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₹1000 करोड़ की AI डील और मुनाफे में 334.8% की छलांग, भारत के GPU बूम से इन 2 शेयरों को मिल रही रफ्तार

AI Driven Stocks: दोनों कंपनियां भारत में GPU इंफ्रास्ट्रक्चर, AI कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रही हैं. हालांकि, दोनों शेयरों का वैल्यूएशन भी ऊंचे स्तर पर है. दोनों कंपनियां निवेशकों के रडार पर हैं.

2 शेयरों को मिल रही रफ्तार Image Credit: Canva/ Money9

Highlights

  • ई2ई नेटवर्क्स क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और GPU कंप्यूटिंग सेवाएं उपलब्ध कराती है.
  • नेटवेब टेक्नोलॉजीज भारत में प्राइवेट क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती है.
  • दोनों कंपनियों के आंकड़े मजबूत हैं, लेकिन शेयरों के वैल्यूएशन पर ध्यान देना जरूरी है.

AI Driven Stocks: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग के बीच दो कंपनियां निवेशकों के रडार पर हैं. इनमें ई2ई नेटवर्क्स (E2E Networks) को 1,000 करोड़ रुपये की बड़ी AI डील से कारोबार की लंबी अवधि की संभावनाएं मिली हैं, जबकि नेटवेब टेक्नोलॉजीज (Netweb Technologies) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मुनाफे में 334.8% की जोरदार बढ़त दर्ज की है.

दोनों कंपनियां कर रही हैं विस्तार

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की 28 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों कंपनियां भारत में GPU इंफ्रास्ट्रक्चर, AI कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रही हैं. हालांकि, दोनों शेयरों का वैल्यूएशन भी ऊंचे स्तर पर है. ऐसे में कारोबार की तेज ग्रोथ के साथ मुनाफे को बनाए रखना इनके लिए बड़ी चुनौती होगी.

1,000 करोड़ रुपये की डील से जून 2029 तक कारोबार को सहारा

ई2ई नेटवर्क्स क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और GPU कंप्यूटिंग सेवाएं उपलब्ध कराती है. कंपनी के डेटा सेंटर दिल्ली-एनसीआर और चेन्नई में हैं. यह AI मॉडल की ट्रेनिंग, इन्फरेंस और अन्य कंप्यूटिंग जरूरतों के लिए GPU क्षमता उपलब्ध कराती है.

कंपनी की सबसे बड़ी खासियत भारतीय सॉवरेन AI कंपनी के साथ हुई करीब 1,000 करोड़ रुपये की बाध्यकारी डील है. इसके तहत कंपनी NVIDIA Blackwell GPU आधारित क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराएगी. यह समझौता जून 2029 तक के लिए है. इससे कंपनी को आने वाले वर्षों में रेवेन्यू का बेहतर आउटलुक मिल सकता है.

दूसरी तिमाही में 410.8% बढ़ा रेवेन्यू

ई2ई नेटवर्क्स के वित्तीय नतीजे बताते हैं कि GPU क्षमता के इस्तेमाल और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ने से कंपनी के कारोबार में तेजी आई है.

वित्तीय प्रदर्शनQ2 FY26Q2 FY27
रेवेन्यू₹43.9 करोड़ के आसपास*₹223.8 करोड़
EBITDA₹18 करोड़₹171.5 करोड़
EBITDA मार्जिन41.1% के आसपास76.6%
शुद्ध मुनाफा/नुकसान₹13 करोड़ का नुकसान₹73 करोड़ का मुनाफा
रेवेन्यू और शुरुआती EBITDA मार्जिन की गणना रिपोर्ट में दिए गए सालाना ग्रोथ और आंकड़ों के आधार पर अनुमानित है. बाकी आंकड़े रिपोर्ट के अनुसार हैं.

दूसरी तिमाही में 410.8% बढ़ा रेवेन्यू

कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 410.8% बढ़कर 223.8 करोड़ रुपये हो गया. EBITDA 18 करोड़ रुपये से बढ़कर 171.5 करोड़ रुपये पहुंच गया और EBITDA मार्जिन 76.6% रहा. कंपनी ने पिछले साल की समान तिमाही में हुए 13 करोड़ रुपये के नुकसान के मुकाबले इस बार करीब 73 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया.

इस प्रदर्शन के पीछे NVIDIA Blackwell B200 GPU की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल, मजबूत प्राप्ति दर और परिचालन स्तर पर बढ़त अहम वजहें रहीं.

5100 लाइव GPU और क्षमता बढ़ाने की तैयारी

ई2ई नेटवर्क्स के पास Q2 FY27 में लगभग 5,100 लाइव क्लाउड GPU थे. इनमें करीब 3,000 NVIDIA Hopper और 1,024 NVIDIA Blackwell B200 GPU शामिल हैं. कंपनी 1,024 अतिरिक्त B200 GPU की एक और खेप तैनात कर रही है, जिसके Q3 FY27 में चालू होने की योजना है.

कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले समय में GPU क्षमता के विस्तार और अपने TIR तथा Jarvislabs.ai प्लेटफॉर्म के जरिए कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी. प्रबंधन ने मिड से लॉन्ग टर्म में EBITDA मार्जिन 70% से ऊपर बनाए रखने की उम्मीद जताई है. हालांकि, इसके लिए नई क्षमता का पर्याप्त इस्तेमाल और मौजूदा मार्जिन को बनाए रखना जरूरी होगा.

नेटवेब टेक्नोलॉजीज: मुनाफा 334.8% बढ़कर 136.7 करोड़ रुपये

नेटवेब टेक्नोलॉजीज भारत में हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, AI सिस्टम, डेटा सेंटर सर्वर, स्टोरेज और प्राइवेट क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती है. कंपनी सरकारी संस्थानों, डिफेंस सेक्टर, शोध संस्थानों और बड़े कॉरपोरेट ग्राहकों को सेवाएं देती है.

कंपनी के AI सिस्टम से होने वाले रेवेन्यू में सालाना आधार पर 1,068.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. इसके बावजूद ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन 14.9% पर स्थिर रहा. रिपोर्ट के अनुसार, कंपोनेंट की बढ़ती कीमतों के बीच मार्जिन बनाए रखना कंपनी के प्रदर्शन का अहम पहलू रहा

2,629 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक, 11,151.8 करोड़ रुपये की पाइपलाइन

प्रमुख कारोबारी आंकड़ेविवरण
कन्फर्म ऑर्डर बुक₹2,629 करोड़
L1 पोजिशन₹652.5 करोड़
सक्रिय ऑर्डर पाइपलाइन₹11,151.8 करोड़
FY27 रेवेन्यू लक्ष्य₹4,000 करोड़
अगले 2–3 वर्षों का सालाना ग्रोथ लक्ष्य30–40%

L1 पोजिशन का मतलब किसी टेंडर में सबसे कम बोली लगाने वाली स्थिति से है. यह अपने आप में अंतिम ऑर्डर मिलने की गारंटी नहीं है.

कंपनी का लक्ष्य

कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 में 4,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल करना है. प्रबंधन अगले दो से तीन वर्षों में 30–40% की सालाना वृद्धि बनाए रखने की उम्मीद कर रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अपनी सक्रिय ऑर्डर पाइपलाइन का करीब 60% ऑर्डर में बदलने में सफल रहती है. सामान्य तौर पर ऑर्डर को पूरा करने में 10 से 16 सप्ताह लगते हैं. इसके अलावा, कंपनी NVIDIA के Vera Rubin GPU आर्किटेक्चर पर आधारित सिस्टम भी डेवलप कर रही है, जिनकी व्यावसायिक तैनाती जनवरी 2027 में प्रस्तावित है.

दोनों शेयरों का वैल्यूएशन कितना महंगा?

दोनों कंपनियों के कारोबारी आंकड़े मजबूत हैं, लेकिन शेयरों के वैल्यूएशन पर भी ध्यान देना जरूरी है. रिपोर्ट में 26 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के आधार पर दोनों कंपनियों के EV/EBITDA मल्टीपल उनके पिछले तीन वर्षों के औसत से ऊपर बताए गए हैं.

वैल्यूएशन और रिटर्नई2ई नेटवर्क्सनेटवेब टेक्नोलॉजीज
EV/EBITDA मल्टीपल27.1 गुना46.4 गुना
3 साल का औसत EV/EBITDA20 गुना10.7 गुना
ROCE-0.5%37.5%
ROE-1%32.8%
स्रोत: Screener.in के आंकड़ों पर आधारित फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट, 26 अक्टूबर 2026.

ई2ई नेटवर्क्स का मौजूदा EV/EBITDA मल्टीपल 27.1 गुना है, जबकि इसका तीन साल का औसत 20 गुना रहा है. कंपनी का ROCE -0.5% और ROE -1% है. इसका मतलब है कि तेज रेवेन्यू ग्रोथ और बेहतर EBITDA के बावजूद पूंजी पर रिटर्न के मामले में कंपनी को अभी सुधार करना है.

नेटवेब का EV/EBITDA

दूसरी ओर, नेटवेब का EV/EBITDA मल्टीपल 46.4 गुना है, जो इसके तीन साल के औसत 10.7 गुना से काफी ज्यादा है. हालांकि, कंपनी का ROCE 37.5% और ROE 32.8% है. इससे उसकी पूंजी के इस्तेमाल और शेयरधारकों की इक्विटी पर रिटर्न की बेहतर स्थिति का संकेत मिलता है.

निवेशकों को किन जोखिमों पर नजर रखनी चाहिए?

भारत में AI मॉडल की ट्रेनिंग, इन्फरेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर के विस्तार से दोनों कंपनियों के लिए कारोबारी अवसर बढ़ रहे हैं. सरकार की IndiaAI Mission और घरेलू कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने वाली पहल भी इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.