आदित्य बिड़ला कैपिटल ने गोल्ड लोन के बिजनेस में उतरने का किया ऐलान, टाटा और गोदरेज के साथ होगा मुकाबला

अपनी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तहत, गोल्ड लोन की सुविधा कंपनी के मौजूदा रिटेल और MSME लेंडिंग बिजनेस को और बेहतर बनाएगी. पिछले महीने, टाटा कैपिटल और गोदरेज कैपिटल ने अलग-अलग गोल्ड लोन बिजनेस में हिस्सेदारी खरीदी.

आदित्य बिड़ला कैपिटल लिमिटेड Image Credit: @Aditya Birla Capital Limited

Highlights

  • कंपनियों ने भारत के गोल्ड लोन मार्केट में अधिक दिलचस्पी दिखाई है.
  • टाटा कैपिटल और गोदरेज कैपिटल ने भी इस बिजनेस में कदम रखा है.
  • आदित्य बिड़ला कैपिटल लिमिटेड के शेयर में तेजी आई.

आदित्य बिड़ला कैपिटल लिमिटेड ने गुरुवार को अपने सिक्योर्ड लेंडिंग पोर्टफोलियो के ‘स्ट्रैटेजिक विस्तार’ के तौर पर गोल्ड लोन बिजनेस सेगमेंट में उतरने की घोषणा की. कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि उसकी योजना मार्च 2027 तक देश के ज्यादा संभावना वाले बाजारों में 200-300 डेडिकेटेड गोल्ड लोन ब्रांच चरणबद्ध तरीके से खोलने की है.

गोल्ड लोन की सुविधा

अपनी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तहत, गोल्ड लोन की सुविधा कंपनी के मौजूदा रिटेल और MSME लेंडिंग बिजनेस को और बेहतर बनाएगी. इससे ग्राहकों को एक पारदर्शी, फ्लेक्सिबल और कोलैटरल-बेस्ड (गिरवी रखी संपत्ति पर आधारित) क्रेडिट सुविधा मिलेगी.

शेयरों में उछाल

इस घोषणा के बाद, BSE पर सुबह 9:53 बजे आदित्य बिड़ला कैपिटल लिमिटेड (ABCL) के शेयर 2.02% बढ़कर 404.75 रुपये प्रति शेयर (+8.00 रुपये) पर ट्रेड कर रहे थे.

सिक्योर्ड लेंडिंग स्ट्रैटेजी

आदित्य बिड़ला कैपिटल लिमिटेड में NBFC के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CEO राकेश सिंह ने कहा, ‘भारत में गोल्ड लोन के क्षेत्र में मजबूत स्ट्रक्चरल ग्रोथ देखी जा रही है और इस सेगमेंट में हमारी एंट्री हमारी सिक्योर्ड लेंडिंग स्ट्रैटेजी का ही एक स्वाभाविक विस्तार है.’

आदित्य बिड़ला का गोल्ड लोन ऑफर शहरी और सेमी-अर्बन बाजारों में अलग-अलग तरह के ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करेगा. यह कंपनी के मौजूदा ग्राहकों को सेवा देगा और फिजिकल ब्रांच और डिजिटल प्लेटफॉर्म के मिले-जुले डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क के जरिए नए ग्राहकों तक अपनी पहुंच बढ़ाएगा.

गोल्ड लोन के बिजनेस में बिड़ला भी टाटा और गोदरेज के साथ शामिल

पिछले कुछ महीनों में अलग-अलग तरह की लोन सेवाएं देने वाली कंपनियों ने भारत के गोल्ड लोन मार्केट में अधिक दिलचस्पी दिखाई है. पिछले महीने, टाटा कैपिटल और गोदरेज कैपिटल ने अलग-अलग गोल्ड लोन बिजनेस में हिस्सेदारी खरीदी.

इससे भारत के तेजी से बढ़ते गोल्ड लोन मार्केट में उनकी एंट्री हुई और मुथूट फाइनेंस और मन्नापुरम फाइनेंस जैसे पारंपरिक लेंडर्स के लिए कॉम्पिटिशन बढ़ गया.

टाटा और गोदरेज ग्रुप की डील

टाटा कैपिटल ने Yogakshemam Loans Ltd में 88.6% हिस्सेदारी खरीदने की योजना की घोषणा की है. यह पूरी तरह से कैश में होने वाला सौदा है, जिसकी कीमत 360-365 करोड़ रुपये के बीच है.

गोदरेज ग्रुप की फाइनेंशियल सर्विस कंपनी, गोदरेज कैपिटल ने अपनी सब्सिडियरी गोदरेज फाइनेंस के जरिए कनकदुर्गा फाइनेंस का गोल्ड लोन बिजनेस खरीदा है. यह सौदा कितनी रकम में हुआ, इसका खुलासा नहीं किया गया है. कंज्यूमर फाइनेंस सेक्टर में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में कंपनी का यह पहला अधिग्रहण है.

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