Swiggy में ₹982 करोड़ की ब्लॉक डील, ब्रोकरेज फर्म्स ने घटा दिए हैं टारगेट; शेयर में 3% से अधिक की गिरावट

Swiggy Block Deal: यह ब्लॉक डील ऐसे समय में हुई है, जब हाल ही में स्विगी लिमिटेड ने सितंबर तिमाही में 922 करोड़ रुपये का चौंकाने वाला घाटा दर्ज किया है. यह ब्लॉक डील कंपनी की इक्विटी का 1.87 फीसदी हिस्सा है. खबर लिखे जाने तक खरीदारों और विक्रेताओं की पहचान नहीं हो सकी थी.

स्विगी ब्लॉक डील Image Credit: Pavlo Gonchar/SOPA Images/LightRocket via Getty Images

Swiggy Block Deal: शुक्रवार को NSE पर स्विगी लिमिटेड (Swiggy Ltd) में 982 करोड़ रुपये के ब्लॉक डील हुए. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, 180.65 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कुल 5,43,47,662 शेयरों का लेन-देन हुआ. यह कीमत गुरुवार के 185.25 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से 2.48 फीसदी कम (डिस्काउंट पर) थी. यह ब्लॉक डील कंपनी की इक्विटी का 1.87 फीसदी हिस्सा है. खबर लिखे जाने तक खरीदारों और विक्रेताओं की पहचान नहीं हो सकी थी.

घाटे के बाद ब्लॉक डील

यह ब्लॉक डील ऐसे समय में हुई है, जब हाल ही में स्विगी लिमिटेड ने सितंबर तिमाही में 922 करोड़ रुपये का चौंकाने वाला घाटा दर्ज किया है. इसके बाद ब्रोकरेज फर्म्स ने कंपनी के लिए अपने टारगेट प्राइस घटा दिए हैं. हालांकि, इसके बावजूद स्टॉक पर अभी भी ‘खरीदने’ (Buy) की आम राय बनी हुई है.

स्विगी के शेयर पर ब्रोकरेज के टारगेट

बिजनेस टुडे के अनुसार, JM फाइनेंशियल ने इस स्टॉक के लिए सबसे कम, 200 रुपये प्रति शेयर का टारगेट दिया है. अन्य कम टारगेट में एम्बिट कैपिटल (Ambit Capital) का 220 रुपये और मैक्वेरी (Macquarie) का 230 रुपये का टारगेट शामिल है.नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Nuvama Institutional Equities) ने सबसे अधिक, 403 रुपये का टारगेट दिया है.

विदेशी ब्रोकरेज फर्म्स के टारगेट

विदेशी ब्रोकरेज फर्म्स की बात करें तो, गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने स्विगी के लिए अपना टारगेट 328 रुपये से घटाकर 263 रुपये कर दिया है, जबकि इसकी ‘इक्वलवेट’ (Equalweight) रेटिंग को बरकरार रखा है. HSBC ने अपना टारगेट 315 रुपये से घटाकर 240 रुपये कर दिया है.

क्यों बढ़ गई है चिंता?

JM फाइनेंशियल का कहना है कि स्विगी के Q2FY27 (वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही) के नतीजों ने इंस्टामार्ट (Instamart) की मुनाफे में आने की अनिश्चितता और ‘टॉइंग’ (Toing) की रणनीतिक तर्कसंगतता पर उनकी चिंताओं को और बढ़ा दिया है.

इंस्टामार्ट की नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) में तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) 13.4 फीसदी की तेजी आई, लेकिन इसका कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन Q1FY27 के -0.3 फीसदी से गिरकर -1.4 फीसदी हो गया, क्योंकि यह ग्रोथ ग्राहकों को दिए गए इंसेंटिव (प्रोत्साहन) की वजह से हासिल हुई थी.

JM ने कहा, ‘इसके साथ ही फिक्स्ड कॉस्ट बढ़ने से, एडजस्टेड EBITDA नुकसान 778 करोड़ रुपये से बढ़कर 895 करोड़ रुपये हो गया है. यह ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच के उस लगातार बने रहने वाले द्वंद्व (Dilemma) को दिखाता है.’

कैसी है शेयरों की चाल?

शुक्रवार को स्विगी के शेयर एनएसई पर 3 फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ 189.45 रुपये ट्रेड कर रहे थे. स्विगी के शेयर इस साल अब तक करीब 54 फीसदी टूटे हैं. वहीं, पिछले एक महीने में शेयर में 28 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.