Nestle का ये प्रोडक्ट जांच में निकला Unsafe! FSSAI की रिपोर्ट के बाद कंपनी ने दी सफाई

FSSAI ने नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में होटल ललित में सैंपलिंग के बाद Nestle इंडिया के एक Low Fat Dairy Whitener को अनसेफ और सबस्टैंडर्ड बताया है. रिपोर्ट में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के उल्लंघन का पता चला. इस वजह से, भारत होटल्स लिमिटेड को गलत प्रोडक्ट की बिक्री रोकने के लिए नोटिस भेजा गया.

नेस्ले Image Credit: Mustafa Hatipoglu/Anadolu via Getty Images

Highlights

  • नेस्ले डेयरी व्हाइटनर सैंपल मिला अनसेफ.
  • FSSAI ने द ललित को भेजा नोटिस.
  • नेस्ले ने प्रोडक्ट को बताया सुरक्षित.

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी FSSAI ने कहा कि Nestle India का बनाया हुआ लो-फैट डेयरी व्हाइटनर का एक सैंपल जो नेशनल कैपिटल के कनॉट प्लेस में होटल ललित से लिया गया था, अनसेफ और सबस्टैंडर्ड पाया गया है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, फूड रेगुलेटर ने कहा कि भारत होटल्स लिमिटेड (द ललित), कनॉट प्लेस, नई दिल्ली से एक सैंपल लिया गया था.

FSSAI के मुताबिक, फूड एनालिस्ट की लैब की रिपोर्ट ने प्रोडक्ट को सबस्टैंडर्ड और अनसेफ बताया है जो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (FSS) एक्ट, 2006 के तहत नॉन-कम्प्लायंस दिखाता है.

एक्शन के लिए दी गई लैब एनालिसिस रिपोर्ट

रेगुलेटर ने कहा कि लैब एनालिसिस रिपोर्ट की एक कॉपी फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) को रेफरेंस और जरूरी एक्शन के लिए दी गई थी. नॉन-कम्प्लायंस प्रोडक्ट को लेकर भारत होटल्स लिमिटेड को एक नोटिस भी जारी किया गया है. FBO को तय समय के अंदर FSS एक्ट 2006 के संबंधित सेक्शन के तहत फूड एनालिस्ट की रिपोर्ट के खिलाफ अपील करने का मौका दिया गया था.

FSSAI ने आगे कहा कि FBO को पहचाने गए असुरक्षित फ़ूड प्रोडक्ट की बिक्री तुरंत रोकने का भी निर्देश दिया गया है. यह डेवलपमेंट पैकेज्ड फ़ूड प्रोडक्ट्स की टेस्टिंग में फ़ूड सेफ़्टी अथॉरिटीज की भूमिका को दिखाता है और जब सैंपल तय सेफ्टी और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को पूरा नहीं करते हैं तो एक्शन लिया जाता है.

क्या है Nestle का कहना?

इंडिया टुडे के मुताबिक, रिपोर्ट के जवाब में, नेस्ले इंडिया ने कहा कि लो फ़ैट डेयरी व्हाइटनर इस्तेमाल करने के लिए सेफ है और सभी लागू रेगुलेटरी जरूरतों का पालन करता है. कंपनी ने कहा कि फॉस्फोरस दूध में नैचुरली होता है और इसलिए यह दूध से बने प्रोडक्ट्स में भी मौजूद है. यह भी कहा कि FSSAI लैब रिपोर्ट में टोटल फॉस्फोरस को एडिटिव लिमिट के मुकाबले दिखाया गया है, लेकिन दूध से बने इंग्रीडिएंट्स में नैचुरली पाए जाने वाले फॉस्फोरस को ध्यान में नहीं रखा गया है.

नेस्ले ने कहा कि प्रोडक्ट फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशंस के तहत मिलाए गए फॉस्फोरस की तय लिमिट का पालन करता है, जिसमें इस्तेमाल के आधार पर मिलाए गए फ़ॉस्फ़ोरस भी शामिल हैं. कंपनी ने यह भी कहा कि वह सही तरीके से अधिकारियों से बात कर रही है और दूध से बने दूसरे प्रोडक्ट्स पर डेटा शेयर किया है ताकि कुदरती तौर पर पाए जाने वाले फ़ॉस्फ़ोरस की मौजूदगी को हाइलाइट किया जा सके.

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