ईरान से जंग पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- अब युद्ध नहीं होगा; लेकिन हमला हुआ तो देंगे 10 गुना जवाब; फिर चढ़े कच्चे तेल के दाम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ दोबारा युद्ध शुरू होने की संभावना नहीं है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि अगर ईरान ने फिर हमला किया तो अमेरिका 10 गुना ज्यादा जवाब देगा. इस बीच अमेरिका के नए सैन्य हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़े तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है.
US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव रुकने का नाम नहीं ले रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ दोबारा युद्ध शुरू होने की संभावना नहीं है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तेहरान ने फिर हमला किया तो अमेरिका उसका 10 गुना ज्यादा जवाब देगा.
हमला हुआ तो मिलेगा कड़ा जवाब
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि यह संघर्ष फिर शुरू होगा. अगर उन्होंने हमला किया तो हम 10 गुना ज्यादा जवाब देंगे. जो भी होगा, वह बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा. इससे तेल बाजार भी सुरक्षित रहेगा और तेल की आपूर्ति आसान होगी.”
दरअसल ट्रंप का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब कुछ ही घंटे पहले अमेरिका ने ईरान पर नए सैन्य हमले किए हैं. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा कमर्शियल जहाजों पर किए गए हमलों के जवाब में की गई है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसी घटना दोबारा हुई तो अमेरिका और भी कड़ी कार्रवाई करेगा.
अमेरिका ने क्यों किया हमला
अमेरिकी सेना के मुताबिक, नए सैन्य हमलों का मकसद ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना था, जिससे वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सके. मंगलवार को इस स्ट्रैटेजिक समुद्री मार्ग से गुजर रहे तीन मालवाहक जहाजों पर हमला हुआ था, जिसके लिए अमेरिका ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया है. हालांकि ईरान ने अब तक इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अभियान का मकसद अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. दुनिया के करीब 20 फीसदी कच्चे तेल की आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होती है.
ट्रंप के भरोसे के बावजूद बढ़े तेल के दाम
ट्रंप ने भले ही कहा कि हालात तेल बाजार के लिए सुरक्षित होंगे, लेकिन बाजार की प्रतिक्रिया अलग रही. अमेरिका के ताजा सैन्य हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई.
9 जुलाई 10 बजकर 37 मिनट पर ब्रेंट क्रूड के दाम 1.14 फीसदी बढ़कर 78.91 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी 74.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा.

बाजार को क्यों सता रही है चिंता
ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत प्रभावित हो सकती है. मौजूदा हालात में कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रह सकती हैं.
पिछले महीने Saudi Aramco के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमीन नासिर ने भी चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक व्यवधान बना रहता है तो वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता लौटने में 2027 तक का समय लग सकता है. इससे हर सप्ताह करीब 10 करोड़ बैरल तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.
शिपिंग सामान्य होने में लगेगा समय
बता दें तनाव कम होने के बाद भी समुद्री व्यापार तुरंत सामान्य नहीं होगा. जहाजों की आवाजाही बहाल करने, तेल उत्पादन दोबारा शुरू करने, क्षतिग्रस्त ढांचे की मरम्मत और समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाने में समय लगेगा. कई शिपिंग कंपनियां अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में परिचालन शुरू करने से बच रही हैं.
ईरान का पलटवार भी जारी
ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं. वहीं ईरानी सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास, चाबहार और कोनारक में विस्फोटों की भी जानकारी दी है. ईरान से जुड़े मीडिया संगठनों का कहना है कि अमेरिकी ठिकानों पर और बड़े जवाबी हमलों की तैयारी की जा रही है.
हालांकि लगातार बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि यह संघर्ष लंबी जंग में नहीं बदलेगा. उन्होंने भरोसा जताया कि हालात जल्द सामान्य होंगे और तेल बाजार पर इसका असर सीमित रहेगा.
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