ट्रंप की हार से झूमा बाजार, निवेशकों ने कमाए ₹8 लाख करोड़, सेंसेक्स 1600 अंक उछला, ये हैं 5 बड़े फैक्टर
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगने के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी आई. सेंसेक्स 1600 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी 24400 के पार पहुंच गया. इस तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, मिडिल ईस्ट में युद्ध खत्म होने की उम्मीद, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी, रुपये की मजबूती और भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बढ़ती उम्मीदें प्रमुख वजहें हैं.

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिडटर्म चुनाव में बड़ा झटका लगा है. डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कंट्रोल हासिल कर लिया है. इसका असर अब दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दिखाई दे रहा है. गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली. सेंसेक्स 1600 अंकों से ज्यादा उछलकर 78900 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 में 450 अंकों से ज्यादा की तेजी आई और यह 24400 के ऊपर निकल गया.
बाजार में इस तेजी के साथ BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 8 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 501 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. सवाल है कि आखिर अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की पार्टी को लगे झटके से भारतीय बाजार में इतनी तेजी क्यों आई? तो आइये जानते है उन पांच बड़े फैक्टर के बारे में जिनकी वजह से मार्केट में तेजी देखने को मिली है.
कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
भारतीय शेयर मार्केट में तेजी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है. कई हफ्तों के बाद क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के अहम स्तर से नीचे आया और अब 95 डॉलर के स्तर को भी पार कर चुका है. गुरुवार सुबह ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल से नीचे और अमेरिकी WTI क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा था. एक दिन में तेल की कीमतों में करीब 10 फीसदी की गिरावट आई है.
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है. ऐसे में तेल सस्ता होने से देश का इंपोर्ट बिल घट सकता है. इससे महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव कम होने की उम्मीद है. यही वजह है कि क्रूड में गिरावट को भारतीय बाजार के लिए पॉजिटिव माना जा रहा है.
मिडिल ईस्ट में युद्ध खत्म होने की उम्मीद
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के खत्म होने की उम्मीद भी बढ़ी है. ईरान के साथ जारी युद्ध और एनर्जी कीमतों में तेजी अमेरिकी मतदाताओं की नाराजगी की बड़ी वजहों में शामिल रहे हैं.
चुनाव में झटके के बाद अमेरिकी प्रशासन पर युद्ध को लेकर दबाव बढ़ने की संभावना है. डेमोक्रेट नेता ने भी युद्ध जल्द खत्म करने की बात कही है. इससे निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो कच्चे तेल की सप्लाई सामान्य होने और कीमतों में और नरमी आने की संभावना बन सकती है.
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट
बाजार में तेजी की तीसरी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट है. कच्चे तेल की कीमतें घटने के बाद अमेरिकी बॉन्ड में खरीदारी बढ़ी, जिससे यील्ड नीचे आई. 30 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड 5.2 फीसदी, 10 साल के बॉन्ड की 4.8 फीसदी और 2 साल के बॉन्ड की यील्ड 4.5 फीसदी पर आ गई.
बॉन्ड यील्ड में गिरावट को शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव माना जाता है. इसकी वजह यह है कि जब डेट मार्केट से मिलने वाला रिटर्न कम होता है तो निवेशकों की दिलचस्पी शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले निवेश विकल्पों में बढ़ सकती है.
दो हफ्ते के ऊंचे स्तर पर पहुंचा रुपया
डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती भी बाजार के लिए राहत की खबर है. गुरुवार को रुपया 0.3 फीसदी मजबूत होकर 94.35 प्रति डॉलर पर खुला. यह दो हफ्ते का ऊंचा स्तर है.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत के आयात बिल पर दबाव कम होने की उम्मीद है. इससे रुपये को सहारा मिल सकता है. जानकारों के मुताबिक, विदेशी निवेश का लगातार आना और डॉलर में कमजोरी रुपये को आगे भी मजबूती दे सकती है.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील की उम्मीद बढ़ी
ट्रंप की पार्टी को चुनाव में झटका लगने से भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर भी उम्मीदें बढ़ी हैं. डेमोक्रेट्स के दोनों सदनों में नियंत्रण से ट्रंप के फैसलों और टैरिफ नीतियों पर संसदीय निगरानी बढ़ सकती है.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे भारत पर अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर दबाव कम हो सकता है. साथ ही टैरिफ और बाजार तक पहुंच से जुड़े फैसलों में स्पष्टता आने की उम्मीद है. इससे भारतीय कंपनियों के अमेरिकी बाजार में निर्यात को फायदा मिल सकता है.
बाजार में चौतरफा खरीदारी
इन सभी वजहों से गुरुवार को बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली. सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती रही. इंडिगो के शेयर 6 फीसदी से ज्यादा चढ़े. वहीं, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, L&T और एचडीएफसी बैंक समेत कई शेयरों में 2 से 4 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई. सेक्टर के लिहाज से ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल्टी इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा चढ़े.
डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है.