चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार सख्त, अब डीलर्स रख सकेंगे सिर्फ 15 दिन का स्टॉक; 1 महीने में 10% बढ़ा दाम
भारत में चीनी की कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बीच सरकार ने डीलर्स के लिए स्टॉक लिमिट घटाकर 15 दिन कर दी है. नई सीमा 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी. महीने में 10 मीट्रिक टन से ज्यादा चीनी का इस्तेमाल करने वाले डीलर्स अब 15 दिनों की जरूरत के बराबर ही स्टॉक रख सकेंगे.

Sugar Stock Limit: भारत में चीनी की कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने और त्योहारी सीजन में सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता के बीच सरकार ने चीनी का स्टॉक रखने के नियम और सख्त कर दिए हैं. नए आदेश के मुताबिक, महीने में 10 मीट्रिक टन से ज्यादा चीनी का इस्तेमाल करने वाले डीलर्स अब अधिकतम 15 दिनों की जरूरत के बराबर स्टॉक ही रख सकेंगे. यह नई सीमा 1 सितंबर से लागू होगी और 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी. सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब देश में चीनी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. इससे पहले सरकार ने जुलाई में डीलर्स के लिए अधिकतम 30 दिनों का स्टॉक रखने की सीमा तय की थी. हालांकि, इसके बावजूद कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही.
एक महीने में 10 फीसदी बढ़ी चीनी की कीमत
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक महीने में चीनी की कीमत करीब 10 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. इंडस्ट्री बॉडी के अनुसार, मंगलवार को ऑल इंडिया एवरेज एक्स-मिल चीनी की कीमत 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल रही, जबकि एक साल पहले यह करीब 3,900 रुपये प्रति क्विंटल थी.
वहीं, Consumer Affairs Ministry के आंकड़ों के मुताबिक, 18 अगस्त को चीनी की औसत रिटेल कीमत सालाना आधार पर 13 फीसदी बढ़कर 52.30 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई. एक साल पहले यह 46.34 रुपये प्रति किलोग्राम थी.
त्योहारी सीजन में बढ़ती है मांग
भारत दुनिया का सबसे बड़ा चीनी उपभोक्ता है. अगस्त से नवंबर के बीच देश में चीनी की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है. Ganesh Chaturthi, Dussehra और Diwali जैसे त्योहारों के दौरान घरेलू खपत के साथ-साथ बिस्किट और कन्फेक्शनरी बनाने वाली कंपनियों की मांग भी बढ़ती है.
सरकार की नई स्टॉक लिमिट का उद्देश्य बाजार में जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा करने पर रोक लगाना और त्योहारी सीजन में घरेलू सप्लाई बनाए रखना है.
अगले सीजन की सप्लाई को लेकर चिंता
चीनी के नए 2026-27 सीजन की शुरुआत 1 अक्टूबर से होगी. इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक, नए सीजन की शुरुआत में ओपनिंग स्टॉक 40-42 लाख टन रह सकता है. वहीं, कुछ रिसर्चर्स का अनुमान है कि यह 32-35 लाख टन तक सीमित रह सकता है. दोनों अनुमान करीब 50 लाख टन की अनुमानित घरेलू जरूरत से कम हैं.
मौजूदा 2025-26 सीजन में कुल चीनी उपलब्धता करीब 320 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि घरेलू खपत करीब 285 लाख टन है. करीब 7 लाख टन के एक्सपोर्ट के बाद सीजन के अंत में क्लोजिंग स्टॉक लगभग 35 लाख टन रह सकता है. इसके अलावा, कुछ क्षेत्रों में असमान बारिश और सूखे मौसम ने गन्ने की फसल को प्रभावित किया है. इससे आने वाले सीजन में चीनी की सप्लाई को लेकर चिंता और बढ़ गई है.
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