ईरान की नई चेतावनी! अमेरिका ने हमला किया तो हूती बंद कर सकते हैं लाल सागर का रास्ता, रिपोर्ट में दावा
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच टकराव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर और भी गहरा पड़ सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने हूती विद्रोहियों से कहा है कि यदि अमेरिका उसके बिजली ढांचे पर हमला करता है तो वे लाल सागर के बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही रोकने के लिए तैयार रहें. इससे दुनिया भर में तेल आपूर्ति और कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है.

पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अब खबर है कि ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों से कहा है कि अगर अमेरिका ने उसके बिजली ढांचे पर हमला किया तो वे बाब-अल-मंदेब (Red Sea Gateway) में जहाजों की आवाजाही रोकने के लिए तैयार रहें. अगर ऐसा होता है तो पहले से बंद हो चुके होर्मुज स्ट्रेट के साथ-साथ लाल सागर का अहम समुद्री रास्ता भी प्रभावित हो सकता है, जिससे दुनिया भर में तेल और ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है.
साथ ही एशिया और यूरोप को जोड़ने वाला सबसे छोटा समुद्री मार्ग पूरी तरह से बंद हो जाएगा. शिपिंग कंपनियों को फिर से अफ्रीका के लंबे समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ेगा. इससे माल ढुलाई महंगी होगी और तेल की कीमतों में भी तेजी आ सकती है.
अमेरिकी हमले की आशंका के बीच ईरान ने हूतियों को किया सतर्क
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने हूती विद्रोहियों को संदेश भेजा है कि वे जरूरत पड़ने पर बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही रोकने के लिए तैयार रहें. बताया जा रहा है कि यह कदम उस स्थिति के लिए सोचा गया है, जब अमेरिका ईरान के बिजली ढांचे को निशाना बनाए. हालांकि ईरान और हूती संगठन ने इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
हूतियों ने मिसाइल और ड्रोन तैनात किए
हूती संगठन से जुड़े एक सूत्र के अनुसार रॉयटर्स ने बताया कि, विद्रोहियों ने बाब-अल-मंदेब के आसपास मिसाइलों और ड्रोन की तैनाती कर दी है. ये हथियार यमन के पहाड़ी इलाकों, होदेदाह और अदन की खाड़ी के पास मौजूद हैं. सूत्र का कहना है कि संगठन सिर्फ अंतिम आदेश मिलने का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद समुद्री जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है.
होर्मुज के बाद लाल सागर भी प्रभावित हुआ तो बढ़ेगा ऊर्जा संकट
ईरान पहले ही होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर चुका है, जहां से पहले दुनिया की लगभग 20 फीसदी ऊर्जा आपूर्ति गुजरती थी. इसके बाद सऊदी अरब ने अपने तेल का बड़ा हिस्सा पाइपलाइन के जरिए लाल सागर के यनबू बंदरगाह से भेजना शुरू किया. फिलहाल दुनिया की करीब 7 फीसदी ऊर्जा आपूर्ति लाल सागर के रास्ते होती है. यदि यह मार्ग भी बाधित होता है तो वैश्विक तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है.
सऊदी अरब भी सतर्क, बढ़ा क्षेत्रीय तनाव
हाल के दिनों में हूतियों ने सऊदी अरब पर मिसाइलें दागी हैं. उनका आरोप है कि सऊदी अरब ने उनके नियंत्रण वाले एक हवाई अड्डे पर हमला किया. इस घटना से चार साल से चला आ रहा संघर्षविराम टूट गया. रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब ईरान और हूतियों की धमकियों को गंभीरता से ले रहा है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखे हुए है.
क्रूड ऑयल अपडेट:
- क्रूड ऑयल (WTI) की कीमत 80.030 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंची.
- ब्रेंट क्रूड की कीमत 85.333 डॉलर प्रति बैरल रही.
- ब्रेंट क्रूड में 1.103 डॉलर (1.31%) का उछाल आया.
- दोनों प्रमुख कच्चे तेल के बेंचमार्क में 1% से अधिक की तेजी देखने को मिली.