100 डॉलर के पार पहुंचा Brent Crude, रेड सी तनाव से कच्चे तेल में बड़ी तेजी; फिर बिगड़ा बाजार का सेंटीमेंट
पेट्रोलियम मंत्रालय की PPAC के आंकड़ों के अनुसार, भारत के कच्चे तेल का बास्केट भाव भी लगातार बढ़ रहा है. 22 जुलाई को यह 93.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. इससे पहले जुलाई को ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चला गया था. वहां से अब तक इसमें 45 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आ चुकी है.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब ग्लोबल मार्केट पर साफ दिखाई देने लगा है. गुरुवार को ब्रेंट क्रूड पहली बार मई के बाद 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया. इससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंता और बढ़ गई है. खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड की कीमत 100.79 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था, जो दिनभर में 7 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दिखा रहा था. यह मई के बाद कच्चे तेल का सबसे ऊंचा स्तर है. इससे भारतीय बाजार का सेंटीमेंट फिर बिगड़ा हुआ है.
हूती हमले के बाद बढ़ा तनाव
हूती समूह ने बुधवार को दावा किया कि उसने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया. यह हमला सऊदी सेना द्वारा सना एयरपोर्ट पर की गई कार्रवाई के कुछ दिनों बाद हुआ है. इस घटनाक्रम के बाद सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती समूह के बीच तनाव और बढ़ गया, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला.
सप्लाई को लेकर बढ़ी चिंता
जानकारों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. यही वजह है कि निवेशक फिलहाल हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है.
एशियाई बाजारों में भी बिकवाली
कच्चे तेल में उछाल और बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन का असर एशियाई शेयर बाजारों पर भी दिखा. सुबह 7:45 बजे तक लगभग सभी प्रमुख एशियाई बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे.
- GIFT Nifty 0.73 प्रतिशत टूटा
- Nikkei 225 में 2.97 प्रतिशत की गिरावट
- KOSPI 3.98 प्रतिशत फिसला
- Hang Seng 1.12 प्रतिशत नीचे
- Taiwan Weighted 1.19 प्रतिशत कमजोर
- Shanghai Composite 0.76 प्रतिशत गिरा
- Straits Times 0.59 प्रतिशत और Jakarta Composite 1.05 प्रतिशत नीचे रहे
इन संकेतों से माना जा रहा है कि भारतीय शेयर बाजार में भी कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत हो सकती है.
23 दिनों में 45 प्रतिशत से ज्यादा उछला कच्चा तेल
पेट्रोलियम मंत्रालय की PPAC के आंकड़ों के अनुसार, भारत के कच्चे तेल का बास्केट भाव भी लगातार बढ़ रहा है. 22 जुलाई को यह 93.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. इससे पहले जुलाई को ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चला गया था. वहां से अब तक इसमें 45 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आ चुकी है. लगातार बढ़ती कीमतें भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों के लिए महंगाई और चालू खाते के घाटे की चिंता बढ़ा सकती हैं.
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