₹1 लाख को बना दिया ₹20.31 लाख! इस Smallcap शेयर ने 5 साल में दिया 1931% रिटर्न, अब भी बड़ी कहानी बाकी
Transformers & Rectifiers यानी TARIL के शेयर ने 5 साल में 1931 फीसदी तक का रिटर्न दिया है. ऐसे में 1 लाख रुपये का निवेश हुआ होता तो 20.31 लाख रुपये हो जाता. आइए जानते हैं 6630 करोड़ के आर्डर बुक और Nuclear Sector की पूरी कहानी.

TARIL Multibagger Stock: शेयर बाजार में कुछ स्मॉलकैप कंपनियों ने लंबी अवधि में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. Transformers & Rectifiers (India) यानी TARIL भी ऐसे ही शेयरों में शामिल है. कंपनी के शेयर ने पिछले 5 साल में 1931% रिटर्न दिया है यानी अगर किसी निवेशक ने 5 साल पहले इसमें 1 लाख लगाए होते और निवेश बनाए रखा होता, तो उसकी रकम बढ़कर करीब 20.31 लाख रुपये हो गई होती.
हालांकि, पिछले एक साल में शेयर में करीब 47.8% की गिरावट भी आई है. इसलिए पुराने रिटर्न के साथ कंपनी के मौजूदा कारोबार, ऑर्डर बुक और आगे की विकास योजनाओं को भी देखना जरूरी है.
₹1 लाख बने ₹20.31 लाख
5 साल में 1931% रिटर्न का मतलब है कि 1 लाख रुपये के निवेश पर करीब 19.31 लाख रुपये का फायदा हुआ. इस तरह शुरुआती 1 लाख समेत कुल निवेश करीब 20.31 लाख रुपये हो गया. इस जोरदार रिटर्न के पीछे कंपनी के कारोबार और मुनाफे में आया बड़ा बदलाव अहम रहा है. FY21 से FY26 के बीच कंपनी की आय और मुनाफे में कई गुना बढ़ोतरी हुई.
कंपनी की कमाई में आया बड़ा बदलाव
TARIL की Consolidated Revenue from Operations FY21 में 742.08 करोड़ रुपये थी, जो FY26 में बढ़कर 2508.8 करोड़ रुपये हो गई. इसी दौरान कंपनी का EBITDA 78.1 करोड़ से बढ़कर 444 करोड़ रुपये हो गया.
कंपनी का Profit भी FY21 के ₹7.63 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹272 करोड़ पहुंच गया.
| आंकड़ा | FY21 | FY26 |
|---|---|---|
| Revenue | ₹742.08 करोड़ | ₹2,508.80 करोड़ |
| EBITDA | ₹78.10 करोड़ | ₹444 करोड़ |
| Profit | ₹7.63 करोड़ | ₹272 करोड़ |
उत्पादन क्षमता हुई दोगुने से ज्यादा
कंपनी ने अपनी Manufacturing Capacity में भी बड़ा विस्तार किया है. TARIL की Installed Manufacturing Capacity पहले 40,000 MVA थी, जो अब बढ़कर 75,000 MVA से ज्यादा हो गई है. FY26 में कंपनी का उत्पादन 33,763 MVA के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि FY25 में यह 29,118 MVA था.
कंपनी CTC, Pressboard, RIP Bushings और Fabrication जैसे क्षेत्रों में Backward Integration भी कर रही है. कंपनी का लक्ष्य है कि इन सुविधाओं के तैयार होने के बाद उसकी करीब 80%-85% Raw Material जरूरत आंतरिक रूप से पूरी हो सके.
₹6630 करोड़ का ऑर्डर बुक
FY26 के आखिरी में कंपनी के पास 5005 करोड़ रुपये का अनएग्जिक्यूटेड आर्डर बुक था. इसके अलावा 23,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की पूछताछ बातचीत के स्तर पर थी. जून तिमाही में कंपनी को 2114 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले, जो पिछले साल की समान तिमाही से 218% ज्यादा थे. इसके बाद 30 जून 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक बढ़कर 6630 करोड़ रुपये हो गया.
Nuclear Power Sector में भी एंट्री
कंपनी को वित्त वर्ष 2026-27 में भी बड़े ऑर्डर मिले हैं. 14 अगस्त को TARIL को APTRANSCO से Transformer Manufacturing का बड़ा ऑर्डर मिला, जिसकी डिलीवरी अगले 13 महीनों में की जानी है. इसके बाद 29 अगस्त को Megha Engineering and Infrastructures से एक और बड़ा ऑर्डर मिला, जिसे 35 महीनों में पूरा किया जाना है.
यह ऑर्डर कंपनी के लिए इसलिए खास है क्योंकि इसके जरिए TARIL ने Nuclear Power Sector में भी एंट्री की है. कंपनी कर्नाटक में NPCIL के Kaiga Units 5 और 6 Project के लिए Generator Transformers की Supply करेगी. दोनों Units की क्षमता 700 MWe है. यह TARIL का Nuclear Sector से मिला पहला ऑर्डर है.
आगे की कहानी किन चीजों पर निर्भर करेगी?
पिछले 5 साल में 1,931% रिटर्न के पीछे कंपनी के कारोबार, उत्पादन क्षमता और मुनाफे में आया विस्तार अहम रहा है. अब आगे कंपनी की कहानी बड़े आर्डर बुक को समय पर पूरा करने, Capacity Expansion, Nuclear Equipment जैसे नए कारोबार और Backward Integration Projects की सफलता पर निर्भर करेगी.
हालांकि, पिछले एक साल में शेयर में करीब 45.8% की गिरावट भी आई है. इसलिए सिर्फ पुराने रिटर्न को देखकर फ्यूचर का अंदाजा लगाना सही नहीं होगा. कंपनी की आगे की कमाई, ऑर्डर को समय पर पूरा करने की क्षमता और मुनाफे में होने वाली बढ़ोतरी पर नजर रखना जरूरी होगा.
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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.