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कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट, अक्टूबर के बाद पहली बार ब्रेंट क्रूड $100 के नीचे; ट्रंप की हार का असर

Crude Oil Price Today: डेमोक्रेटिक की जीत ने इन्वेस्टर्स को ईरान संघर्ष पर US एडमिनिस्ट्रेशन के नजरिए पर फिर से सोचने के लिए प्रेरित किया है. मार्केट अंदाजा लगा रहे हैं कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप आगे मिलिट्री एक्शन के बजाय डिप्लोमेसी की ओर जा सकते हैं. ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है.

क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट. Image Credit: Anton Petrus/Moment/ Getty Images

Highlights

  • कांग्रेस पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य खर्च को सीमित कर सकता है.
  • डोनाल्ड ट्रंप आगे मिलिट्री एक्शन के बजाय डिप्लोमेसी की ओर जा सकते हैं.
  • पिछले सत्र में ब्रेंट लगभग चार हफ्तों के अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था.

Crude Oil Price Today: बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई. अमेरिकी मिड टर्म चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद ईरान युद्ध में शांति समझौता होने की उम्मीदों के चलते, ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर के स्तर से नीचे आ गईं. ब्रेंट क्रूड की कीमतें 8 फीसदी से अधिक गिरकर $94.91 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही थीं, जबकि WTI तेल $88.42 प्रति बैरल पर था.

डेमोक्रेटिक की जीत ने इन्वेस्टर्स को ईरान संघर्ष पर US एडमिनिस्ट्रेशन के नजरिए पर फिर से सोचने के लिए प्रेरित किया है. मार्केट अंदाजा लगा रहे हैं कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप आगे मिलिट्री एक्शन के बजाय डिप्लोमेसी की ओर जा सकते हैं.

ईरान के साथ शांति समझौते की उम्मीद

ईरान शांति समझौते की उम्मीदों के बीच, अक्टूबर के बाद पहली बार ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है. अक्टूबर की शुरुआत के बाद ऐसा पहली बार हुआ है.

क्रूड ऑयल की कीमतें

जनवरी डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1605 GMT के आसपास 4.7% गिरकर 98.76 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 4.5% गिरकर 91.73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. पिछले सत्र में ब्रेंट लगभग चार हफ्तों के अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था, क्योंकि ट्रेडर्स यूक्रेन और ईरान में युद्ध खत्म करने के लिए चल रही कूटनीतिक कोशिशों का आकलन कर रहे थे.

तेल की कीमतों पर दबाव बरकरार

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी वित्तीय सेवा कंपनी BOK फाइनेंशियल में ट्रेडिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डेनिस किसलर ने कहा, ‘मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल के निर्यात में बढ़ोतरी और राष्ट्रपति ट्रंप के यह कहने से कि उनका ईरान पर हमला करने का कोई तत्काल इरादा नहीं है, फिलहाल कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है. कांग्रेस पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य खर्च को सीमित कर सकता है और जल्द ही किसी शांति समझौते की संभावना को और बढ़ा सकता है.’

जे.डी. वेंस ने युद्ध को ठहराया हार का जिम्मेदार

अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जे.डी. वेंस द्वारा रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए सीधे तौर पर विदेशी संघर्ष को जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद, कीमतों में एक और बड़ी गिरावट आई. सीनेट में मायनॉरिटी लीडर चक शूमर ने युद्ध को समाप्त करने का वादा किया और कहा कि कुछ रिपब्लिकन भी इस प्रयास का समर्थन करेंगे.

इसके चलते निवेशकों ने अपनी पोजिशन में बदलाव किया, क्योंकि उन्हें उम्मीद से जल्दी युद्ध खत्म होने की संभावना दिखी. अगर समाधान की दिशा में कोई प्रगति होती है, तो महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) से होने वाली आवाजाही में और तेजी आ सकती है.

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