₹80 में इडली, ₹500 में बिरयानी, महंगाई का लगेगा तगड़ा झटका, इस राज्य में LPG और सैलरी ने बिगाड़ा बजट
कर्नाटक में न्यूनतम वेतन बढ़ने और पेट्रोल-डीजल-गैस की कीमतों में इजाफे का असर अब लोगों की थाली पर पड़ सकता है. बेंगलुरु के होटल और रेस्टोरेंट मालिकों ने चेतावनी दी है कि इडली, डोसा, बिरयानी समेत कई लोकप्रिय खाने की चीजों के दाम जल्द बढ़ सकते हैं. होटल मालिकों का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण कीमतें बढ़ाना मजबूरी बन गई है.

Food Price Hike amid Salary Hike : कर्नाटक सरकार की ओर से न्यूनतम वेतन में 60 फीसदी बढ़ोतरी और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफे के बाद बेंगलुरु में खाने-पीने की चीजें महंगी होने की आशंका बढ़ गई है. होटल और रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण उन्हें मेन्यू के दाम बढ़ाने पड़ेंगे. आने वाले दिनों में इडली, डोसा और बिरयानी जैसी डिशेज लोगों की जेब पर भारी पड़ सकती हैं.
इडली ₹80 और मसाला डोसा ₹150
कर्नाटक स्टेट होटल्स एसोसिएशन (KSHA) के अध्यक्ष जी के शेट्टी ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन में लगभग 60 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर खाने की कीमतों पर पड़ेगा. अभी 50 रुपये में मिलने वाली इडली की प्लेट 80 रुपये तक जा सकती है. यानी इडली की कीमत में 60 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि 80-90 रुपये का मसाला डोसा 150 रुपये तक पहुंच सकता है. मसाला डोसा की कीमत लगभग दोगुनी हो सकती है.
शाकाहारी भोजन और बिरयानी भी होगी महंगी
होटल मालिकों के अनुसार, केवल नाश्ते की चीजें ही नहीं बल्कि पूरा भोजन भी महंगा होगा. अभी 150-200 रुपये में मिलने वाला शाकाहारी भोजन 250-300 रुपये तक पहुंच सकता है. वहीं 300-350 रुपये की बिरयानी आने वाले समय में करीब 500 रुपये तक बिक सकती है.
बढ़ती लागत से छोटे होटल मालिक परेशान
होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों ने डेक्कन हेराल्ड से बताया कि वे पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रहे हैं. कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत कुछ महीनों में 1,884 से बढ़कर 3,152 रुपये हो गई है. इसके अलावा बिजली बिल, किराना सामान और अन्य चीजों की कीमत भी बढ़ी है. छोटे होटल सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.
न्यूनतम वेतन बढ़ने से कर्मचारियों को राहत
कर्नाटक सरकार के नए फैसले के तहत बेंगलुरु में मजदूरों का न्यूनतम वेतन 23,376 रुपये प्रति माह कर दिया गया है. वहीं कुशल कर्मचारियों को 31,114 रुपये प्रति माह तक वेतन मिलेगा. लेबर मिनिस्टर संतोष लाड ने इसे श्रमिकों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की दिशा में बड़ा कदम बताया है.
यह भी पढ़ें: ईरान डील पर ट्रंप का सख्त संदेश, कहा जल्दबाजी नहीं करेंगे, समझौते में गलती की गुंजाइश नहीं