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कैबिनेट ने बल्लारी-गुंतकल रेल विस्तार प्रोजेक्ट को दी मंजूरी, ₹1264 करोड़ से मिलेगा माल ढुलाई और कनेक्टिविटी को बढ़ावा

यह प्रोजेक्ट लोगों, सामान और सेवाओं की आवाजाही के लिए आसान कनेक्टिविटी देगा. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कुछ महीने पहले, कैबिनेट ने बल्लारी और होसापेटे के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बनाने की मंजूरी दी थी.

इंडियन रेलवे कंटेनर ट्रांसपोर्ट Image Credit: Getty image

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने शुक्रवार को कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बल्लारी-गुंतकल सेक्शन की तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी दे दी है. इस प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 1,264 करोड़ रुपये है. यह प्रोजेक्ट PM-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत तैयार किया गया है. इसका मकसद इंटीग्रेटेड प्लानिंग और स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत के जरिए मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स की क्षमता को बेहतर बनाना है.

आसान कनेक्टिविटी

यह प्रोजेक्ट लोगों, सामान और सेवाओं की आवाजाही के लिए आसान कनेक्टिविटी देगा. कर्नाटक और आंध्र प्रदेश राज्यों के 3 जिलों में फैले इस प्रोजेक्ट से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 46 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी. प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट से लगभग 99 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिनकी आबादी करीब सात लाख है.

क्षमता बढ़ने से देश भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों, जैसे बल्लारी किला, श्री कुमार स्वामी मंदिर आदि के लिए रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी.

ट्रांसपोर्टेशन के लिए जरूरी रूट

यह प्रस्तावित प्रोजेक्ट आयरन ओर, डोलोमाइट, चूना पत्थर, लोहा और स्टील, कोयला, फर्टिलाइजर, अनाज आदि जैसे सामानों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए एक जरूरी रूट है. क्षमता बढ़ाने के कामों से 16.22 MTPA (मिलियन टन प्रति वर्ष) का अतिरिक्त माल ढुलाई ट्रैफिक होगा.

एनर्जी एफिशिएंट

रेलवे ट्रांसपोर्टेशन का पर्यावरण के अनुकूल और एनर्जी एफिशिएंट साधन है. यह जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने और देश की लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में मदद करेगाय. साथ ही, इससे तेल का आयात (1.32 करोड़ लीटर) और CO2 उत्सर्जन (6.67 करोड़ किलोग्राम) कम होगा, जो 0.27 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है.

लाइन की क्षमता बढ़ने से आवाजाही में काफी सुधार होगा, जिससे भारतीय रेलवे की ऑपरेशनल क्षमता और सर्विस की विश्वसनीयता बेहतर होगी.

तैयार हो रहा DPR

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कुछ महीने पहले, कैबिनेट ने बल्लारी और होसापेटे के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बनाने की मंजूरी दी थी. आज, इसने गुंतकल और बल्लारी के बीच तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी दी है. होसापेटे और हुब्बल्ली के बीच तीसरी और चौथी लाइन के लिए DPR पहले से ही तैयार की जा रही है. एक बार जब ये प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे, तो हुब्बल्ली से अंकोला तक की नई रेलवे लाइन के साथ मिलकर, ये पूरे उत्तरी कर्नाटक में एक मजबूत आर्थिक कॉरिडोर बनाएंगे.

तीन साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट

आज मंजूर किया गया प्रोजेक्ट एक बड़ा प्रोजेक्ट है. यह 46 किलोमीटर तक फैला है और इसमें 1,264 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है. इससे कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी. इस प्रोजेक्ट में वेदावती नदी पर एक बड़ा पुल, सात अन्य बड़े पुल, 52 छोटे पुल शामिल हैं और इसे पूरा होने में अनुमानित तीन साल लगेंगे.

कुल मिलाकर कैबिनेट ने 4,294 करोड़ रुपये के दो इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल प्रस्तावों को मंजूरी दी है. इन फैसलों में बल्लारी-गुंतकल रेलवे लाइन के विस्तार के लिए फंडिंग और केमिकल सेक्टर को मजबूत करने के मकसद से ‘भव्य रसायन योजना’ शामिल है.

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