Gold-Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी, इतने रुपये बढ़ गए दाम

Gold-Silver Price Today: एनालिस्ट का कहना है कि अमेरिका में लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदों के कारण बुलियन की कीमतों में बढ़त सीमित रह सकती है. पिछले सेशन में चांदी 2,40,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, जिसमें 8,040 रुपये की गिरावट आई थी.

गोल्ड-सिल्वर के दाम Image Credit: Money9 Live

Gold-Silver Price Today: सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में कीमती मेटल्स की कीमतों में सुधार हुआ. ग्लोबल मार्केट में बढ़त और रुपये की कीमत में गिरावट के कारण सोना 1,700 रुपये बढ़कर 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि चांदी की कीमत में 4,800 रुपये का उछाल आया.

टूटा गिरावट का सिलसिला

ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, 99.9 फीसदी प्योरिटी वाले सोने ने लगातार चार दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और शुक्रवार के 1,50,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के क्लोजिंग लेवल से 1,700 रुपये बढ़कर 1,52,300 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पर बंद हुआ.

चांदी की कीमत में उछाल

चांदी की कीमत भी 4,800 रुपये बढ़कर 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई. पिछले सेशन में चांदी 2,40,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, जिसमें 8,040 रुपये की गिरावट आई थी.

क्यों आई सोने-चांदी की कीमतों में तेजी?

ट्रेडर्स ने कहा कि रुपये की कीमत में गिरावट और विदेशी बाजारों में मजबूती के कारण पिछले हफ्ते आई भारी गिरावट के बाद बुलियन (सोने-चांदी) की मांग में फिर से तेजी आई.

HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटीज सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, ‘सोमवार को सोने की कीमतों में थोड़ी बढ़त हुई, क्योंकि इन्वेस्टर्स ने बेहतर होते जियो-पॉलिटिकल माहौल और लंबे समय तक ऊंचे अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीदों के बीच संतुलन बनाया.’

इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड-सिल्वर

इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 49.93 USD या 1.2 फीसदी बढ़कर 4,210.19 USD प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 2.4 फीसदी बढ़कर 66.47 USD प्रति औंस हो गई.

मिराए एसेट शेरखान के कमोडिटीज और करेंसी हेड प्रवीण सिंह ने कहा, ‘स्पॉट गोल्ड और चांदी की कीमतों में बढ़त देखी गई, क्योंकि अमेरिका और ईरान स्विट्जरलैंड में बातचीत के दौरान अंतिम समझौते के लिए एक रोडमैप पर सहमत हुए हैं.’

उन्होंने कहा कि अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों के सीजफायर (युद्धविराम) के दौरान ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और प्रतिबंधों सहित कई मुद्दों पर टेक्निकल बातचीत जारी रहेगी.

सीमित रह सकती है बढ़त

हालांकि, एनालिस्ट का कहना है कि अमेरिका में लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदों के कारण बुलियन की कीमतों में बढ़त सीमित रह सकती है. मार्केट में शामिल लोग ब्याज दरों की चाल के बारे में नए संकेत पाने के लिए इस हफ्ते आने वाले US लेबर मार्केट के अहम डेटा का भी इंतजार कर रहे हैं.

LKP सिक्योरिटीज में कमोडिटी और करेंसी के VP रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा, ‘अब ध्यान इस हफ्ते आने वाले US नॉन-फार्म पेरोल्स और बेरोजगारी के डेटा पर है, जो सोने की कीमतों में अगली बड़ी हलचल की वजह बन सकते हैं.’

यह भी पढ़ें: Bajaj Auto ने 5633 करोड़ रुपये के बायबैक को दी मंजूरी, 12000 रुपये में वापस शेयर खरीदेगी कंपनी