रईसों की लिस्ट में मुकेश अंबानी ने मारी लंबी छलांग, चीन के Zhang Yiming और गौतम अदाणी को ‘पछाड़ा’
सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में लगभग 12 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद मुकेश अंबानी की संपत्ति बढ़ गई, जिससे कंपनी की मार्केट वैल्यू में 19 बिलियन डॉलर से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई.
Highlights
- मुकेश अंबानी की नेट वर्थ बढ़ी.
- फोर्ब्स लिस्ट में 22वें स्थान पर मुकेश अंबानी.
- रिलायंस के रिकॉर्ड नतीजों से फायदा.
Mukesh Ambani Net Worth: फोर्ब्स की मंगलवार, 3 अक्टूबर को जारी रियल-टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट के मुताबिक, मुकेश अंबानी की नेट वर्थ 10.5 फीसदी बढ़कर 88.8 बिलियन डॉलर (लगभग 80,582 करोड़ रुपए) हो गई. ग्लोबल लेवल पर मुकेश अंबानी 22वें नंबर पर हैं, चीनी कंपनी बाइटडांस के सीईओ Zhang Yiming से आगे जो अब 84 बिलियन डॉलर की अनुमानित नेट वर्थ के साथ 25वें नंबर पर हैं. अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी 80.1 बिलियन डॉलर की नेट वर्थ के साथ 26वें पायदान पर हैं.
सोमवार को चढ़े रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर
सोमवार, 2 नवंबर को को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में लगभग 12 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद मुकेश अंबानी की दौलत बढ़ी, जिससे कंपनी की मार्केट वैल्यू में 19 बिलियन डॉलर से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई. यह फायदा तब हुआ जब कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए अपनी अब तक की सबसे मजबूत तिमाही फाइनेंशियल परफॉर्मेंस बताई, जिसमें रिकॉर्ड रेवेन्यू, EBITDA और नेट प्रॉफिट था जिसे इसके ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिज़नेस, डिजिटल सर्विसेज़ और रिटेल ऑपरेशन्स में मजबूत ग्रोथ से सपोर्ट मिला.
कंपनी का बढ़ा कंसोलिडेटेड रेवेन्यू
मनीकंट्रोल के मुताबिक, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू साल-दर-साल 28 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 3.62 लाख करोड़ रुपए हो गया जबकि EBITDA 24 फीसदी बढ़कर 62,409 करोड़ रुपए हो गया. नेट प्रॉफिट 34 फीसदी बढ़कर 29,550 करोड़ रुपए हो गया जो तिमाही रिकॉर्ड भी है.
O2C बिजनेस ने अब तक का सबसे मजबूत तिमाही परफॉर्मेंस दिया जिसमें रेवेन्यू साल-दर-साल 44.2 फीसदी बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपए और EBITDA 67.9 फीसदी बढ़कर 25,203 करोड़ रुपए हो गया. ट्रांसपोर्टेशन फ्यूल क्रैक्स जो रिफाइनिंग मार्जिन का एक माप है, एक साल पहले की तुलना में 3 से 3.7 गुना बढ़ा जो तिमाही के दौरान ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया.
कमाई की घोषणा के बाद एवेंडस स्पार्क के एक एनालिस्ट ने स्टॉक की रेटिंग ‘रिड्यूस’ से ‘Add’ कर दी है. ब्लूमबर्ग ने बताया कि इसका मतलब है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज में 2017 के बाद पहली बार ‘होल्ड’ या ‘सेल’ की कोई सलाह नहीं दी गई है. रिलायंस इंडस्ट्रीज में यह तेजी तब आई जब मुकेश अंबानी की सब्सिडियरी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने 28 अक्टूबर को मुंबई में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में अपने ट्रेडिंग डेब्यू पर 27 फीसदी की बढ़त हासिल की है.
17.54 लाख करोड़ से ज्यादा का मार्केट कैपिटलाइजेशन
मुकेश अंबानी के पिता धीरूभाई अंबानी ने 1957 में कंपनी शुरू की थी. इस कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन भारत में सबसे ज्यादा है जो 17.54 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है. जियो प्लेटफॉर्म्स इसकी डिजिटल सर्विस और टेलीकम्युनिकेशन ब्रांच, भारत की सबसे बड़ी मोबाइल कैरियर है, इसके जून तक 533 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर थे.
जियो प्लेटफॉर्म्स का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग भारत के इतिहास में सबसे बड़ा था, इसने लगभग 106 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर 3.2 बिलियन डॉलर जुटाए. रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास कंपनी में लगभग 66 फीसदी हिस्सेदारी है जो 28 अक्टूबर को लिस्ट हुई है.
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