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8th Pay Commission: 72000 रुपये तक की बेसिक सैलरी क्यों चाहते हैं कर्मचारी संगठन, फिटमेंट फैक्टर इतना करने की मांग

8th Pay Commission: अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव रखा है. इनमें भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने सबसे ज्यादा 4.00 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है. 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था.

आठवां वेतन आयोग. Image Credit: Tv9

Highlights

  • मांगों के जरिए कर्मचारी संगठन वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद जता रहे हैं.
  • संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव रखा है.
  • 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार इस पर अंतिम फैसला लेगी.

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों की मांगें सामने आने लगी हैं. कर्मचारी यूनियन फिटमेंट फैक्टर को 3.61 से 4.00 के बीच रखने और न्यूनतम बेसिक सैलरी को बढ़ाकर 72,000 रुपये तक करने की मांग कर रही हैं. इन मांगों के जरिए कर्मचारी संगठन वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद जता रहे हैं.

फिटमेंट फैक्टर 3.61 से 4.00 तक रखने की मांग

अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव रखा है. इनमें भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने सबसे ज्यादा 4.00 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है. इस आधार पर न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 72,000 रुपये हो सकती है.

वहीं, नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) स्टाफ साइड और भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है. इसके आधार पर न्यूनतम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये करने की मांग की गई है.

इसके अलावा, सर्वे ऑफ इंडिया की मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन (MSA) ने 3.61 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है. इससे न्यूनतम बेसिक सैलरी करीब 65,000 रुपये हो सकती है.

कैसे तय होता है फिटमेंट फैक्टर?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है, जिसके आधार पर कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी को संशोधित किया जाता है. इसकी गणना का फॉर्मूला है:

नई बेसिक सैलरी = मौजूदा बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर

उदाहरण के लिए, 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था. इसके आधार पर 6वें वेतन आयोग की 7,000 रुपये न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी.

संगठनों ने क्यों की ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग?

BPMS ने अपनी मांग के लिए 2016-17 से 2024-25 के बीच प्रति व्यक्ति नेट नेशनल इनकम में हुई बढ़ोतरी, मौजूदा न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते को आधार बनाया है. इसमें 5 यूनिट वाले परिवार की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है.

NC-JCM स्टाफ साइड ने खाने-पीने, कपड़े, मकान, ईंधन, शिक्षा और परिवार के दूसरे खर्चों के आधार पर 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है. भारत पेंशनर्स समाज ने भी 5.2 वेटेड फैमिली यूनिट के आधार पर 69,000 रुपये न्यूनतम बेसिक सैलरी की मांग की है.

वहीं, MSA ने 15वें भारतीय श्रम सम्मेलन के मानकों और रेप्टाकोस ब्रेट के फैसले के आधार पर 3.61 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है.

मई-जून 2027 तक आ सकती है रिपोर्ट

8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था. आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. रिपोर्ट मई-जून 2027 तक आने की उम्मीद है.

आयोग की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार इस पर अंतिम फैसला लेगी. फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन को लेकर कर्मचारी संगठनों की ओर से रखे गए ये सभी प्रस्ताव हैं. अभी सरकार ने इनमें से किसी भी मांग को मंजूरी नहीं दी है. अंतिम फिटमेंट फैक्टर का फैसला केंद्र सरकार की ओर से आयोग की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद किया जाएगा.

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