Banking system collapse in Iran: बैंक बर्बाद, इकॉनमी ढेर, ऐसे डूब गया ईरान!

ईरान आज इतिहास के सबसे गहरे आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, जिसका मुख्य कारण उसकी बैंकिंग प्रणाली की टूटन है. जनवरी 2026 में Ayandeh Bank का पतन इस संकट का प्रतीक बन गया है, जिसने लगभग 5 अरब डॉलर के बैड लोन और भ्रष्ट प्रबंधन को उजागर किया है. सरकार ने इसे बचाने के लिए नोट छापने और बैंक खर्च को उठाने का प्रयास किया, लेकिन इससे महंगाई और भी बढ़ी और मुद्रा रियाल गिरती चली गई. रियाल डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक रूप से नीचे आ गया है, जिससे आम लोगों की बचत लगभग बेकार हो गई है. अंतरराष्ट्रीय संक्रमणों और प्रतिबंधों ने ईरान के तेल निर्यात और विदेशी मुद्रा एक्सेस को सीमित कर दिया है, जिससे वित्तीय दबाव और बढ़ा है. बैंकिंग सिस्टम की कमजोरी के साथ-साथ पाँच अन्य बैंकों के भी पतन के कगार पर होने की खबरें हैं, जो संकट की गंभीरता दिखाती हैं. महंगाई, मुद्रा गिरावट और बेरोज़गारी की वजह से जनता में गुस्सा फैल गया है, जिससे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इस आर्थिक गिरावट ने न केवल जीवन स्तर को प्रभावित किया है बल्कि सरकार की legitimacy पर भी भारी संकट ला दिया है.