दिग्गज निवेशक डॉली खन्ना के पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव, रेन इंडस्ट्रीज पर दांव; इस कंपनी के 4 लाख शेयर बेचे

Dolly Khanna Portfolio: इन बदलावों से पता चलता है कि उन्होंने इंडस्ट्रियल कार्बन और केमिकल्स के सेक्टर में नया निवेश किया है. रेन इंडस्ट्रीज एक महत्वपूर्ण नया निवेश बनकर उभरा है, जबकि हिस्सेदारी कम होने के बावजूद CPCL उनके पोर्टफोलियो में सबसे बड़ी होल्डिंग बनी हुई है.

डॉली खन्ना के पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव. Image Credit: money9live.com

Highlights

  • रेन इंडस्ट्रीज एक महत्वपूर्ण नया निवेश बनकर उभरा है.
  • रेन इंडस्ट्रीज औद्योगिक कार्बन उत्पादों और केमिकल के क्षेत्र में काम करती है.
  • चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CPCL) में अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है.

Dolly Khanna Portfolio: दिग्गज निवेशक डॉली खन्ना ने सितंबर 2026 तिमाही के दौरान अपने स्टॉक पोर्टफोलियो में बदलाव किया है. उन्होंने ‘रेन इंडस्ट्रीज’ (Rain Industries) को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया है, जबकि ‘चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ (CPCL) में अपनी हिस्सेदारी कम की है.

इन बदलावों से पता चलता है कि उन्होंने इंडस्ट्रियल कार्बन और केमिकल्स के सेक्टर में नया निवेश किया है, साथ ही एक ऐसी कंपनी से अपना कुछ मुनाफा भी निकाला है (प्रॉफिट बुकिंग की है) जो उनके सार्वजनिक रूप से घोषित पोर्टफोलियो में अभी भी सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखती है.

कितनी है पोर्टफोलियो की वैल्यू?

मिंट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के अंत में डॉली खन्ना के सार्वजनिक रूप से घोषित पोर्टफोलियो की वैल्यू लगभग 397.61 करोड़ रुपये थी, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 23.15% अधिक है. उनके पति राजीव खन्ना द्वारा प्रबंधित यह पोर्टफोलियो मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग, मेटल्स, केमिकल्स और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों की स्मॉल-कैप और मिड-कैप कंपनियों पर केंद्रित है.

डॉली खन्ना का नया निवेश

रेन इंडस्ट्रीज एक महत्वपूर्ण नया निवेश बनकर उभरा है, जबकि हिस्सेदारी कम होने के बावजूद CPCL उनके पोर्टफोलियो में सबसे बड़ी होल्डिंग बनी हुई है. उन्होंने सवेरा इंडस्ट्रीज में भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जबकि प्रकाश इंडस्ट्रीज में अपनी होल्डिंग थोड़ी कम की है.

रेन इंडस्ट्रीज को शामिल किया, CPCL में हिस्सेदारी घटाई

सबसे बड़ा बदलाव रेन इंडस्ट्रीज में खन्ना की नई होल्डिंग है. उन्होंने 1.72% हिस्सेदारी खरीदी है, जो 57.98 लाख शेयरों के बराबर है और इसका मूल्य लगभग 129.94 करोड़ रुपये है. इस निवेश के साथ, रेन इंडस्ट्रीज उनके पोर्टफोलियो में दूसरी सबसे बड़ी होल्डिंग बन गई है. इससे पहले मार्च तिमाही में उनके पास इस स्टॉक में 1.1% हिस्सेदारी थी, लेकिन जून तिमाही में यह 1% से नीचे आ गई थी.

रेन इंडस्ट्रीज का कारोबार

रेन इंडस्ट्रीज औद्योगिक कार्बन उत्पादों और केमिकल के क्षेत्र में काम करती है. खन्ना के निवेश ने इस स्टॉक को उनके पोर्टफोलियो के प्रमुख निवेशों में शामिल कर दिया है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं होता कि उन्होंने यह निवेश किस आधार पर किया है या क्या यह किसी बड़े बदलाव (टर्नअराउंड) की उम्मीद को दर्शाता है. पिछले 1 हफ्ते में इसमें 12%, 1 महीने में 2% और 3 महीनों में 7% की गिरावट आई है. हालांकि, पिछले 6 महीनों में इसमें 58% और 1 साल में 62% की तेजी आई है.

4 लाख शेयरों की बिक्री

इस बीच, खन्ना ने चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CPCL) में अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है. लगभग 4 लाख शेयर बेचने के बाद, उनकी हिस्सेदारी 1.30% से घटकर 1.02% रह गई है. हिस्सेदारी कम होने के बावजूद, CPCL उनके पोर्टफोलियो में सबसे बड़ी होल्डिंग बनी हुई है, जिसकी वैल्यू लगभग 216.82 करोड़ रुपये है.

पिछले 12 महीनों में CPCL के शेयरों में 82% से अधिक की तेजी आई है. पिछले 6 महीनों में इसमें 38% और 3 महीनों में 13% की वृद्धि हुई है. वहीं, पिछले 5 वर्षों में इसमें 959% का उछाल आया है.

सवेरा इंडस्ट्रीज में बढ़ी हिस्सेदारी

सवेरा इंडस्ट्रीज के मामले में स्थिति इसके उलट रही. खन्ना ने इसमें अपनी हिस्सेदारी 0.38 फीसदी बढ़ाकर 2.08% कर दी है, जिसकी वैल्यू लगभग 4 करोड़ रुपये है. इस निवेश से हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में उनका एक्सपोजर बढ़ गया है. सवेरा इंडस्ट्रीज लिमिटेड भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में ‘सवेरा होटल’ के जरिए काम करती है. यह ठहरने की सुविधा, डाइनिंग, बार, अन्य सुविधाएं, बैंक्वेट हॉल और इवेंट के लिए जगह उपलब्ध कराती है. 1968 में स्थापित, चेन्नई की यह कंपनी होटल व्यवसाय में एक जाना-माना नाम है.

दबाव में शेयर

इस कंपनी के शेयर दबाव में रहे हैं. पिछले एक महीने में इसमें 6%, तीन महीनों में 8%, छह महीनों में 8% और पिछले एक साल में 5% की गिरावट आई है. हालांकि, लंबे समय में इसका प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है, और इसने 206% का शानदार (मल्टीबैगर) रिटर्न दिया है.

प्रकाश इंडस्ट्रीज में कम हुई हिस्सेदारी

प्रकाश इंडस्ट्रीज में खन्ना ने अपनी हिस्सेदारी 0.34 फीसदी कम कर दी है. अब उनके पास 2.12% हिस्सेदारी बची है, जिसका मूल्य लगभग 39.46 करोड़ रुपये है.

1980 में स्थापित और नई दिल्ली हेडक्वार्टर वाली प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड स्टील उत्पादों का निर्माण करती है. इनमें स्पंज आयरन, बिलेट्स, वायर रॉड्स और TMT बार शामिल हैं. कंपनी फेरो अलॉय, लौह अयस्क (आयरन ओर) और कोयला खनन, तथा विंड एनर्जी उत्पादन के क्षेत्रों में भी काम करती है.

पिछले तीन महीनों में इसके शेयर में 5 फीसदी, छह महीनों में 16 फीसदी और पिछले एक साल में 26 फीसदी की गिरावट आई है.

निवेश के पैटर्न में बदलाव

निवेशरेन इंडस्ट्रीज के शामिल होने से खन्ना की घोषित होल्डिंग्स (निवेश) के स्वरूप में काफी बदलाव आया है. हिस्सेदारी कम होने के बावजूद, CPCL अभी भी उनके पोर्टफोलियो में सबसे बड़ा निवेश बनी हुई है. सवेरा इंडस्ट्रीज में हिस्सेदारी बढ़ने और प्रकाश इंडस्ट्रीज में कुछ हिस्सेदारी कम होने से उनके कुल निवेश पोर्टफोलियो का स्वरूप और बदल गया है.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.