Swiggy Q2 Results: घाटा कम होकर 922 करोड़ रुपये पर आया, रेवेन्यू में 36% का उछाल

Swiggy Q2 Results: हालांकि, पिछली तिमाही (जून तिमाही) के मुकाबले घाटा 792 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 922 करोड़ रुपये हो गया है. स्विगी ने बताया कि सितंबर में फूड डिलीवरी GOV (ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू) में सालाना आधार पर 20% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है.

स्विगी के वित्तीय नतीजे. Image Credit: Getty image

Highlights

  • फूड डिलीवरी GOV में सालाना आधार पर 20% से अधिक की बढ़ोतरी हुई.
  • जून तिमाही के मुकाबले घाटा 792 करोड़ रुपये से बढ़कर 922 करोड़ रुपये हो गया.
  • ऑपरेशन से रेवेन्यू YoY 36% बढ़कर Rs 7,571 करोड़ हो गया.

Swiggy Q2 Results: फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी लिमिटेड ने गुरुवार वित्त वर्ष 2026-27 के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए. कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में उसका टैक्स के बाद का कंसोलिडेटेड घाटा कम होकर 922 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 1,092 करोड़ रुपये था.

हालांकि, पिछली तिमाही (जून तिमाही) के मुकाबले घाटा 792 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 922 करोड़ रुपये हो गया है.

ऑपरेशनल रेवेन्यू

रिपोर्टिंग पीरियड में ऑपरेशन से रेवेन्यू YoY 36% बढ़कर Rs 7,571 करोड़ हो गया. स्विगी का कंसोलिडेटेड एडजस्टेड EBITDA लॉस एक साल पहले के 695 करोड़ रुपये से बढ़कर 760 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एडजस्टेड रेवेन्यू 34% बढ़कर 7,909 करोड़ रुपये हो गया.

EBITDA लॉस

स्विगी का कंसोलिडेटेड एडजस्टेड EBITDA लॉस एक साल पहले के 695 करोड़ रुपये से बढ़कर 760 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एडजस्टेड रेवेन्यू 34% बढ़कर 7,909 करोड़ रुपये हो गया.

कंपनी के कंज्यूमर-फेसिंग बिजनेस ने 20,793 करोड़ रुपये की कंबाइंड ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) बताई, जो साल-दर-साल 24.6% ज्यादा है, क्योंकि फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स और डाइनिंग सर्विसेज में डिमांड बेहतर हुई है.

इंस्टामार्ट

स्विगी इंस्टामार्ट, जो कंपनी का क्विक कॉमर्स बिजनेस है, ने सितंबर तिमाही के दौरान 31% (साल-दर-साल) की GOV ग्रोथ दर्ज की. यह आंकड़ा 9,230 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 7,022 करोड़ रुपये था.

नेट ऑर्डर वैल्यू (जिसमें डिस्काउंट शामिल नहीं हैं) साल-दर-साल 34.8% बढ़कर 6,594 करोड़ रुपये हो गई. पिछली तिमाही की 2.5% ग्रोथ के मुकाबले इस बार ग्रोथ बढ़कर 13.4% हो गई.

इंस्टामार्ट का एडजस्टेड EBITDA नुकसान बढ़कर 895 करोड़ रुपये हो गया (एक साल पहले यह 849 करोड़ रुपये था और जून तिमाही में 778 करोड़ रुपये था). ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कंपनी ने ग्राहकों को आकर्षित करने और ऑर्डर की संख्या बढ़ाने के लिए निवेश में बढ़ोतरी की.

हालांकि, इसका एडजस्टेड EBITDA मार्जिन बेहतर हुआ है. यह GOV का नेगेटिव 9.7% हो गया, जबकि एक साल पहले यह नेगेटिव 12.1% था. इसी अवधि में कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन भी बेहतर होकर नेगेटिव 2.6% से नेगेटिव 1% पर आ गया.

कितने नए ‘डार्क स्टोर’ खुले?

इस तिमाही में स्विगी ने 69 नए ‘डार्क स्टोर’ जोड़े, जिससे 133 शहरों में इसके कुल स्टोरों की संख्या 1,240 हो गई. मंथली ट्रांजैक्शन करने वाले यूजर्स की संख्या 14.8 मिलियन तक पहुंच गई, जो साल-दर-साल 23% की बढ़ोतरी है.

कंपनी ने बताया कि ग्राहकों को लंबे समय तक जोड़े रखने (रिटेंशन), ​​सही प्राइसिंग रणनीति और प्रोडक्ट रेंज के विस्तार से ग्रोथ को तेज करने में मदद मिली. मैनेजमेंट को उम्मीद है कि दिसंबर तिमाही में भी इंस्टामार्ट की नेट ऑर्डर वैल्यू में डबल-डिजिट ग्रोथ देखने को मिलेगी, साथ ही ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार होगा.

फूड डिलीवरी

स्विगी के मुख्य फूड डिलीवरी बिजनेस की प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार जारी रहा. इसका GOV साल-दर-साल 17.7 फीसदी बढ़कर 10,054 करोड़ रुपये हो गया. इस सेगमेंट ने 341 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक तिमाही एडजस्टेड EBITDA दर्ज किया, जो एक साल पहले के 240 करोड़ रुपये से 42% अधिक है.

एडजस्टेड EBITDA मार्जिन GOV का 2.8% से बढ़कर 3.4% हो गया. इसमें विज्ञापन से होने वाली कमाई, ऑर्डर की अधिक संख्या (ऑर्डर डेंसिटी) और बेहतर डिलीवरी एफिशिएंसी का बड़ा योगदान रहा. फूड डिलीवरी बिज़नेस में मंतली ट्रांजैक्शन करने वाले यूज़र्स की संख्या 19.8 मिलियन रही, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 17.2 मिलियन थी.

फूड डिलीवरी ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू

स्विगी ने बताया कि सितंबर में फूड डिलीवरी GOV (ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू) में सालाना आधार पर 20% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. कंपनी ने अपने मुख्य फूड डिलीवरी बिजनेस (जिसमें ‘टॉइंग’ ऐप शामिल नहीं है) के लिए पूरे साल की 18-20% ग्रोथ का अनुमान बरकरार रखा है.

कंपनी अपने किफायती फूड ऑर्डरिंग प्लेटफॉर्म ‘टॉइंग’ का विस्तार कर रही है, जो अब 50 से अधिक शहरों में उपलब्ध है. मैनेजमेंट के अनुसार, टॉइंग के दो-तिहाई नए यूजर्स या तो स्विगी के लिए बिल्कुल नए हैं, या फिर ऐसे ग्राहक हैं जो लंबे समय से इनएक्टिव थे.

स्विगी के ‘आउट-ऑफ-होम’ कंजम्पशन बिजनेस (जिसमें ‘डाइनआउट’ शामिल है) के GOV में सालाना आधार पर 35% की वृद्धि हुई और यह 1,508 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. यह बिजनेस लगातार सातवीं तिमाही में ‘एडजस्टेड EBITDA’ के लिहाज से मुनाफे में रहा.

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