‘मैं बुरी तरह डर गया था’, नितिन कामथ को याद आई पुरानी बात, जब मुकेश अंबानी के साथ लिस्ट में शामिल था उनका नाम
कामथ ने बुधवार को लिंक्डइन पर 2015 की उस लिस्ट का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया. इसमें अंबानी पहले नंबर पर थे, जबकि कामथ छठे स्थान पर थे. उस समय, जेरोधा ने हाल ही में डिलीवरी ब्रोकरेज को मुफ्त किया था.

जेरोधा के फाउंडर और CEO नितिन कामथ ने याद किया कि कैसे 2016 में ‘इकोनॉमिक टाइम्स’ की ‘बिजनेसमैन टू वॉच’ की सूची में उनका नाम रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के साथ शामिल था. उन्होंने इस बात पर भी चर्चा की कि कैसे बाद में जियो ने भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बदलने में मदद की.
कामथ ने बुधवार को लिंक्डइन पर 2015 की उस लिस्ट का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया. इसमें अंबानी पहले नंबर पर थे, जबकि कामथ छठे स्थान पर थे. उस समय, जेरोधा ने हाल ही में डिलीवरी ब्रोकरेज को मुफ्त किया था और जियो टेलीकॉम बाजार में उतरने की तैयारी कर रहा था.
हैरान हुए थे कामथ
उस लिस्ट को याद करते हुए, कामथ ने कहा कि उन्हें यह देखकर हैरानी हुई कि उनका नाम उन कारोबारियों की सूची में शामिल था, जिन पर सबकी नजरें थीं, जबकि उस समय जेरोधा एक बहुत छोटी कंपनी थी.
उन्होंने कहा, ‘जब 2015 में जियो लॉन्च होने की तैयारी कर रहा था, तो मुझे याद है कि ‘इकोनॉमिक टाइम्स’ की 2016 के लिए ’10 बिजनेसमैन टू वॉच’ की सूची में अपना नाम देखकर मैं घबरा गया था. मुकेश अंबानी पहले नंबर पर थे और मैं छठे नंबर पर, मुख्य रूप से इसलिए क्योंकि हमने अभी-अभी डिलीवरी ब्रोकरेज को मुफ्त किया था. रिलायंस और जियो के सामने हम तब भी एक चींटी के समान थे, और आज भी हैं.’
जियो ने बदला कारोबार का तरीका
उन्होंने कहा कि आज जब वे पीछे मुड़कर देखते हैं, तो सबसे खास बात यह नहीं है कि जियो कितना बड़ा हो गया, बल्कि यह है कि इसने भारत में कारोबार करने के तरीके को कितना बदल दिया.
कामथ ने कहा, ‘पीछे मुड़कर देखने पर, सबसे अद्भुत बात सिर्फ यह नहीं है कि यह कितना बड़ा हो गया है. बल्कि यह है कि इसने भारत को कितना बदल दिया है और कितने ही व्यवसायों को शुरू होने और आगे बढ़ने में मदद की है.’
जियो ने जेरोधा जैसे बिजनेस की कैसे मदद की
जेरोधा उन में से एक था, जिन्हें पिछले एक दशक में विकसित हुए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से फायदा मिला. कामथ ने इसका श्रेय आधार (Aadhaar) और UPI को दिया, साथ ही जियो और एयरटेल का भी जिक्र किया, जिन्होंने मोबाइल डेटा को सस्ता बनाया और लाखों भारतीयों को ऑनलाइन लेकर आए.
उन्होंने कहा, ‘आधार और UPI के बिना जेरोधा आज जो है, वह नहीं होता. लेकिन जियो और एयरटेल का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण था, जिन्होंने सस्ते डेटा के जरिए लाखों भारतीयों को ऑनलाइन जोड़ा.’
कामथ के अनुसार, डिजिटल पहुंच के इस विस्तार ने कोविड के बाद भारत के कैपिटल मार्केट में तेजी से ग्रोथ के लिए अनुकूल माहौल बनाने में भी मदद की.
उन्होंने कहा, ‘इन सबने मिलकर कोविड के बाद भारतीय कैपिटल मार्केट के बड़े विस्तार को संभव बनाया. इस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना, कई ऑनलाइन-फर्स्ट व्यवसाय बहुत छोटे होते, और आज के कई उपभोक्ता बिजनेस मॉडल शायद अस्तित्व में ही नहीं होते.’
13 करोड़ से अधिक निवेशक
कामथ ने बाजारों में निवेश करने वाले भारतीयों की संख्या में हुई बढ़ोतरी को इस बदलाव के एक पैमाने के रूप में बताया. उन्होंने कहा, ‘2016 में भारत में लगभग 2 करोड़ यूनिक निवेशक थे. आज, 13 करोड़ से ज्यादा भारतीय बाजारों में निवेश करते हैं, और इसमें जियो (Jio) की बड़ी भूमिका रही है.’
उन्होंने यह नहीं बताया कि निवेशकों को जियो के आने वाले IPO के लिए आवेदन करना चाहिए या नहीं. इसके बजाय, कामथ ने एक दिलचस्प बात की ओर इशारा किया. टेलीकॉम कंपनियों द्वारा तैयार किए गए डिजिटल इकोसिस्टम ने अब कैपिटल के जरिए जियो को फंड जुटाने में मदद की है.
दूसरों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमारी सफलता
उन्होंने कहा, ‘मैं यह नहीं बता सकता कि आपको आने वाले IPO के लिए आवेदन करना चाहिए या नहीं. लेकिन इन टेलीकॉम कंपनियों ने हमारे जैसे भारतीय व्यवसायों की एक पूरी जेनरेशन को खड़ा करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है. यह अच्छी बात है कि जिन कैपिटल मार्केट को विकसित करने में उन्होंने मदद की, वे अब जियो को पैसा जुटाने में मदद कर सकते हैं.’
कामथ ने अपनी पोस्ट का समापन सफल व्यवसायों के पीछे मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में एक व्यापक टिप्पणी के साथ किया. उन्होंने कहा, ‘बाहर से देखने पर यह समझना मुश्किल हो सकता है कि हमारी सफलता का कितना बड़ा हिस्सा दूसरों द्वारा बनाए गए इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करता है.