चांदी की कीमत 10 महीने के निचले स्तर पर, 2 लाख रुपये के नीचे आया भाव; सोना हुआ इतना सस्ता

Gold-Silver Price Today: वैश्विक सर्राफा बाजारों में कमजोरी और डॉलर के मजबूत होने का असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ा. 'US फेडरल रिजर्व की 28 अक्टूबर को होने वाली मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशक सतर्क हैं. घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद है.

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट. Image Credit: Canva/ Money9

Gold-Silver Price Today: मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमतें 10 महीने से अधिक समय में पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से नीचे आ गईं. वहीं, सोने की कीमत में 500 रुपये की गिरावट आई. वैश्विक सर्राफा बाजारों में कमजोरी और डॉलर के मजबूत होने का असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ा.

10 महीने के निचले स्तर पर चांदी का भाव

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, चांदी की कीमत 4,000 रुपये गिरकर 1.98 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पर आ गई, जो पिछले 10 महीनों का निचला स्तर है. इससे पिछले सत्र में चांदी 2.02 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी. 16 दिसंबर को चांदी का भाव 1,98,500 रुपये प्रति किलोग्राम था.

सोने की कीमत में कितनी गिरावट?

99.9 फीसदी प्योरिटी वाले सोने की कीमत भी 500 रुपये घटकर 1,45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गई. सोमवार को यह 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था.

सोने-चांदी की कीमतों में क्यों आई गिरावट?

LKP सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट (VP) जतिन त्रिवेदी ने कहा, ‘डॉलर के मजबूत होने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती मेटल्स की कीमतों में लगातार कमजोरी के कारण घरेलू बाजार में सोना दबाव में रहा.’

आगे के रुझान पर त्रिवेदी ने कहा कि घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद है, और निकट भविष्य में यह 1.40 लाख से 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में रह सकती हैं.

ग्लोबल मार्केट में गोल्ड-सिल्वर का भाव

वैश्विक बाजारों में स्पॉट गोल्ड मामूली गिरावट के साथ 4,011.44 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी 1 फीसदी से अधिक गिरकर 53.41 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई.

तेल की कीमतों में नरमी से राहत

निवेश प्लेटफॉर्म ‘मुद्रेक्स’ (Mudrex) के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3 महीने के निचले स्तर 3,975 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने के बाद अब 4,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर हो रहा है. तेल की कीमतों में नरमी से कुछ राहत मिली है.’

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म ‘लेमन’ (Lemonn) के रिसर्च हेड, गौरव गर्ग ने कहा कि चांदी का प्रदर्शन सोने के मुकाबले कमजोर है. 54 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे इसमें भारी बिकवाली का दबाव दिख रहा है, जो कि 11 महीने के निचले स्तर के करीब है. साथ ही, औद्योगिक मांग को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं.

US फेडरल रिजर्व की घोषणा पर नजर

HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी सीनियर एनालिस्ट, सौमिल गांधी ने कहा, ‘US फेडरल रिजर्व की 28 अक्टूबर को होने वाली मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशक सतर्क हैं. इस बैठक में ब्याज दरों पर लिया जाने वाला फैसला और चेयरमैन केविन वॉर्श द्वारा दिए जाने वाले संकेत, बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं.’

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