Sun Pharma Stock: तीन दिन की तेजी के बाद लगा ब्रेक, अमेरिकी डील से 2 फीसदी से ज्यादा गिरा शेयर
Sun Pharma के शेयर अमेरिकी सरकार के साथ दवा कीमतों को लेकर हुए समझौते के बाद 2 फीसदी से ज्यादा टूट गए. कंपनी ने अमेरिकी Medicaid प्रोग्राम और भविष्य की नई दवाओं के लिए MFN प्राइसिंग लागू करने पर सहमति दी है.

सन फार्मा के शेयरों में मंगलवार 1 सितंबर को शुरुआती कारोबार के दौरान 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. कंपनी ने अमेरिकी सरकार के साथ दवा कीमतों को लेकर एक समझौता किया है. इस समझौते के तहत कंपनी अमेरिका के स्टेट मेडिकेड प्रोग्राम और भविष्य में लॉन्च होने वाली नई दवाओं के लिए कम कीमत देने पर सहमत हुई है. इसके बदले कंपनी को टैरिफ के मोर्चे पर राहत मिली है. हालांकि निवेशकों ने इस समझौते पर फिलहाल नेगेटिव रिस्पांस दी. शेयर 2.3 फीसदी गिरकर 1,940 रुपये तक पहुंच गया और निफ्टी 50 के सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहा.
तीन दिन की तेजी पर लगा ब्रेक
सन फार्मा के शेयर में पिछले तीन कारोबारी सत्रों से लगातार तेजी देखने को मिल रही थी. इस दौरान कंपनी के शेयर में करीब 4.5 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई थी. पिछले कारोबारी सत्र में ही शेयर 3.4 फीसदी चढ़ा था. लेकिन मंगलवार को अमेरिकी सरकार के साथ हुए नए समझौते के बाद इसमें गिरावट आ गई. शुरुआती कारोबार में शेयर 2.3 फीसदी टूटकर 1,940 रुपये पर पहुंच गया. इसके साथ ही शेयर की तीन दिन से जारी तेजी पर ब्रेक लग गया.
अमेरिकी दवा कीमतों को लेकर हुआ समझौता
सन फार्मा ने बताया कि उसने अमेरिकी सरकार के साथ एक समझौता किया है. कंपनी इस समझौते के तहत मोस्ट फेवर्ड नेशन यानी MFN प्राइसिंग को अमेरिकी स्टेट मेडिकेड प्रोग्राम तक बढाएगी. इसके अलावा भविष्य में लॉन्च होने वाली नई और इनोवेटिव दवाओं पर भी MFN प्राइसिंग लागू करने की प्रतिबद्धता जताई गई है. कंपनी ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में इस समझौते की जानकारी दी. समझौते की बाकी शर्तों को गोपनीय रखा गया है.
कंपनी की कमाई पर पड सकता है असर
कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराने की कमिटमेंट से सन फार्मा की कमाई पर असर पड़ने की आशंका है. जिन दवाओं को इस समझौते में शामिल किया गया है उनकी कीमत और बिक्री से मिलने वाली आय कम हो सकती है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि कौन सी दवाएं समझौते के दायरे में आएंगी. कंपनी ने इससे जुड़ी कीमतों और बिक्री की पूरी जानकारी भी पब्लिक नहीं की है. ऐसे में इस समझौते का वास्तविक वित्तीय असर फिलहाल तय करना मुश्किल है.
टैरिफ के मोर्चे पर मिली बड़ी राहत
दवा कीमतों में रियायत के बदले सन फार्मा को अमेरिकी टैरिफ से राहत मिली है. अमेरिकी सरकार ने कंपनी के इनोवेटिव फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पर सेक्शन 232 टैरिफ को दो साल से ज्यादा समय तक लागू नहीं करने पर सहमति दी है. यह राहत अमेरिका में कंपनी के निवेश को देखते हुए दी गई है. टैरिफ से राहत सन फार्मा के लिए अहम मानी जा रही है. खासतौर पर ऐसे समय में जब कंपनी अमेरिकी बाजार में अपने कारोबार का लगातार विस्तार कर रही है.
सन फार्मा के लिए अमेरिका क्यों है अहम
अमेरिकी बाजार सन फार्मा की ग्रोथ रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. कंपनी की ग्लोबल इनकम में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 27 फीसदी है. अमेरिका इनोवेटिव दवाओं के लिए कंपनी का सबसे बड़ा बाजार भी है. सन फार्मा ने जेनेरिक दवाओं के साथ साथ स्पेशलिटी और इनोवेटिव मेडिसिन कारोबार में भी विस्तार किया है. डर्मेटोलॉजी, ऑप्थल्मोलॉजी और ऑनको डर्मेटोलॉजी से जुड़ा इसका इनोवेटिव मेडिसिन पोर्टफोलियो कंपनी की कुल बिक्री में करीब 22 फीसदी योगदान देता है.
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15 फीसदी चढ़ चुका है शेयर
मंगलवार की गिरावट के बावजूद सन फार्मा के शेयर ने 2026 में अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है. इस साल अब तक कंपनी का शेयर करीब 15 फीसदी चढ़ चुका है. वहीं इसी अवधि में निफ्टी 50 में करीब 8 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. कंपनी अमेरिका में अपनी मौजूदगी और मजबूत करने की तैयारी में भी है. इस साल की शुरुआत में सन फार्मा ने Organon and Co के अधिग्रहण के लिए 11.75 अरब डॉलर के एंटरप्राइज वैल्यू पर समझौता किया था.
डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.