Union Budget 2026: 9 बजट और 9 पारंपरिक साड़ियां, इस बार चुनी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ये खास साड़ी – Money9live
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Union Budget 2026: 9 बजट और 9 पारंपरिक साड़ियां, इस बार चुनी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ये खास साड़ी
बजट 2026 के दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पारंपरिक अंदाज में खास साड़ी पहनकर संसद पहुंचीं. उनका यह लुक चर्चा का विषय बना हुआ है. साड़ी को परंपरा, स्थिरता और सकारात्मक संकेत से जोड़कर देखा जा रहा है. रविवार को पेश हो रहा यह बजट ऐतिहासिक है, क्योंकि यह उनका लगातार नौवां केंद्रीय बजट है.
बजट 2026 के दिन निर्मला सीतारमण की साड़ी ने एक बार फिर सबका ध्यान खींचा है. साड़ी का रंग गहरा मैरून-पर्पल है और उस पर सुनहरे जरी बॉर्डर साफ दिखते हैं. दिल्ली की ठंड को देखते हुए उन्होंने मस्टर्ड रंग का स्वेटर पहना हुआ है. इसके साथ वह हाथ से बुनी हुई ऊनी शॉल भी ओढ़े नजर आईं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह साड़ी तमिलनाडु की पारंपरिक बुनाई को दिखाती है. हर बार की तरह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का ये लुक भी खास है.
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी को संसद में यूनियन बजट 2026–27 पेश करने जा रही हैं. यह बजट कई मायनों में खास है. एक तो यह भारत के इतिहास में पहला ऐसा केंद्रीय बजट है जो रविवार के दिन पेश किया जा रहा है. दूसरा, यह निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट है, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है.
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निर्मला सीतारमण आज सुबह 11 बजे संसद में बजट 2026 पेश करेंगी. यह उनका लगातार नौवां बजट है. इसके साथ ही उन्होंने पी. चिदंबरम के नौ बजटों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. अब वह मोरारजी देसाई के 10 बजटों के ऑल टाइम रिकॉर्ड से सिर्फ एक कदम दूर हैं.
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2021 से शुरू हुई पेपरलेस परंपरा को जारी रखते हुए इस बार भी वित्त मंत्री बजट को लाल रंग के बही-खाता स्टाइल कवर में रखे डिजिटल टैबलेट पर पेश करेंगी. Budget 2026 की प्रक्रिया की शुरुआत 27 जनवरी को पारंपरिक हलवा सेरेमनी के साथ हो चुकी है. खास बात यह भी है कि बजट डे पर BSE और NSE ने रविवार के बावजूद स्पेशल ट्रेडिंग सेशन रखा है.
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पिछले साल उन्होंने बिहार की मधुबनी साड़ी पहनी थी, जिस पर मछली के मोटिफ बने थे. इसे बिहार पर नीति फोकस से जोड़कर देखा गया. 2024 में उन्होंने आंध्र प्रदेश की मंगलगिरी कॉटन और बंगाल की तसर सिल्क को साथ पहना था. 2023 में कर्नाटक की लाल इलकल साड़ी मजबूती और निरंतरता का प्रतीक मानी गई. 2022 में ओडिशा की बोंकाई साड़ी, 2021 में तेलंगाना की पोचमपल्ली इकत, 2020 में पीली सिल्क और 2019 में गुलाबी मंगलगिरी साड़ी के साथ बही-खाता की शुरुआत, हर साल बजट के साथ एक अलग कहानी कहती रही है.