HDFC बैंक की जांच क्यों कर रहीं 3 अमेरिकी लॉ फर्म, 5 दिनों में 10 फीसदी से अधिक टूटे शेयर, जानें पूरा मामला

शुक्रवार को NSE पर HDFC बैंक के शेयर गिरकर 737.25 रुपये प्रति शेयर पर आ गए. पिछले वीकेंड Q1 के नतीजे आने के बाद से, भारत के इस सबसे बड़े प्राइवेट बैंक के शेयरों में पांच सेशन में 10 फीसदी की गिरावट आ चुकी है.

एचडीएफसी बैंक शेयर. Image Credit: Canva/ Money9

शुक्रवार को HDFC बैंक के शेयरों में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट आई. यह गिरावट तब आई, जब अमेरिका की तीन अलग-अलग लॉ फर्मों ने इस बात की जांच करने का ऐलान किया कि क्या इस भारतीय प्राइवेट बैंक ने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) को किए गए 45 करोड़ रुपये के पेमेंट को मार्केटिंग खर्च बताकर फेडरल सिक्योरिटीज कानूनों का उल्लंघन किया है.

शुक्रवार को NSE पर HDFC बैंक के शेयर गिरकर 737.25 रुपये प्रति शेयर पर आ गए. पिछले वीकेंड Q1 के नतीजे आने के बाद से, भारत के इस सबसे बड़े प्राइवेट बैंक के शेयरों में पांच सेशन में 10 फीसदी की गिरावट आ चुकी है.

HDFC बैंक की जांच 3 अमेरिकी लॉ फर्म क्यों कर रही हैं?

‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, लॉस एंजिल्स की ग्लैंसी प्रोंगे वॉल्के एंड रॉटर LLP, पेंसिल्वेनिया में हॉवर्ड जी. स्मिथ के लॉ ऑफिस और सेंचुरी सिटी में फ्रैंक आर. क्रूज़ के लॉ ऑफिस ने कहा है कि वे HDFC बैंक द्वारा सिक्योरिटीज़ कानून के संभावित उल्लंघन की जांच कर रहे हैं. वे उन शेयरधारकों को आगे आने के लिए कह रहे हैं जिन्हें नुकसान हुआ है.

क्लास एक्शन

इन तीनों लॉ फर्मों ने अभी तक यह नहीं बताया है कि क्या उनकी जांच औपचारिक ‘क्लास एक्शन’ फाइलिंग (सामूहिक कानूनी कार्रवाई) तक पहुंच गई है. ऐसे मामलों में अमेरिकी सिक्योरिटीज फर्म अक्सर शुरुआती जांच की घोषणाओं का इस्तेमाल फेडरल कोर्ट में याचिका दायर करने से पहले मुख्य वादी (लीड वादी) की पहचान करने के लिए करती हैं. इस प्रक्रिया में हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय लग सकता है.

जांच शुरू होने का आधार

खास बात यह है कि यह जांच एक ऐसी रिपोर्ट के आधार पर शुरू हुई जिसमें दावा किया गया था कि HDFC बैंक ने महाराष्ट्र की सड़क विकास एजेंसी से बड़े डिपॉजिट (जमा राशि) हासिल करने के लिए महाराष्ट्र सड़क विकास निगम को भुगतान किया था.

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ये भुगतान कथित तौर पर महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) को किए गए थे, जो राज्य सरकार की एक एजेंसी है. यह भुगतान पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के 18 मार्च को इस्तीफा देने से कुछ दिन पहले किया गया था.

डिफरेंशियल इंटरेस्ट

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की जांच, जो आंतरिक रिकॉर्ड पर आधारित थी, में पाया गया कि ये भुगतान महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम को डिफरेंशियल इंटरेस्ट (अंतर-ब्याज) के तौर पर किए जाने थे, यानी तय दर से ज्यादा ब्याज. हालांकि, MSRDC के खाते में ब्याज आय के तौर पर सीधे जमा करने के बजाय, इन फंड्स को कथित तौर पर बैंक के मार्केटिंग विभाग के जरिए भेजा गया और चार स्थानीय वेंडरों के माध्यम से सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान में योगदान के तौर पर दिखाया गया.

HDFC बैंक का खंडन

हालांकि, HDFC बैंक ने गड़बड़ी के आरोपों का पुरजोर खंडन किया है. बैंक ने एक बयान में कहा, ‘बैंक के पास मजबूत आंतरिक निगरानी, ​​ऑडिट और नियंत्रण प्रक्रियाएं और सिस्टम हैं. सभी मामलों को बैंक के तय नियमों के अनुसार निपटाया जाता है, और किसी भी आंतरिक समीक्षा के बाद अंतिम निर्णय लेने से पहले पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाता है. हम चुनिंदा जानकारी के आधार पर गड़बड़ी या दोष के किसी भी अनुमान को पूरी तरह खारिज करते हैं.

HDFC बैंक के शेयर की कीमत

HDFC बैंक के शेयरों में एक हफ्ते में लगभग 10% और एक महीने में 7% की गिरावट आई है, और 2026 में अब तक इसमें 25% से ज़्यादा की गिरावट देखी गई है. लंबे समय में इस भारतीय प्राइवेट बैंक के शेयरों ने एक साल में 26% और तीन साल में 12% का नेगेटिव रिटर्न दिया है, हालांकि पांच साल में इसमें 3% की बढ़त हुई है.

HDFC बैंक ने पिछले शनिवार को वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर (YoY) 5% की बढ़ोतरी के साथ 19,060 करोड़ रुपये की जानकारी दी, जबकि NII सालाना आधार पर 7% बढ़कर 33,534 करोड़ रुपये हो गया.

यह भी पढ़ें: HCLTech का बड़ा ऐलान, Sarvam के साथ मिलकर ओडिशा में ₹14257 करोड़ से बनाएगी AI डेटा सेंटर; शेयरों में उछाल