ट्रंप के बयान से मचा हड़कंप, 78 डॉलर पर पहुंची Crude Oil की कीमत; 6% की आई तेजी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ सीजफायर खत्म होने संबंधी बयान के बाद वैश्विक क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 6 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड 78 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा है.

Crude Oil Price: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर एक बार फिर वैश्विक कच्चे तेल के बाजार पर देखने को मिला है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ अंतरिम युद्धविराम समझौते को “खत्म” बताए जाने के बाद बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में करीब 6 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड 78 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड भी 75 डॉलर प्रति बैरल तक चढ़ गया. जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से ऊर्जा बाजार के साथ-साथ वैश्विक शेयर बाजारों में भी चिंता का माहौल बन गया है.
ट्रंप ने कहा- अब सीजफायर खत्म
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित NATO Summit के दौरान कहा कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम समझौता अब खत्म हो चुका है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहने दी जाएगी.
यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में तीन जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है. ट्रंप ने कहा कि उनके लिए यह समझौता अब “समय की बर्बादी” बन चुका है.
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
ट्रंप के बयान के बाद वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 5.6 फीसदी बढ़कर 78 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई. वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड करीब 5.8 फीसदी उछलकर 75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आकर युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर के आसपास पहुंच गई थीं. लेकिन ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं.
होर्मुज स्ट्रेट बना तनाव का केंद्र
ईरान और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम समझौते के तहत 60 दिनों तक जहाजों को बिना किसी शुल्क के होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी गई थी. हालांकि, ईरान का कहना है कि वह जहाजों के मार्ग को नियंत्रित करेगा और बाद में वहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क भी वसूलेगा. हाल ही में जिन तीन जहाजों पर हमला हुआ, वे ईरान द्वारा तय किए गए मार्ग की बजाय ओमान के तट के नजदीक वाले रास्ते से गुजर रहे थे. इस घटनाक्रम ने दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक पर अनिश्चितता बढ़ा दी है.
शेयर बाजारों पर भी बढ़ा दबाव
तेल की कीमतों में उछाल और जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर शेयर बाजारों पर भी देखने को मिला. दोपहर 3 बजे तक Sensex और Nifty 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे.
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