UK के साथ 15 जुलाई से लागू होगा ट्रेड एग्रीमेंट; EU के साथ 2026 के अंत तक साइन होगा FTA; जानें पूरी डिटेल
भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 2026 के अंत तक साइन होने की उम्मीद है. जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और EU की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच हुई बैठक में इस पर सहमति बनी. यह समझौता वैश्विक जीडीपी के लगभग एक चौथाई हिस्से को कवर करेगा.

India EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से चल रही मुक्त व्यापार समझौता यानी FTA अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. EU की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने घोषणा की है कि भारत और यूरोपीय संघ 2026 के अंत तक इस ऐतिहासिक समझौते पर साइन करेंगे. जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं के बीच हुई बैठक में व्यापार, निवेश, सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई.
2026 के अंत तक साइन होगा FTA
EU की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर इस वर्ष के अंत तक साइन कर दिए जाएंगे. उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष अपनी प्रतिबद्धताओं को तेजी से पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं. इसके साथ ही निवेश समझौते पर भी तेजी से काम आगे बढ़ाया जाएगा.
15 जुलाई से लागू होगा UK से साथ FTA
वहीं ब्रिटेन सरकार ने घोषणा की है कि भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 15 जुलाई 2026 से लागू होगा. फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई चर्चा के बाद यह घोषणा की गई. भारत की ओर से ब्रिटेन के 1 जुलाई से लागू होने वाले नए स्टील टैरिफ को लेकर चिंताएं जताई गई थीं, लेकिन दोनों देशों ने इन मुद्दों के बावजूद समझौते को आगे बढ़ाने पर सहमति बनाई.
बड़ी व्यापारिक डील में होगी गिनती
यह समझौता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह FTA दुनिया की लगभग एक चौथाई जीडीपी को कवर करेगा. समझौते के बाद भारत से यूरोपीय संघ को होने वाले 99 फीसदी निर्यात पर टैरिफ में कमी आएगी, जबकि यूरोपीय संघ के 97 फीसदी से अधिक निर्यात पर भारत में चार्ज कम होगा.
व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
भारत और यूरोपीय संघ का मानना है कि यह समझौता दोनों पक्षों के लिए व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा करेगा. मौजूदा वैश्विक भू राजनीतिक चुनौतियों के बीच यह डील सप्लाई चेन को मजबूत और डायवर्स बनाने में भी मदद करेगी. इससे भारतीय निर्यातकों को यूरोप के बड़े बाजार तक बेहतर पहुंच मिल सकती है.
यह भी पढ़ें- PM मोदी ने G7 समिट के दौरान ट्रंप के साथ की मुलाकात, द्विपक्षीय बैठक में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर भी जोर
बैठक में केवल व्यापार ही नहीं बल्कि सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर भी चर्चा हुई. दोनों पक्षों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई. इसके अलावा भारत मध्य पूर्व यूरोप आर्थिक गलियारे यानी IMEC परियोजना को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया.