन के आसपास आया है. Nifty पिछले बड़े स्विंग लो 22,182.55 के भी करीब पहुंच गया है. रिपोर्ट के मुताबिक व्यापक ट्रेंड अभी भी नकारात्मक है, लेकिन अहम टेक्निकल सपोर्ट और ओवरसोल्ड कंडीशन के कारण शार्ट टर्म रिबाउंड देखने को मिल सकता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि 22,800 पहला अपसाइड टारगेट है. इसके बाद 23,100-23,200 का स्तर अहम हो सकता है.

हालांकि, अगर अप्रैल के लो के नीचे निर्णायक गिरावट आती है तो रिबाउंड की संभावना खत्म हो सकती है और Nifty 21,700-22,000 की तरफ जा सकता है. ऐसे में स्टॉप लॉस और रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान देना जरूरी रहेगा.

अमेरिकी बाजार से क्या संकेत मिले?

शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ. उम्मीद से कमजोर जॉब डेटा के बाद इस महीने के अंत में फेडरल रिजर्व की बैठक में रेट हाइक की संभावना को लेकर बाजार की उम्मीदें कम हुईं.

Nasdaq

Nasdaq Composite 319.27 अंक यानी 1.2% बढ़कर 27,190.86 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान इंडेक्स ने रिकॉर्ड हाई भी बनाया, हालांकि Treasury yields की दिशा बदलने के बाद बढ़त कुछ कम हुई. पूरे हफ्ते Nasdaq में 0.6% की बढ़त रही और यह लगातार तीसरा साप्ताहिक बढ़त वाला हफ्ता रहा.

S&P 500

S&P 500 56.27 अंक यानी 0.7% बढ़कर 7,722.72 पर बंद हुआ. हालांकि शुक्रवार की तेजी के बावजूद पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.3% नीचे रहा.

Dow Jones

Dow Jones Industrial Average 250 अंक यानी 0.5% बढ़कर 51,176.46 पर बंद हुआ. पूरे हफ्ते में Dow करीब 1.3% नीचे रहा.

South Korea के Kospi का हाल

28 सितंबर से 2 अक्टूबर वाले हफ्ते में South Korea का Kospi कमजोर रहा. इंडेक्स पिछले हफ्ते के मुकाबले 77.18 अंक यानी 1.1% गिरकर 7,003.74 पर बंद हुआ. हालांकि हफ्ते के अंत में इसमें अच्छी रिकवरी देखने को मिली, लेकिन सप्ताह की शुरुआत में हुई तेज गिरावट की भरपाई नहीं हो सकी.

28 सितंबर को Kospi 2.7% गिरकर 6,889.74 पर आ गया था. इस दौरान Samsung Electronics और SK Hynix में बिकवाली, अमेरिकी Treasury yields में तेजी और Middle East को लेकर अनिश्चितता ने बाजार पर दबाव बनाया.

Japan के Nikkei का हाल

शुक्रवार को जापान का शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुआ. Paper & Pulp, Transport और Communication सेक्टर में गिरावट का असर Nikkei पर पड़ा. Nikkei 225 0.87% गिरकर बंद हुआ. हालांकि इंडेक्स के टॉप परफॉर्मर्स में Resonac Holdings Corp रहा, जिसका शेयर 8.71% यानी 1,385 अंक चढ़कर 17,280 पर बंद हुआ.

Taiwan बाजार से क्या संकेत?

Taiwan का बेंचमार्क TAIEX इंडेक्स शुक्रवार को 122 अंक यानी 0.3% चढ़कर 48,476 के नए रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ. यह लगातार तीसरा सत्र था जब इंडेक्स में बढ़त देखने को मिली. Energy Minerals, Producer Manufacturing और Process Industry से जुड़े शेयरों में तेजी ने बाजार को सपोर्ट दिया.

सोमवार के लिए पूरा बाजार संकेत

कुल मिलाकर भारतीय बाजार लगातार आठवें हफ्ते दबाव में रहा है. Sensex के लिए 71,000-71,200 और Nifty के लिए 22,400-22,600 का सपोर्ट जोन बेहद अहम रहेगा. वहीं Nifty में 22,800 शुरुआती अपसाइड लेवल है, जिसके बाद 23,100-23,200 पर नजर रहेगी.

दूसरी तरफ RBI MPC बैठक, कच्चे तेल, US-Iran तनाव, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की गतिविधि सोमवार के कारोबार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

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