खत्म हुआ पेट्रोल का जमाना? CNG, हाइब्रिड और EV पर टूटे ग्राहक, अगस्त में बिकी 24 लाख से ज्यादा गाड़ियां
अगस्त 2026 भारत के ऑटो रिटेल मार्केट में एक ऐतिहासिक पड़ाव था, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए. एक बड़े बदलाव में, पैसेंजर व्हीकल कैटेगरी में अल्टरनेटिव फ्यूल गाड़ियों की बिक्री पेट्रोल से ज्यादा हो गई. ग्रामीण मार्केट ने शानदार परफॉर्मेंस दिया, सभी व्हीकल सेगमेंट में शहरी इलाकों से बेहतर प्रदर्शन किया.

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अनुसार, भारत के ऑटो रिटेल मार्केट ने अगस्त 2026 में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया. गाड़ियों की कुल बिक्री साल-दर-साल 17.51 फीसदी बढ़कर 24,23,201 यूनिट हो गई, जबकि सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक जैसे दूसरे अल्टरनेटिव ने मिलकर पहली बार पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री के मामले में पेट्रोल को पीछे छोड़ दिया है. अगस्त में पैसेंजर गाड़ियों की रिटेल बिक्री में दूसरे फ्यूल ऑप्शन्स की हिस्सेदारी 41.95 फीसदी रही, जबकि पेट्रोल व्हीक्लस की हिस्सेदारी 40.85 फीसदी थी. पहली बार हुआ जब CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कुल मिलाकर हिस्सेदारी पेट्रोल से आगे निकल गई.
कुल ऑटो रिटेल बिक्री जुलाई से 6.48 फीसदी कम थी, जब इंडस्ट्री ने रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की थी. FADA ने महीने-दर-महीने गिरावट का कारण मानसून की सुस्ती और त्योहारों के कैलेंडर में बदलाव को बताया. FADA के प्रेसिडेंट साई गिरिधर ने कहा, अगस्त 26 में इंडियन ऑटो रिटेल में अब तक का सबसे बड़ा अगस्त रहा, जिसमें इंडस्ट्री ने 24,23,201 यूनिट्स रजिस्टर कीं, जो YoY से 17.51 फीसदी ज्यादा है. जबकि जुलाई के रिकॉर्ड के मुकाबले रिटेल में 6.48 फीसदी की कमी आई, क्योंकि मॉनसून की सुस्ती और त्योहारों का कैलेंडर गणेश चतुर्थी और ओणम की वजह से सितंबर में खरीदारी के लिए शिफ्ट हो गया.
रूरल मार्केट में बढ़िया सेल्स
इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, पैसेंजर गाड़ियों के फ्यूल की पसंद में यह बदलाव एक साल पहले की तुलना में एक बड़ा बदलाव है, जब पेट्रोल दूसरे फ्यूल के कुल हिस्से से लगभग 11 फीसदी पॉइंट आगे था. अगस्त में सभी व्हीकल कैटेगरी में रूरल मार्केट ने शहरी मार्केट से बेहतर परफॉर्म किया. रूरल रिटेल सेल्स साल-दर-साल 19.79 फीसदी बढ़ी, जबकि शहरी मार्केट में 15.17 फीसदी ग्रोथ दर्ज की गई है. रूरल मार्केट में पैसेंजर गाड़ियों की सेल्स साल-दर-साल 24.99 फीसदी बढ़ी, जो शहरी मार्केट में दर्ज 10.93 फीसदी ग्रोथ से दोगुनी से भी ज्यादा है.
ट्रैक्टर की सेल सुस्त
ऑटो रिटेल में बड़ी मजबूती के मुकाबले ट्रैक्टर की सेल्स एक एक्सेप्शन रही. यह सेगमेंट साल-दर-साल लगभग फ्लैट रहा, 0.84 फीसदी बढ़ा, जबकि जुलाई से 25.03 फीसदी गिरा. ट्रैक्टर सेगमेंट में ग्रामीण-शहरी घाटा बढ़कर लगभग 13 फीसदी हो गया, जो इस सेगमेंट पर मानसून से जुड़े दबाव को दिखाता है.
FADA ने कहा कि अगस्त में साल-दर-साल ग्रोथ को तुलनात्मक रूप से कमजोर बेस के साथ भी देखा जाना चाहिए. खरीदारों ने GST 2.0 रेट में कटौती का इंतजार करते हुए अगस्त 2025 में खरीदारी टाल दी थी, जिससे 2026 में साल-दर-साल ग्रोथ मजबूत हुई.
क्या है डीलर्स का कहना?
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि डीलर्स ने बताया कि त्योहारों के मौसम की शुरुआत उनकी अपनी उम्मीदों से कम रही. उन्होंने कहा कि मांग के लिए ज्यादा सार्थक टेस्ट सितंबर से नवंबर तक शोरूम कन्वर्जन होगा.
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