शेयर मार्केट में बंपर तेजी, सेंसेक्स 800 अंक उछाला, IT स्टॉक्स में जोरदार खरीदारी के पीछे क्या हैं फैक्टर्स?

इस जबरदस्त बढ़त से BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे यह बढ़कर लगभग 464 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है. यह रिकवरी एक दिन पहले हुई भारी बिकवाली के बाद हुई.

शेयर मार्केट Image Credit: टीवी9 हिंदी

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार तेजी से हरे निशान में लौट आया. तेल की कीमतों में नरमी, IT स्टॉक्स में तेजी और दूसरे फैक्टर्स से सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त उछाल आया. यह रिकवरी एक दिन पहले हुई भारी बिकवाली के बाद हुई, जिसमें दलाल स्ट्रीट के मार्केट कैपिटलाइजेशन से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक स्वाहा हो गए थे.

शुक्रवार सुबह 10.25 बजे सेंसेक्स 800 अंक से अधिक चढ़कर 72,401 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 में 250 से अधिक अंकों की बढ़त हुई और यह 22,500 के स्तर के ऊपर ट्रेड करने लगा. इस जबरदस्त बढ़त से BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे यह बढ़कर लगभग 464 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है.

आईटी शेयरों में तेजी

TCS के Q2 नतीजों से मार्केट में अच्छा असर पड़ा और OpenAI की कमजोर कमाई से सेंटीमेंट को बढ़ावा मिला, जिससे ट्रंप के H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा के लिए $100,000 फीस बढ़ाने की कोशिश के बाद चिंताएं कम हुईं, जिससे सेंसेक्स में IT स्टॉक्स की बढ़त हुई. TCS, इंफोसिस, HCL टेक और टेक महिंद्रा के शेयर 5% तक उछले.

ITC, अडानी पोर्ट्स, HDFC बैंक, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, ट्रेंट, SBI, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा बैंक और दूसरे स्टॉक्स में 3% तक की बढ़त हुई.

ट्रंप ने ईरान पर हमला रोका

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि US नवंबर में होने वाले मिडटर्म कांग्रेस चुनाव से पहले ईरान पर कोई हमला नहीं करेगा, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश लड़ाई खत्म करने के लिए ‘काम की’ बातचीत कर रहे हैं.

तेल की कीमतें कम हुईं

ट्रंप की घोषणा के बाद, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $103 प्रति बैरल से नीचे आ गए और WTI क्रूड फ्यूचर्स $90 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहे थे. हाल के दिनों में खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर हमलों में बढ़ोतरी के बीच तेल की कीमतें धीरे-धीरे बढ़ रही थीं. होर्मुज स्ट्रेट एक अहम समुद्री रास्ता है, जिससे कभी दुनिया के कुल तेल शिपमेंट का 20% हिस्सा गुजरता था.

IT स्टॉक्स में जबरदस्त खरीदारी

IT स्टॉक्स आज तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसमें हैवीवेट स्टॉक्स सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर ले जा रहे हैं. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) ने IT अर्निंग्स सीजन की शुरुआत दूसरी तिमाही में अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल (YoY) 15% की बढ़ोतरी के साथ 13,884 करोड़ रुपये की रिपोर्ट देकर की. कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म्स में, रेवेन्यू तिमाही-दर-तिमाही 0.5% बढ़ा. ऑपरेटिंग मार्जिन 24% रहा, जबकि नेट मार्जिन 19% रहा.

इसके अलावा, रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI ने इन्वेस्टर्स को बताया कि सितंबर में उसका सालाना रेवेन्यू लगभग $50 अरब था, जो उसके पहले बताए गए आंकड़े से कम है. OpenAI के अपने रेवेन्यू अनुमान से चूकने से भारत के IT स्टॉक्स में इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़ सकता है, जिन्हें एनालिस्ट ‘एंटी-AI’ ट्रेड के तौर पर देखते हैं.

ट्रंप प्रशासन के झटके बावजूद चढ़े आईटी शेयर

अमेरिकी सरकार ने वीजा धोखाधड़ी और रोजगार से जुड़ी प्रक्रियाओं की जांच के बीच TCS, Infosys, Wipro, Cognizant और HCL जैसी कई टेक्नोलॉजी कंपनियों को ‘परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम’ से सस्पेंड करने का ऐलान किया था, इसके बावजूद इन कंपनियों के शेयरों में बढ़त देखी गई.

रुपये में बढ़त

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया US डॉलर के मुकाबले 23 पैसे बढ़कर 96.65 पर पहुंच गया. इसकी वजह US डॉलर में नरमी और भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित दखल की वजह से थी.

बॉन्ड यील्ड में नरमी

ग्लोबल बॉन्ड की बिकवाली में थोड़ी कमी आई है, जिससे बॉन्ड यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर से नीचे आ गई हैं. US के 30-साल के बॉन्ड की यील्ड 5.6% से नीचे आ गई. बेंचमार्क 10-साल के बॉन्ड की यील्ड गिरकर 5.2% हो गई, जबकि 2-साल के बॉन्ड की यील्ड 4.75% पर आ गई.

हाल ही में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से बाजार पर दबाव देखा गया है. आम तौर पर बॉन्ड यील्ड बढ़ने से निवेशकों के लिए डेट मार्केट ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं, जिससे उभरते हुए इक्विटी बाजारों पर दबाव पड़ता है. बॉन्ड यील्ड और बॉन्ड की कीमतें एक-दूसरे के विपरीत चलती हैं, इसलिए यील्ड में तेजी का मतलब है कि बॉन्ड की भारी बिकवाली हो रही है.

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