आशिष कचोलिया का स्टार स्टॉक, DIIs-FIIs का भारी-भरकम स्टेक और 2 महीने में 100% रिटर्न; आपने देखा ये शेयर?

दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया के पोर्टफोलियो का मल्टीबैगर शेयर Beta Drugs एक बार फिर चर्चा में है. घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने अपनी हिस्सेदारी लगभग तीन गुना बढ़ा दी है, जबकि कंपनी ने FY27 के लिए मजबूत ग्रोथ, एक्सपोर्ट रिकवरी और Nivian Lifesciences अधिग्रहण के दम पर बड़े विस्तार का लक्ष्य रखा है.

Beta Drugs Ltd Image Credit: Money9 Live

भारतीय शेयर बाजार में ‘स्मार्ट मनी’ का पीछा करने वाले निवेशकों को इस शेयर को अपने वॉचलिस्ट में शामिल करना चाहिए. दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया के पोर्टफोलियो में शामिल ‘बीटा ड्रग्स लिमिटेड’ (Beta Drugs Ltd) इस समय दलाल स्ट्रीट पर धूम मचा रहा है. अप्रैल की शुरुआत में जो शेयर ₹1100 पर था, वह महज दो महीनों में 100% से ज्यादा की छलांग लगाकर ₹2,250 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. इस तूफानी तेजी के पीछे घरेलू संस्थागत निवेशकों की भारी खरीदारी है, जिन्होंने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को लगभग तीन गुना कर दिया है.

संस्थागत निवेशकों और दिग्गज का भरोसा

शेयरहोल्डिंग के आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर 2025 तक बीटा ड्रग्स में DIIs की हिस्सेदारी सिर्फ 1.90% थी, जो मई 2026 में बढ़कर सीधे 6.01% हो गई. इसी तरह विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भी अपनी हिस्सेदारी 0.90% से बढ़ाकर 2.95% कर ली है. बाजार के ‘बिग व्हेल’ आशीष कचोलिया खुद इस कंपनी में 5.22% की बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं, जिसकी कीमत करीब ₹270 करोड़ है. उन्होंने अपने शेयर नहीं बेचे हैं, जो कंपनी के मजबूत भविष्य का संकेत है.

क्या करती है कंपनी?

हिमाचल प्रदेश की यह फार्मा कंपनी मुख्य रूप से कैंसर (Oncology) की दवाएं बनाने के लिए जानी जाती है. इसके पास 135 से अधिक ऑन्कोलॉजी प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो है. कंपनी ब्रांडेड दवाओं के साथ-साथ कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग (CDMO) और एपीआई (API) कारोबार में है और 30 से अधिक देशों में दवाएं निर्यात करती है. हाल ही में इसने डर्मेटोलॉजी, कॉस्मेटोलॉजी और ‘निवियन लाइफसाइंसेज’ के अधिग्रहण के जरिए आईवीएफ (IVF) सेगमेंट में भी एंट्री की है.

कैसा रहा वित्तीय प्रदर्शन?

वित्त वर्ष 2026 (FY26) में कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा:

  • कुल रेवेन्यू: ₹368 करोड़ से बढ़कर ₹396 करोड़ हो गया.
  • EBITDA: ₹76.97 करोड़ से बढ़कर ₹86.85 करोड़ पर पहुंचा.
  • मार्जिन: 21.1% से बढ़कर 22.57% हो गया.
  • मुख्य सेगमेंट: ब्रांडेड ऑन्कोलॉजी की बिक्री 20% बढ़कर ₹123 करोड़ रही, जबकि डर्मेटोलॉजी बिजनेस दूसरी छमाही में मुनाफे में आ गया.

आगे की बड़ी तैयारी और विजन 2030

मैनेजमेंट वित्त वर्ष 2027 (FY27) को लेकर बेहद उत्साहित है. पिछले साल टेंडर में देरी के कारण एक्सपोर्ट रेवेन्यू 11% गिरा था, लेकिन मार्च 2026 में टेंडर मिलने के बाद अब चालू तिमाही से सप्लाई शुरू हो चुकी है. कंपनी को उम्मीद है कि FY27 में एक्सपोर्ट 50% की बढ़त के साथ ₹105-110 करोड़ तक पहुंच जाएगा. इसके अलावा, नई अधिग्रहीत कंपनी ‘निवियन लाइफसाइंसेज’ के शामिल होने से रेवेन्यू में सालाना 30% की ग्रोथ आने की उम्मीद है.

यह भी पढ़ें: 30 जून को इन शेयरों पर रखें नजर: HDFC Bank, Yes Bank, Bandhan Bank समेत कई कंपनियां रहेंगी फोकस में

कंपनी ने ‘विजन 2030’ के तहत अगले चार वर्षों में अपने रेवेन्यू को दोगुना से अधिक कर ₹850-900 करोड़ तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है. टेंडर पर निर्भरता कम करने के लिए कंपनी अपने कुल रेवेन्यू में ब्रांडेड दवाओं का हिस्सा 36% से बढ़ाकर 51% करने जा रही है. मजबूत फंडामेंटल्स और बड़े निवेशकों के भरोसे के कारण यह शेयर आने वाले समय में बड़ी हलचल दिखा सकता है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.