अमेरिका ने ईरान पर किए ताजा हमले, ऑयल एक्सपोर्ट लाइसेंस भी रद्द, तेल की कीमतों में 3% उछाल
अमेरिका ने ईरान पर एक बार फिर सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है. होर्मुज स्ट्रेट में टैंकरों पर हमले के बाद अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, वहीं ईरान के तेल निर्यात की अनुमति भी वापस ले ली गई. इस माहौल में तेल की कीमतों में फिसॉर तेजी देखने को मिली है.
US strikes on Iran: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले महीने हुआ नाजुक संघर्षविराम टूटने के कगार पर पहुंच गया है. होर्मुज स्ट्रेट में तीन तेल टैंकरों पर मिसाइल हमलों के बाद, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हवाई हमलों की नई लहर शुरू कर दी है. इसके साथ ही वॉशिंगटन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने की दी गई ढील (लाइसेंस) को भी रद्द कर दिया है. इस फैसले के तुरंत बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 3% से ज्यादा उछल गईं.
पोर्ट सिटी और सैन्य ठिकानों पर बमबारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी कर कहा, “ईरान की यह आक्रामकता पूरी तरह से अनुचित, खतरनाक और संघर्षविराम का खुला उल्लंघन थी. इसका भारी नुकसान ईरान को उठाना पड़ेगा.”
एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया, इन हवाई हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी प्रणाली, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों और ड्रोन लॉन्च साइट्स को निशाना बनाया गया है.
इस माहौल का असर तेल कीमतों पर भी देखने को मिला. जो क्रूड ऑयल 28 फरवरी से पहले के निचले स्तर पर आ गया था अब फिर से तेजी देखने को मिली है. अमेरिका के इस बयान के बाद क्रूड ऑयल 3 फीसदी उछलकर 75 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करने लगा.
ईरान में तबाही और नुकसान
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, बुधवार तड़के दक्षिण के प्रमुख बंदरगाह शहर सिरीक, केश्म द्वीप (Qeshm Island) और बंदर अब्बास में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं. सिरीक में एक कमर्शियल जेटी पर गिरे छर्रों से कई लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा, सिरीक और बंदर अब्बास में मछली पकड़ने वाले घाटों (फिशिंग पियर्स) को भारी नुकसान पहुंचा है, जहां कई नावें जलकर खाक हो गईं. राहत की बात यह रही कि किसी नागरिक की मौत की खबर नहीं है.
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संघर्षविराम पर मंडराया संकट
यह ताजा टकराव ऐसे समय पर हुआ है, जब ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पवित्र शहर कोम (Qom) में लाखों लोग शोक मना रहे थे.
फरवरी में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद, दोनों देशों ने पिछले महीने ही एक युद्धविराम समझौता किया था. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे अभी भी एक स्थायी शांति समझौते के लिए बातचीत कर रहे हैं, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण इस बातचीत में रुकावट बन रहा है.
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